नक्सल मुक्त के बाद अब IED मुक्त बस्तर अभियान, जंगल के चप्पे-चप्पे पर पैनी नजर
सुरक्षाबल सर्चिंग अभियान के जरिए माओवादियों के छिपाए गोला बारूद और आईईडी को ढूंढकर डिफ्यूज कर रहे हैं. सुशील सलाम की रिपोर्ट.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : July 4, 2026 at 6:50 PM IST
कांकेर: 31 मार्च 2026 को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद के खात्मे का ऐलान किया. माओवाद के खात्मे के बाद अब बस्तर में विकास के कामों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है. बस्तर में तेजी से सड़कों का निर्माण हो रहा है. नदी नालों पर पुल-पुलिया का निर्माण कर अंदरुनी इलाकों तक शासन की पहुंच को और मजबूत किया जा रहा है. लेकिन सबसे बड़ी मुश्किल जो सामने आ रही है, वो है पूर्व में माओवादियों के लगाए वो आईईडी जो उन्होने जवानों को निशाना बनाने के लिए लगाए थे.
नक्सलमुक्त बस्तर को IED मुक्त बनाने का अभियान
पूर्व में माओवादियों की स्ट्रैटजी हुआ करती थी कि जहां कहीं से भी जवानों की आवाजाही होती थी, उस मार्ग पर बम लगाकर छोड़ दिया करते थे. जब कभी जवानों को निशाना बनाने का मौका माओवादियों को मिलता, नक्सली उन बमों में विस्फोट कर दिया करते. अभी भी बस्तर के कई जिलों में इस तरह के लैंडमाइन लगे हुए हैं, इन बमों को खोजकर निकालना और उनको डिफ्यूज करना जवानों के लिए बड़ी एक्ससाइज है, जिसे वो बखूबी निभा भी रहे हैं.
बरामद बमों को डिफ्यूज करने का काम जारी
नक्सलमुक्त बस्तर को अब आईईडी मुक्त बनाने के काम में सुरक्षाबल के लोग लगे हुए हैं. सुरक्षाबलों की बीडीएस टीम लगातार अभियान के तहत बरामद बमों को मौके पर ही डिफ्यूज करने के काम में जुटी है. इसी कड़ी में सुरक्षाबलों ने कांकेर जिले में सर्चिंग के दौरान बरामद 38 बमों को मौके पर ही डिफ्यूज किया. बमों को डिफ्यूज करने के जो भी सुरक्षा मापदंड हैं, उनको फालो किया गया. सुरक्षाबल के जवान और स्थानीय लोग भी ये मानते हैं कि जिन इलाकों में पहले कोई नहीं जाता था, वहां अब लोग बिना डर और भय के जा रहे हैं, ये बड़ा बदलाव माओवाद के खत्म होने और जवानों की मेहनत की वजह से हुआ है.

जमीन में छिपा रखा है गोला बारूद
बस्तर में जब माओवादियों के खात्मे के लिए एंटी नक्सल ऑपरेशन बड़े पैमाने पर चलाया जा रहा था, तब माओवादियों ने अपना गोला बारूद सुरक्षित ठिकानों पर छिपा दिया. अब पुलिस के जवान उन छिपाए गए ठिकानों की तलाश भी कर रहे हैं. इस काम में पुलिस की मदद सरेंडर माओवादी भी कर रहे हैं. लेकिन कई ऐसे भी माओवादियों के ठिकाने रहे हैं, जिसकी जानकारी सरेंडर माओवादियों को भी नहीं है. लिहाजा जवान पूरी सतर्कता के साथ जंगल में छिपाए और लगाए गए बमों को निष्क्रिय करने के काम में जुटी है.
बस्तर से जो भय और डर का माहौल खत्म हुआ है, उसका पूरा श्रेय सुरक्षाबलों के जवानों को जाता है. आज हम उनकी बदौलत ही शांति की हवा में सांस ले पा रहे हैं. बस्तर में शांति आने के बाद विकास के कामों में तेजी आई है: विक्रम देव उसेंडी, बीजेपी विधायक, अंतागढ़

हमारे जवान कांकेर के जंगलों का चप्पा-चप्पा छान रहे हैं. जहां कहीं भी माओवादियों के छिपाए विस्फोटक और लगाए गए बम होंगे उनको हम खोज निकालेंगे. हम इस काम को पूरी प्रतिबद्धता के साथ कर रहे हैं. नक्सलमुक्त बस्तर को आईईडी मुक्त बनाने का काम जारी है, सफलता भी मिल रही है: आकाश श्रीश्रीमाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, कांकेर
शांति से लौट रही इलाके में खुशहाली
अंतागढ़ विधायक विक्रम देव उसेंडी ने कहा कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई और सरकार के प्रयासों से क्षेत्र में शांति का माहौल बना है, अब विकास कार्यों को गति मिल रही है. वहीं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश श्रीश्रीमाल ने बताया कि सुरक्षा बल लगातार सर्चिंग अभियान चलाकर आईईडी और विस्फोटक सामग्री बरामद कर रहे हैं, ताकि क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जा सके.

विकास और विश्वास दोनों बढ़ रहा
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया कि कभी नक्सल प्रभावित रहे अंदरूनी क्षेत्रों में सड़क, पुल-पुलिया और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बढ़ाया जा रहा है. शासन का प्रयास है कि दशकों से विकास से वंचित रहे आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचे. पुलिस और सुरक्षा बलों के इस अभियान ने न केवल लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत की है, बल्कि विकास और विश्वास की नई राह भी खोली है. एएसपी ने कहा कि अब नक्सल प्रभावित रहे इन इलाकों में भय की जगह भरोसा और विकास की तस्वीर दिखाई देने लगी है.

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