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ऑक्सीजन सपोर्ट पर छात्रा ने दी 12वीं की परीक्षा, 13 दिन वेंटिलेटर पर रही, डॉक्टरों ने स्ट्रेचर पर परीक्षा केंद्र पहुंचाया

चंडीगढ़ में छात्रा ने ऑक्सीजन सपोर्ट पर सीबीएसई 12वीं की परीक्षा दी. डॉक्टर उसे स्ट्रेचर पर परीक्षा केंद्र लेकर पहुंचे.

Chandigarh Student Kanishka Bisht
Chandigarh Student Kanishka Bisht (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : February 20, 2026 at 6:46 PM IST

3 Min Read
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पंचकूला: चंडीगढ़ में 12वीं क्लास की (17 वर्षीय) छात्रा कनिष्का बिष्ट ने उन लोगों के लिए मिसाल कायम की है, जो मामूली परेशानियों के कारण हार मान लेते हैं. दरअसल, बचपन से दिव्यांग कनिष्का बिष्ट जनवरी 2026 से गंभीर निमोनिया की बीमारी से ग्रस्त है. इस बीमारी के चलते फिलहाल वो ऑक्सीजन सपोर्ट पर है. बावजूद इसके वो आज डॉक्टरों की निगरानी में एम्बुलेंस से चंडीगढ़ के मनीमाजरा स्थित परीक्षा केंद्र पर अपनी 12वीं कक्षा की परीक्षा देने पहुंची.

डॉक्टर ने परीक्षा हॉल में पहुंचाया: स्ट्रेचर पर लेटी कनिष्का को डॉक्टर परीक्षा केंद्र तक लेकर पहुंचे. कनिष्का ने ऑक्सीजन सपोर्ट पर रहने के बावजूद परीक्षा दी. बता दें कि बीते 13 दिन से वो आईसीयू में है. दस दिन तक वो बेहोशी की हालत में वेंटिलेटर पर रही. डॉक्टरों ने बीते तीन दिन पहले ही कनिष्का का वेंटिलेटर हटाया, लेकिन उसे अपनी निगरानी में रखा. ऑक्सीजन सपोर्ट और स्ट्रेचर पर होने के बावजूद कनिष्का परीक्षा देने पहुंची.

ऑक्सीजन सपोर्ट पर छात्रा ने दी 12वीं की परीक्षा, देखें वीडियो (Etv Bharat)

एक घंटे का अतिरिक्त समय मिला: कनिष्का के पिता ने बताया कि वो परिवार के साथ चंडीगढ़ सेक्टर 7 में रहते हैं. बचपन से दिव्यांग बेटी के लिए इस बार निमोनिया के कारण काफी चुनौती खड़ी हो गई थी. मेडिकल रिपोर्ट्स के आधार पर सीबीएसई बोर्ड ने कनिष्का को परीक्षा के लिए अतिरिक्त एक घंटे की छूट दी थी. जहां सभी छात्रों की परीक्षा खत्म होने का समय दोपहर 1:30 बजे था, वहीं कनिष्का की परीक्षा का समय दोपहर ढाई बजे तक था.

सेक्टर 26 खालसा स्कूल की छात्रा: कनिष्का चंडीगढ़ सेक्टर-26 स्थित खालसा स्कूल की छात्रा है, जिसका परीक्षा केंद्र मनीमाजरा का सरकारी स्कूल है. ना केवल खालसा स्कूल बल्कि मनीमाजरा के सरकारी स्कूल की प्रिंसिपल और सभी अध्यापिकाओं ने भी कनिष्का की हिम्मत की सराहना की. हालत नाजुक होने पर परिजनों समेत डॉक्टर ने आराम करने की सलाह दी, लेकिन कनिष्का ने अपने पिता से यही कहा कि उसके भविष्य का सवाल है और कैसी ही हालत क्यों ना हो, लेकिन वो परीक्षा जरूर देगी. 12वीं कक्षा के छात्रों का आज फिजिक्स का पेपर था, जबकि परीक्षा 18 फरवरी से शुरू हो चुकी हैं.

पिता को बेटी पर फक्र: कनिष्का के पिता प्रेम सिंह ने कहा कि "बेटी हर हालत में अपनी सभी परीक्षा देना चाहती है, लेकिन हमें उसके स्वास्थ्य की चिंता भी है. फिजिक्स का पेपर देने के लिए बेटी को आज एम्बुलेंस की मदद से परीक्षा केंद्र लाया गया. इस दौरान डॉक्टरों की निगरानी में ऑक्सीजन सपोर्ट के साथ कनिष्का ने परीक्षा दी. बेटी को पहले कोल्ड हुआ, कफ जमा हुआ और बाद में निमोनिया होने का पता लगा. स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने पर कनिष्का को आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां वो तरह दिन भर्ती रही, जिनमें से दस दिन बेहोश रही." उन्होंने अपनी बेटी की हिम्मत को सलाम करते किया और उस पर फक्र होनी की बात कही.

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