अंकिता भंडारी केस में VIP पर ही फोकस रहेगी CBI जांच, बड़े 'रहस्य' से उठ सकता है पर्दा
अंकिता भंडारी मर्डर केस की सीबीआई करेगी जांच, कथित वीआईपी को लेकर उठ सकता है पर्दा, जानिए किन पहलुओं पर होगी जांच

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : January 9, 2026 at 10:30 PM IST
|Updated : January 9, 2026 at 10:36 PM IST
नवीन उनियाल
देहरादून: धामी सरकार ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में सीबीआई जांच की संस्तुति कर दी है, लेकिन सवाल ये है कि आखिरकार सीबीआई किन पहलुओं पर जांच करेगी? तो इसका जवाब है कि अंकिता की हत्या के बाद से ही जिस बिंदु पर परिजनों और स्थानीय लोगों का फोकस रहा है, वो 'वीआईपी' है. ऐसे में सीबीआई (CBI) की जांच अंकिता मामले में वीआईपी (VIP) पर ही फोकस रहने वाली है.
उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर से राजनीतिक और सामाजिक बहस के केंद्र में आ गया है. एक्ट्रेस उर्मिला सनावर की ओर से मामले को लेकर जारी ऑडियो और वीडियो के बाद प्रदेश की राजनीति में ऐसा भूचाल आया कि आखिरकार धामी सरकार को सीबीआई जांच की संस्तुति करनी पड़ी.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद इस संबंध में वीडियो जारी कर केंद्रीय जांच एजेंसी से जांच कराने की बात कही, जिसके बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि लंबे समय से सुलग रहे इस प्रकरण को अब कोई ठोस निष्कर्ष मिल सकेगा.
हालांकि, सीबीआई जांच की संस्तुति के साथ ही एक नया सवाल भी खड़ा हो गया है कि आखिर सीबीआई इस हत्याकांड के किन पहलुओं की जांच करेगी? क्या पूरे मामले की नए सिरे से जांच होगी या फिर केवल कुछ चुनिंदा बिंदुओं पर ही फोकस किया जाएगा?

इस सवाल का जवाब ईटीवी भारत से बातचीत में उत्तराखंड के गृह सचिव शैलेश बगौली ने दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि सीबीआई जांच का मुख्य फोकस उस वीआईपी (VIP) की भूमिका पर रहेगा, जिसका जिक्र अंकिता की हत्या के बाद से लगातार होता रहा है.
दरअसल, 18 सितंबर 2022 को अंकिता भंडारी की हत्या के बाद से ही इस मामले में एक रहस्यमयी वीआईपी (VIP) का नाम सामने आता रहा है. अंकिता की ओर से हत्या से पहले अपने मित्र को भेजे गए मैसेज में इस वीआईपी (VIP) का जिक्र था, जिसे जांच का अहम आधार भी बनाया गया.
बाद में यह मुद्दा जांच एजेंसियों से लेकर कोर्ट की कार्रवाई तक पहुंचा, लेकिन VIP कौन था? इसका स्पष्ट जवाब कभी सामने नहीं आ पाया. यही कारण है कि यह सवाल भले ही समय के साथ शांत होता दिखा हो, लेकिन अंकिता के परिजनों और प्रदेशवासियों के मन में यह एक अनसुलझी गुत्थी बनकर रह गया.
बेटी अंकिता भंडारी को न्याय दिलाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। अंकिता के माता-पिता ने भेंट के दौरान CBI जांच की मांग रखी थी जिसका सम्मान करते हुए हमारी सरकार ने इस मामले की जांच CBI से कराने का निर्णय लिया है।
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) January 9, 2026
मातृशक्ति की सुरक्षा एवं उनके सम्मान के लिए हमारी सरकार सदैव… pic.twitter.com/bl2KkYJPHu
हाल के दिनों में उर्मिला सनावर की ओर से कथित वीआपी की भूमिका को लेकर जारी किए गए ऑडियो और वीडियो ने इस गुत्थी को फिर से सुर्खियों में ला दिया. इसके बाद सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक सीबीआई जांच की मांग तेज हो गई और प्रदेश की राजनीति भी इसी मुद्दे के इर्द-गिर्द घूमने लगी.
एसआईटी ने दाखिल की थी 500 पन्नों की चार्जशीट: गौर हो कि घटना के बाद सरकार ने एसआईटी यानी स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया था. जांच के बाद वनंत्रा रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य, सहायक प्रबंधक अंकित गुप्ता और कर्मचारी सौरभ भास्कर को गिरफ्तार किया गया.
एसआईटी ने करीब 500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की और ट्रायल के बाद तीनों आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई. इसी वजह से यह आशंका भी जताई जा रही थी कि दोबारा जांच से कहीं सजा पाए आरोपियों को कोई राहत न मिल जाए.
इन तमाम चिंताओं के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता के माता-पिता से मुलाकात के बाद सीबीआई जांच की संस्तुति कर दी है. गृह सचिव की पुष्टि के अनुसार, सीबीआई की पूरी जांच इसी VIP की भूमिका के इर्द-गिर्द केंद्रित रहेगी, जिससे उम्मीद की जा रही है कि आखिरकार इस मामले का सबसे बड़ा रहस्य सामने आ सकेगा.
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