मालवीय नगर अग्निकांड: होटल मालिक लवकेश को पुलिस ने हिरासत में लिया, अब तक 21 लोगों की मौत
होटल मालिक लवकेश बजाज के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया था.

Published : June 3, 2026 at 3:19 PM IST
नई दिल्ली: दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में स्थित नामी रेस्टोरेंट में बुधवार सुबह हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. इस अग्निकांड मामले में दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए होटल मालिक लवकेश बजाज को हिरासत में ले लिया है. इस हादसे में 21 लोगों की मौत हुई थी. इससे पहले उनके और उनकी पत्नी के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया था.
बता दें कि आग इतनी भयावह थी कि होटल के अंदर मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला. अग्निकांड में प्रभावित कुल 49 व्यक्तियों को विभिन्न अस्पतालों में पहुंचाया गया. इनमें से 21 लोगों की मृत्यु हो गई, जिनमें 9 भारतीय नागरिक और 12 विदेशी नागरिक शामिल हैं. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में गैर इरादतन हत्या की धारा और बीएनएस की अन्य संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है.
एक ही एंट्री-एग्जिट प्वाइंट बना काल
इससे पहले मौके पर पहुंचे दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने कहा था कि घटनास्थल से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, होटल का ढांचा सुरक्षा मानकों के विपरीत था. दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि होटल में प्रवेश और निकास के लिए केवल एक ही रास्ता था. आग लगने के बाद जब लोग बाहर निकलने के लिए भागे, तो संकरे रास्ते और धुएं के गुबार के कारण वे फंस गए. इसी अफरातफरी में दम घुटने और आग की चपेट में आने से इतने बड़े पैमाने पर जनहानि हुई. उन्होंने कहा जो भी अवैध होटल व रेस्टोरेंट इस तरह चल रहे हैं, सबके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
#UPDATE | Delhi Police has registered an FIR under the culpable homicide section and other relevant sections of BNS in the Malviya Nagar restaurant fire incident. https://t.co/GNAwAmXyfg
— ANI (@ANI) June 3, 2026
पुलिस उपायुक्त अनंत मित्तल ने पुष्टि की है कि होटल प्रबंधन के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जा रहा है. जांच का दायरा बढ़ाते हुए अन्य संबंधित धाराओं को भी जोड़ा जाएगा ताकि दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके.
महिला ने बच्चे के साथ तीसरी मंजिल से लगाई छलांग
घटना में चश्मदीदों के अनुसार, आग लगने के बाद इमारत में फंसे लोग दहशत में थे और अपनी जान बचाने के लिए खिड़कियों के कांच तोड़कर मदद मांग रहे थे. इसी दौरान, जान बचाने की एक हताश कोशिश में एक महिला ने अपने बच्चे को गोद में लेकर तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी. स्थानीय निवासियों ने पहले ही नीचे गद्दे बिछा दिए थे, जिससे महिला और बच्चा सुरक्षित बच गए.
Visited Malviya Nagar today to meet the people affected by the fire. I walked through the site, spoke to officials, and assessed the situation firsthand. The gravity of what has happened here is deeply concerning and I want to assure everyone that this will not be taken lightly.… pic.twitter.com/VR1P9gmLkW
— Ashish Sood (@ashishsood_bjp) June 3, 2026
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि महिला ने बच्चे को कसकर पकड़ा हुआ था और जब बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा, तो उसने छलांग लगा दी. महिला को चोटें आई, जिसके बाद उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया. अधिकारियों के अनुसार, आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है और घायलों की स्थिति गंभीर होने के कारण मृतकों की संख्या बढ़ सकती है.

क्या फेल हो गया फायर सिस्टम
घटना के बाद अब होटल की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं. जांच का मुख्य केंद्र यह है कि क्या होटल प्रबंधन के पास वैध 'फायर एनओसी' था या नहीं. पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमें इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या होटल में अग्निशमन उपकरण काम कर रहे थे या वे सिर्फ दिखावे के लिए थे. इसके साथ ही, यह भी खंगाला जा रहा है कि फायर एनओसी का नवीनीकरण समय पर हुआ था या नहीं. अगर सुरक्षा मानकों में लापरवाही पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गाज गिर सकती है.
शीर्ष नेताओं ने जताया दुख: इस त्रासदी पर देश के शीर्ष नेतृत्व ने गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर दुख जताते हुए कहा, "मालवीय नगर में होटल में लगी आग की घटना अत्यंत हृदयविदारक है. मैं उन लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है. प्रशासन घायलों को हर संभव मदद मुहैया करा रहा है."
वहीं, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने घटना को प्रशासनिक विफलता का नतीजा बताया. उन्होंने कहा, "दिल्ली के होटल में हुई यह दुखद घटना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है. दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और मृतकों के परिवारों को मुआवजा मिलना चाहिए." उधर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटना की उच्च स्तरीय मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं. उन्होंने कहा, "यह एक अपूरणीय क्षति है. दिल्ली सरकार घायलों के इलाज का पूरा खर्च उठाएगी और दोषियों को कतई बख्शा नहीं जाएगा."
नमूनों की जांच जारी
घटनास्थल पर फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए नमूनों की जांच की जा रही है. प्रारंभिक साक्ष्यों से शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, लेकिन अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ होगी. फिलहाल, इलाके को पूरी तरह सील कर दिया गया है और बचाव कार्य जारी है. इस घटना ने एक बार फिर दिल्ली के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ने की पोल खोल दी है. शहर में कई ऐसे होटल और गेस्ट हाउस संचालित हो रहे हैं, जो आग बुझाने के पर्याप्त संसाधनों के बिना चल रहे हैं.
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