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पति MLA..पत्नी डॉक्टर, दोनों ने कर दिया अंगदान, जानें कौन हैं मिसाल पेश करने वाले दंपती?

नबीनगर से जदयू विधायक चेतन आनंद और उनकी पत्नी ने अपना अंगदान कर मिसाल कायम किया है. आइये जानते हैं कौन हैं चेतन आनंद?

जदयू विधायक चेतन आनंद पत्नी डॉ. आयुषी
जदयू विधायक चेतन आनंद पत्नी डॉ. आयुषी (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : December 9, 2025 at 5:52 PM IST

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Updated : December 9, 2025 at 8:51 PM IST

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पटना: अंगदान की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है. महर्षि दधीचि ने लोक कल्याण के लिए अपनी अस्थि दान की थी. उनकी अस्थी से वज्र का निर्माण किया गया था, जिससे वृत्रासुर नामक राक्षस का वध हुआ था. इसका उल्लेख शास्त्रों में है.

चेतन आनंद ने पत्नी संग किया अंगदान: भारत में कई ऐसे सेलिब्रिटी और राजनेता हुए, जिन्होंने अपना अंगदान किया. इन्हीं लोगों में बिहार के जदयू विधायक चेतन आनंद और उनकी पत्नी का भी नाम जुड़ गया. चेतन आनंद औरंगाबाद जिले के नबीनगर विधानसभा से विधायक हैं. इनकी पत्नी आयुषी सिंह डॉक्टर हैं.

ईटीवी भारत GFX
ईटीवी भारत GFX (ETV Bharat)

8-8 अंगों को दान किया: ईटीवी भारत के साथ बातचीत में चेतन आनंद और उनकी पत्नी ने बताया कि दोनों ने अपने 8-8 अंगों को दान किया है. स्टेट ऑर्गन एंड टिशु ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन, जो बिहार के IGIMS के तहत ऑर्गेनाइज होती है, उस संस्था को दोनों पति-पत्नी ने अंग किया है.

परिवार घटना से मिली सीख: चेतन आनंद ने बताया कि वर्तमान समय में जिस तरीके से हमारे परिवार में घटनाएं घट रही हैं, उससे प्रेरित होकर हम दोनों पति-पत्नी ने यह निर्णय लिया है. दो किडनी, दो लंग्स, हार्ट, दो आंखें, लीवर सब कुछ हमने दान कर दिया है.

चाचा हार्ट की बीमारी से पीड़ित: चेतन आनंद कहते हैं कि कुछ दिनों पहले मेरे चचेरे भाई की मृत्यु हो गई. मौसी, दादी, बड़े बाबा का निधन हुआ. एक चाचा हैं, उनको हार्ट का प्रॉब्लम है. यह सारी घटनाएं को देखते हुए पत्नी के साथ विचार किया. जिंदगी में किसी के काम आ रहे हैं तो जिंदगी के बाद भी काम आएंगे. इससे अच्छा कुछ नहीं हो सकता.

जदयू विधायक चेतन आनंद से बातचीत (ETV Bharat)

"मैं 18 साल से ऊपर का हूं. मैं और मेरी वाइफ ने अपने मुताबिक डिसीजन लिया लेकिन, मैं आपको बता दूं कि मेरे परिवार में मेरे पिता आनंद मोहन जेल में रहते हुए अपने आंखों का दान कर दिया था. हमलोग तो उन्हीं से प्रेरणा लेते हैं. जब यह बातें मैंने अपने परिवार से कहीं तो वे लोग काफी खुश हुए." -चेतन आनंद, जदयू विधायक, नबीनगर

अंगदान को महादान माना गया: ईटीवी भारत ने पूछा कि अंगदान को कितना बड़ा दान मानते हैं तो उन्होंने कहा कि अंगदान को महादान माना गया है. एक व्यक्ति अपने मरने के बाद आठ जिंदगियों को बचा सकता है. एक नेता होने की वजह से यह निर्णय लेना बहुत जरूरी था. एक मैसेज देने के लिए ही सही, लेकिन यह काम करना जरूरी था. इसके लिए डरने की कोई जरूरत नहीं है. यह आपके मरणोपरांत दान होता है.

स्वेच्छा से कर सकते हैं अंगदान: क्या आप अपने नेता और विधायक को जागरूक करेंगे? इसपर उन्होंने कहा कि नेता नेता को नहीं समझा सकता है. हम किसी के साथ जबरदस्ती नहीं कर सकते हैं कि हमने अंगदान किया है तो आप भी करिए, लेकिन स्वेच्छा से कर सकते हैं.

अंगदान जागरूकता अभियान में चेतन आनंद और उनकी पत्नी
अंगदान जागरूकता अभियान में चेतन आनंद और उनकी पत्नी (ETV Bharat)

रोहाणी आचार्य ने हिम्मत का काम किया: रोहिणी आचार्य ने अपने पिताजी लालू यादव के लिए अपनी किडनी दान की, इसपर उन्होंने कहा कि इसके लिए बहुत हिम्मत चाहिए. हमलोग तो मरणोपरांत दे रहे हैं, लेकिन रोहिणी आचार्य ने जीते जी यह महादान किया है, यह बहुत बड़ी बात है. अंगदान तो सनातन धर्म से चल रहा है.

