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इजराइल के स्वतंत्रता दिवस पर कैप्टन स्मित और पीएम मोदी आमंत्रित, 'यह सम्मान सिर्फ इजराइली नागरिकों को ही दिया जाता है'

इजराइल के प्रधानमंत्री ने कहा कि कैप्टन स्मित तो दुनिया के हीरो हैं. उनका स्वागत हर कोई करना चाहेगा.

Captain Smit
कैप्टन स्मित के सम्मान में बनाई गई कलाकृति (IANS)
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By ETV Bharat Hindi Team

Published : October 4, 2026 at 10:29 AM IST

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नई दिल्ली : फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मच्छर को इजराइल में सम्मानित किया जाएगा और यह सम्मान अनोखा होगा. इसकी जानकारी खुद इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दी है.
नेतन्याहू ने इजराइल के अगले स्वतंत्रता दिवस समारोह में मशाल जलाने के लिए कैप्टन स्मित और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित किया है. इजराइली पीएम ने एक दिन पहले शनिवार को कैप्टन स्मित से फोन पर बात की.

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मच्छर से बातचीत करते हुए कहा, "मैं चाहता हूं कि कैप्टन स्मित और प्रधानमंत्री मोदी, जो बहुत अच्छे दोस्त हैं, मिलकर जश्न की मशाल जलाएं. यह हमारे स्वतंत्रता दिवस पर दिया जाने वाला सबसे बड़ा सम्मान है. आम तौर पर यह सम्मान इजराइल के नागरिकों को ही दिया जाता है, लेकिन मुझे लगता है कि इस मामले में इजराइल के सभी नागरिक आपका स्वागत करेंगे. इसलिए हमें उम्मीद है कि आप जल्द ही इजराइल आएंगे. मैं आपको यहां फिर से देखने का इंतजार कर रहा हूं, मौजूदा हालात को देखते हुए, मुझे लगता है कि यह यात्रा यादगार और ऐतिहासिक होगी."

हालांकि, आपको बता दें कि अगले साल होने वाले पारंपरिक समारोह में मशाल कौन जलाएगा, यह अकेले तय करने का अधिकार नेतन्याहू के पास नहीं है. सरकार की बनाई चयन प्रक्रिया के तहत, मशाल जलाने वालों को एक सार्वजनिक सलाहकार समिति चुनती है और फिर तय मंत्री-स्तरीय प्रक्रिया से उन्हें मंजूरी दी जाती है. नेतन्याहू की हालिया सरकारों में इस प्रक्रिया की अगुवाई लिकुड पार्टी की मिरी रेगेव करती रही हैं.

कैप्टन मच्छर अभी अबू धाबी में इलाज करवा रहे हैं. 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में एक हैरान करने वाली घटना हुई. ओमान के एक को-पायलट (हमाम अल-हम्ममी) ने कथित तौर पर प्लेन को गिराने की कोशिश में कैप्टन स्मित मच्छार पर कुल्हाड़ी से हमला किया. इस हमले के कारण हाईजैकिंग का डिस्ट्रेस सिग्नल भेजे जाने से पहले ही फ्लाइट दो मिनट के अंदर 17,000 फीट से अधिक नीचे आ गई. हमले के बाद मच्छर कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे, जिससे दूसरे यात्री अंदर घुस पाए और को-पायलट को काबू में करके फ्लाइट पर अपना कंट्रोल कर लिया.

कॉल के दौरान नेतन्याहू ने मच्छर से पूछा कि असल में क्या हुआ था.पायलट ने पूरी घटना बताई कि को-पायलट नमाज पढ़ने के लिए गया था. जब मच्छर का ध्यान उस पर नहीं था, तो उन्हें सिर के पिछले हिस्से पर एक "जोरदार झटका" महसूस हुआ. उन्हें पहले लगा कि शायद विमान में कोई खराबी आ गई है.उन्होंने कहा, "उसके बाद, एक के बाद एक कई झटके लगते रहे. तब मुझे एहसास हुआ कि यह विमान की वजह से नहीं, बल्कि कॉकपिट में मेरे साथ मौजूद दूसरे व्यक्ति की वजह से हो रहा है. मैंने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन शुरुआती झटकों की वजह से मुझे लगभग कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था."उन्होंने बताया कि उन्होंने एक बार दरवाजा खोलने की कोशिश की, लेकिन अल-हम्ममी ने उसे बंद कर दिया.

उन्होंने नेतन्याहू से फोन पर कहा, "मुझमें बस एक आखिरी कोशिश करने की हिम्मत बची थी—मुझे लगा कि अगर मैंने ऐसा नहीं किया, तो मैं मर जाऊंगा. और तभी मैंने पूरी ताकत लगा दी. मैंने अपनी पूरी जान लगा दी, दरवाजे की तरफ बढ़ा और उसे खोल दिया."

इजराइल के प्रधानमंत्री ने कहा, "सच कहूं तो, मैं आपकी हिम्मत और मुश्किल हालात में भी शांत रहकर सही फैसला लेने की आपकी काबिलियत से हैरान हूं."नेतन्याहू ने आगे कहा, "आपने बहुत से लोगों की जान बचाई. कृपया मेरी और मेरी पत्नी की तरफ से अपनी पत्नी को शुभकामनाएं दीजिएगा. मुझे पता है कि आपका अपना परिवार है, और आप देशों के परिवार का भी हिस्सा हैं. कृपया जल्द से जल्द ठीक हो जाइए."

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