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Gujarat: साबरकांठा में चांदीपुरा वायरस से तीन बच्चों की मौत, दो की हालत गंभीर

साबरकांठा के हिम्मतनगर सिविल अस्पताल में चांदीपुरा वायरस से पीड़ित बच्चों का इलाज चल रहा है. प्रभावित इलाकों में कड़ी निगरानी की जा रही है.

Chandipura virus outbreak three children die at Himmatnagar Civil Hospital in Sabarkantha of Gujarat
हिम्मतनगर सिविल अस्पताल में चांदीपुरा वायरस से पीड़ित बच्चों का चल रहा इलाज (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Hindi Team

Published : July 9, 2026 at 3:45 PM IST

3 Min Read
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साबरकांठा (गुजरात): राज्य में चांदीपुरा वायरस का खतरा लगातार बढ़ता दिख रहा है. साबरकांठा जिले के हिम्मतनगर सिविल अस्पताल में पिछले 11 दिनों में तीन बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि दो अन्य बच्चे जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं. हालांकि, प्रशासन ने निगरानी का काम शुरू कर दिया है.

हिम्मतनगर सिविल अस्पताल में भर्ती 7 बच्चों में से 3 बच्चों की मौत चांदीपुरा वायरस के कारण हुई है. मरने वाले बच्चों में एक 6 साल का बच्चा राजस्थान का है, जबकि बाकी दो बच्चे पंचमहल और साबरकांठा जिलों के हैं. इन सभी बच्चों की मौत पिछले 11 दिनों में हुई है. हालांकि, 2 बच्चों का अभी अस्पताल में इलाज चल रहा है और उनकी रिपोर्ट का इंतजार है. अन्य 2 बच्चों की रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है.

इस गंभीर स्थिति को देखते हुए स्थानीय स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है. वायरस को और फैलने से रोकने के लिए प्रभावित इलाकों में सघन निगरानी शुरू कर दी गई है.

26 जून से हिम्मतनगर सिविल अस्पताल में चांदीपुरा वायरस के संदिग्ध कुल 7 मरीज भर्ती किए गए थे, जिनमें से 3 मरीजों की मौत हो चुकी है. मरने वाले मरीजों में से एक राजस्थान का था. एक अन्य मामले में रिपोर्ट नेगेटिव थी लेकिन मरीज की मौत हो गई. एक रिपोर्ट अभी आनी बाकी है, उस मरीज की भी मौत हो चुकी है. अब तक कुल 3 मरीजों की मौत हुई है और 4 मरीज भर्ती किए गए थे, लेकिन एक मरीज डॉक्टर की सलाह के बिना ही अस्पताल से चला गया. 2 मरीजों की रिपोर्ट अभी आनी बाकी है. साल 2024 में चांदीपुरा वायरस के कारण 7-8 मरीजों की मौत हुई है. - विपुल जानी, RMO, सिविल अस्पताल हिम्मतनगर

हिम्मतनगर सिविल अस्पताल के बाल चिकित्सा वार्ड में चांदीपुरा वायरस से पीड़ित बच्चों का इलाज चल रहा है. स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित इलाकों में कड़ी निगरानी शुरू कर दी है.

साल 2024 में इस वायरस की वजह से 6 से 7 बच्चों की मौत हुई है. चांदीपुरा वायरस 'सैंडफ्लाई' (रेत की मक्खी) के काटने से फैलता है. इस बीमारी में बच्चे को बार-बार उल्टी होती है, तेज बुखार आता है और दौरे पड़ने लगते हैं. यह बहुत तेजी से फैलने वाली बीमारी है, जिसमें बच्चा 1 से 2 दिन में ही कोमा में जा सकता है.

इससे बचने के लिए जरूरी है कि बच्चों को पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनाए जाएं, घर के आस-पास साफ-सफाई रखी जाए और घर की दीवारों की दरारों को साफ रखा जाए, क्योंकि सैंडफ्लाई वहीं रहती है. यह वायरस खासकर 15 साल से कम उम्र के बच्चों को निशाना बनाता है क्योंकि उनकी इम्यूनिटी (रोग प्रतिरोधक क्षमता) कमजोर होती है.

फिलहाल, स्वास्थ्य विभाग लोगों से सावधानी बरतने और लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की अपील कर रहा है.

हालांकि, हिम्मतनगर सिविल अस्पताल में चांदीपुरा वायरस से तीन और बच्चों की मौत ने पूरे जिले में दहशत फैला दी है. आने वाले समय में प्रशासन क्या और कितने कदम उठाता है, यह महत्वपूर्ण होगा.

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