पिता-मां और भाई ने भी किया दान: विधायक चेतन आनंद की पत्नी डॉक्टर आयुषी सिंह ने बताया कि यह डिसीजन आपस में बात कर लिए. मेरे ससुर ने पहले ही अपना नेत्रदान कर दिया था. मेरे पिताजी, मेरी माता जी और मेरे भाई ने भी अपना सारा अंग दान कर दिया है.

धीरे-धीरे जागरूक होंगे लोग: डॉक्टर आयुषी ने कहा कि चेतन आनंद इसके लिए पहले निर्णय ले लिए थे. हम लोगों को देखकर अन्य लोग जागरुक भी होंगे. जिस तरीके से रक्तदान होता है, उसी तरीके से अंगदान भी होता है. हालांकि लोगों में जागरूकता कम है. अभी थोड़ा समय लगेगा, लेकिन धीरे-धीरे लोग अपना अंगदान करेंगे.

आगे बढ़ाएंगे मुहिम: डॉक्टर आयुषी ने बताया कि डोनेशन दो तरीके का होता है. एक लिविंग डोनेशन जो रोहिणी आचार्य ने किया है. एक मृत्योपरांत होता है. यह ईश्वर तुल्य काम है. आपकी वजह से किसी की जिंदगी बच रही है या उसके जीवन में खुशी आ रही है.

"इस मुहिम को आगे बढ़ाएंगे. इसलिए हम लोग यह काम अपने विधानसभा क्षेत्र नबीनगर से शुरू किए हैं. पास की महिलाएं भी आई थी. सभी प्रेरणा ले रही हैं. लोग आगे आ रहे हैं. इस मुहिम को हमलोग आगे बढ़ाएंगे." -डॉक्टर आयुषी

बच्चों के साथ डॉक्टर आयुषी
बच्चों के साथ डॉक्टर आयुषी (ETV Bharat)

कौन हैं चेतन आनंद: चेतन आनंद पूर्व बाहुबली सांसद आनंद मोहन के पुत्र हैं. 2020 में राजद की टिकट पर शिवहर विधानसभा से विधायक बने थे. हालांकि फरवरी 2024 में जब नीतीश कुमार महागठबंधन से अलग होकर एनडीए के साथ सरकार बनायी, उस समय चेतन आनंद सत्ता पक्ष में शामिल हो गए थे. 2025 में जदयू की टिकट पर नबीनगर से विधायक बने. मां लवली आनंद शिवहर लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं.

अंगदान करने वाले हस्ती: देशभर में कई ऐसे नेता हुए, जिन्होंने अंगदान किया. पश्चिम बंगाल के पूर्व सीएम ज्योति बसु, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी, नानाजी देशमुख, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन और उनकी पत्नी, आनंद मोहन, चेतन आनंद और उनकी पत्नी डॉक्टर आयुषी सिंह शामिल हैं.

ईटीवी भारत GFX
ईटीवी भारत GFX (ETV Bharat)

सेलिब्रिटी ने भी किया अंगदान: इसके अलावे सेलिब्रिटी में प्रियंका चोपड़ा, अमिताभ बच्चन, जया बच्चन, नवजोत सिंह सिद्धू, आमिर खान, ऐश्वर्या राय बच्चन, सुनील शेट्टी, किरण शॉ मजुमदार, सलमान खान, नंदिता दास, गौतम गंभीर आदि शामिल हैं.

देश में अंगदान: भारत में अंगदान की दर काफी कम है. प्रति दस लाख लोगों पर एक अंगदाता भी नहीं है. हालांकि 2023 की तुलना में 2024 में 16% की बढ़ोतरी हुई है. इसमें साउंथ इंडियन राज्य सबसे आगे हैं. इन राज्यों में सबसे अधिक अंगदान किया जाता है. सबसे निचले पायदान पर असम, गोवा और उत्तराखंड शामिल हैं.

ईटीवी भारत GFX
ईटीवी भारत GFX (ETV Bharat)

अंगदान और देहदान: अंगदान यानि ब्रेन डेड के बाद भी हृदय धड़कता है. इस परिस्थि में हृदय, फेफड़े, यकृत, गुर्दे, आंत, अग्न्याशय, कॉर्निया, त्वचा, हड्डी और उत्तक दान किए जा सकते हैं. देहदान प्राकृतिक मत्यु के बाद किया जा सकता है. इसमें संपूर्ण शरीर दान किया जाता है. इससे मेडिकल शैक्षणिक शोध में मदद मिलती है.

कौन कर सकता है दान: अंगदान या देहदान कोई भी स्वस्थ व्यक्ति कर सकता है. अगर व्यक्ति की उम्र 18 साल है तो वह खुद इसके लिए फैसला लेने का अधिकारी है. 18 साल से कम उम्र होने पर उनके माता पिता की सहमती जरूरी है. मरने के बाद इनके शरीर या फिर अंग का इस्तेमाल किया जाता है.

अंगदान कैसे करें?: अंगदान के लिए राष्ट्रीय अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (NOTTO) www.notto.gov.in या Organ India की वेबसाइट (organindia.org) पर रजिस्ट्रेशन करना. इसके बाद एक डोनर कार्ड मिलेगा. इसके अलावे अपने क्षेत्र के मेडिकल कॉलेज से संपर्क कर सकते हैं.

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Last Updated : December 9, 2025 at 8:51 PM IST