मध्यप्रदेश में हर महीने कैंसर से सैंकड़ों मौतें, 10 प्रतिशत बढ़े मामले, ICMR ने खोजी महामारी की जड़
मध्यप्रदेश में कैंसर के नए मामले और उससे होने वाली मौतों में तेजी, संसद में पेश किए गए ICMR के आंकड़े, विश्वास चतुर्वेदी की रिपोर्ट.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : August 20, 2026 at 2:53 PM IST
|Updated : August 20, 2026 at 4:03 PM IST
भोपाल : मध्यप्रदेश में कैंसर का खतरनाक तेजी से बढ़ रहा है, जितनी तेजी से ये लोगों को अपनी गिरफ्त में ले रहा है, उतनी ही तेजी से कैंसर से होने वाली मौतों को आंकड़ा भी बढ़ रहा है. संसद में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से पेश आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में कैंसर से होने वाली अनुमानित मौतों का आंकड़ा पांच साल में करीब 10.5 प्रतिशत बढ़ गया है. वर्ष 2021 में जहां कैंसर से 44,056 मौतों का अनुमान था, वहीं 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 48,694 हो गया है.यानी पांच साल में 4,638 मौतों की बढ़ोतरी हुई है. वहीं, पूरे देश की बात करें तो इसी अवधि में कैंसर से होने वाली अनुमानित मौतों में करीब 10 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है.
मध्य प्रदेश में तेजी से बढ़ रहा कैंसर
आईसीएमआर की रिपोर्ट के आधार पर संसद में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, मध्यप्रदेश में वर्ष 2021 में कैंसर के 79,871 नए मामले दर्ज किए गए थे. यह आंकड़ा वर्ष 2022 में बढ़कर 81,901, वर्ष 2023 में 84,029, वर्ष 2024 में 86,124 और वर्ष 2025 में 88,297 पहुंच गया है.

इसी तरह कैंसर से होने वाली मौतों के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2021 में 44,056, वर्ष 2022 में 45,176, वर्ष 2023 में 46,341, वर्ष 2024 में 47,494 और वर्ष 2025 में 48,694 मौतें दर्ज की गई हैं. ये आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश में हर साल लोग इस बीमारी की चपेट में आकर अपनी जान गंवा रहे हैं.
मध्य प्रदेश में तेजी से बढ़ते कैंसर से मौत के मामले

एक साल में कैंसर ने छीनी 8.68 लाख लोगों की जिंदगी
देशभर के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2021 में भारत में कैंसर से 7,89,202 अनुमानित मौतें हुई थीं. वर्ष 2022 में यह संख्या 8,08,558, 2023 में 8,28,252 और 2024 में 8,48,266 हो गई. वहीं साल 2025 में देश में कैंसर से होने वाली अनुमानित मौतों का आंकड़ा 8,68,588 पहुंच गया. यानी पांच साल में देश में करीब 79 हजार मौतों की बढ़ोतरी का अनुमान है.
कैंसर के मामले में इन राज्यों से आगे निकला एमपी
देश के अन्य राज्यों से तुलना करें तो मध्यप्रदेश में कैंसर मरीजों और मौतों की संख्या देश के कई बड़े राज्यों से भी अधिक है. हालांकि, उत्तरप्रदेश इस सूची में सबसे ऊपर है, जहां वर्ष 2025 में कैंसर के अनुमानित 2,26,125 नए मामले और 1,25,184 मौतें दर्ज की गई हैं. इसके बाद महाराष्ट्र में 1,30,465 मरीज व 71,696 मौतें और पश्चिम बंगाल में 1,21,639 मरीज व 67,093 मौतें दर्ज हुई हैं. पड़ोसी राज्य राजस्थान में भी 2025 में 80,628 मरीज और 44,402 मौतें दर्ज हुईं, जबकि गुजरात में 79,217 मरीज और 43,572 मौतें दर्ज की गईं.

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि मध्यप्रदेश 88,297 मरीज और 48,694 मौत के आंकड़े के साथ अपने पड़ोसी राज्यों राजस्थान और गुजरात दोनों से ही आगे निकल चुका है. वहीं छत्तीसगढ़ से तुलना करें तो वहां भी स्थिति तुलनात्मक रूप से बेहतर है, जहां साल 2025 में 31,553 मरीज और 17,322 मौतें दर्ज हुई हैं.

ये हैं कैंसर के बढ़ते मामलों के मुख्य कारण
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार कैंसर के मामलों में लगातार वृद्धि के पीछे कई पर्यावरणीय और जीवनशैली से जुड़े कारण जिम्मेदार हैं. आईसीएमआर द्वारा किए गए अध्ययनों में औद्योगिक कचरे, कीटनाशकों, भारी धातुओं और प्रदूषित जल स्रोतों को कैंसर का बड़ा कारण बताया गया है. वहीं, जल प्रदूषण के कारण रेक्टल और कोलोरेक्टल कैंसर के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है. इसके अलावा खानपान में गड़बड़ी, तंबाकू का सेवन और देर से बीमारी की पहचान होना भी मौतों का बड़ा कारण बन रहा है.
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सरकार के कदम और इलाज की व्यवस्था
मध्यप्रदेश स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के एमडी तरुण राठी के अनुसार, '' कैंसर पर नियंत्रण पाने और मरीजों को राहत देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा कई कदम उठाए जा रहे हैं. इसमें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जिला और उप-मंडलीय अस्पतालों में आवश्यक कैंसर रोधी दवाएं मुफ्त उपलब्ध कराई जा रही हैं. इसके साथ ही आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को प्रति वर्ष 5 लाख रु तक का मुफ्त इलाज दिया जा रहा है. इसके अलावा डे-केयर कैंसर केंद्रों की स्थापना भी की जा रही है. जिससे मरीजों को अपने नजदीकी इलाकों में ही कीमोथेरेपी और बुनियादी ईलाज मिल सके.''

