'सम्राट चौधरी को गृह मंत्रालय दिया जाए, बदमाशों को ठीक कर देंगे', डिप्टी सीएम बनने पर लखनपुर में जश्न
दूसरी बार उपमुख्यमंत्री बनने पर सम्राट चौधरी के पैतृक गांव लखनपुर में जश्न का माहौल है. ग्रामवासियों को बड़ी उम्मीदें हैं. पढ़ें खबर.

Published : November 20, 2025 at 2:53 PM IST
पटना : मुंगेर के लाल सम्राट चौधरी को एक बार फिर से नीतीश सरकार में उपमुख्यमंत्री बनने का मौका मिला है. गुरुवार को उन्होंने पद और गोपनीयता की शपथ ली. बीजेपी ने उन्हें विधायक दल का नेता भी चुना था.
डिप्टी सीएम के गांव में खुशी : सम्राट चौधरी के पैतृक गांव लखनपुर में, गांव के लाल की दूसरी बार बिहार के उपमुख्यमंत्री बनने पर खुशी व गर्व का माहौल है. लोग इस बात से ज्यादा खुश हैं कि अब तारापुर में विकास की गंगा बहेगी. जो विकास कार्य अधूरे थे उसे अब पूरा किया जाएगा.
आपके स्नेह, विश्वास और शुभकामनाओं के लिए हृदय से आभार आदरणीय प्रधानमंत्री जी।
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) November 20, 2025
बिहार के विकास और जनता की सेवा हेतु मैं निरंतर समर्पित रहूंगा। आपके निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग से जन सेवा की यह यात्रा और भी सार्थक बनेगी। https://t.co/eJH5TWLXev
''हमलोग चाहते थे कि सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाया जाए, खैर उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाया गया है. हमारी मांग है कि उन्हें गृह मंत्रालय दिया जाए. ऐसा होने पर बिहार में जो गुंडे बदमाशी कर रहे हैं उन्हें ठीक कर दिया जाएगा. सम्राट चौधरी को वित्त मंत्रालय भी दिया गया था, जिस दौरान बिहार का काफी विकास हुआ.''- संतोष कुमार, सम्राट चौधरी के ग्रामीण
''14 नवंबर को जब तारापुर में चाचा की प्रचंड जीत हुई, तभी हमलोगों को उम्मीद थी कि उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाया जाएगा. हम तो आशा करते हैं कि आगे चलकर वह बिहार के मुख्यमंत्री बनें.''- रौशन कुमार चौधरी, सम्राट चौधरी के ग्रामीण
''हमें इतना गर्व महसूस हो रहा है जिसको शब्दों में बयां नहीं कर सकता हूं. तारापुर में पहली बार कमल खिला है. हमें विश्वास है कि अगले पांच सालों में यहां संपूर्ण विकास होगा.''- सुनील सिंह, सम्राट चौधरी के ग्रामीण
''सम्राट चौधरी मेरा छोटा भाई है. बिहार के लिए अच्छा काम किया है, अच्छा विचार का व्यक्ति है. तारापुर का पहले से ही विकास किया है. सड़क हो या रेल मार्ग, सभी का यहां विकास हुआ है.''- सुमन कुमार चौधरी, सम्राट चौधरी के ग्रामीण
कौन हैं सम्राट चौधरी ? : सम्राट चौधरी कई दलों से होते हुए बीजेपी में आए हैं. आरजेडी में भी रहे और सबसे कम उम्र के मंत्री बनाए गए थे. इसके कारण खूब चर्चा हुई. जदयू में भी लंबे समय तक रहे. सम्राट चौधरी का जन्म 16 नवंबर 1968 को मुंगेर के लखनपुर गांव में हुआ था.
विरासत की राजनीति को आगे बढ़ा रहे : सम्राट चौधरी के पिता शकुनी चौधरी बिहार की राजनीति में बड़े नाम माने जाते हैं. शकुनी चौधरी कई बार विधायक और सांसद भी रहे. सम्राट चौधरी की मां स्व. पार्वती देवी भी तारापुर सीट से विधायक रह चुकी हैं. सम्राट चौधरी की राजनीति पारी की शुरुआत 1990 में शुरू हुई थी राबड़ी देवी की सरकार में कृषि मंत्री बनाए गए थे.
सम्राट चौधरी 2000 और 2010 में परबत्ता से विधानसभा का चुनाव लड़े और विधायक चुने गए. सम्राट चौधरी 2014 में जीतन नाम मांझी की सरकार में भी मंत्री बनाए गए. बाद में बीजेपी में शामिल हो गए. 2023 में सम्राट चौधरी को बीजेपी ने बिहार का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया. विधान परिषद का सदस्य भी बनाया.
CM नीतीश के खिलाफ ताल ठोक रहे थे : सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटाने के लिए मोर्चा खोल दिया था और पगड़ी भी बांध ली थी जो खूब चर्चा का विषय रहा. तब बीजेपी की तरफ से सम्राट चौधरी को सीएम के चेहरा के तौर पर पेश किए जाने लगा. हालांकि नीतीश कुमार के एनडीए में वापसी के बाद सम्राट चौधरी ने पगड़ी खोल ली थी. सम्राट चौधरी को नीतीश सरकार में डिप्टी सीएम बनाया गया. अब पार्टी ने एक बार फिर से सम्राट चौधरी पर भरोसा जताया है.
प्रशांत किशोर ने उठाया था सवाल : सम्राट चौधरी कुशवाहा समाज से आते हैं. कुशवाहा के बड़े नेता के तौर पर पहचान है. शकुनी चौधरी के विरासत को सम्राट चौधरी आगे बढ़ा रहे हैं. नीतीश सरकार में सम्राट चौधरी सबसे ताकतवर मंत्री माने जाते हैं. वित्त विभाग भी सम्राट चौधरी के पास ही था. चुनाव के समय प्रशांत किशोर ने उनकी डिग्री को लेकर भी कई आरोप लगाए थे, जिसके कारण खूब विवाद हुआ.
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