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AIMIM का साथ.. 55% युवाओं का जोश, क्या गया में चिंटू भैया बनेंगे वजीरगंज के गेम-चेंजर?

वजीरगंज में बसपा का हाथी अड़ गया है. चिंटू भैया को AIMIM-युवाओं का साथ मिला है. 11 नवंबर को मतदान के बाद उलटफेर की उम्मीद.

Bihar Election 2025
वजीरगंज सीट (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : November 7, 2025 at 4:05 PM IST

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गया: बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में गया की वजीरगंज सीट पर सियासी पारा चढ़ा हुआ है. कांग्रेस, भाजपा और बसपा के बीच त्रिकोणीय जंग ने पूरे चुनाव को रोमांचक बना दिया है. वहीं बसपा का हाथी इस बार हर गांव में छाया हुआ है.

2.98 लाख वोटर करेंगे फैसला: वजीरगंज में कुल 2,97,930 मतदाता हैं, जिनमें 55% युवा हैं. 11 नवंबर को मतदान और 14 नवंबर को मतगणना होगी. जिसके लिए जिला प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली है.

गया में वजीरगंज सीट (ETV Bharat)

तीन दिग्गजों के बीच सीधी टक्कर: कांग्रेस से पूर्व मंत्री अवधेश कुमार सिंह, भाजपा से मौजूदा विधायक वीरेंद्र सिंह और बसपा से युवा चेहरा चितरंजन कुमार उर्फ चिंटू भैया मैदान में हैं. तीनों अगड़ी जाति से हैं, लेकिन वोटिंग पैटर्न बदलता दिख रहा है.

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भाजपा के वीरेंद्र सिंह (ETV Bharat)

चिंटू भैया को AIMIM का खुला समर्थन: AIMIM ने चितरंजन कुमार को समर्थन दे दिया है. कई सामाजिक संगठनों ने भी चिंटू भैया का झंडा बुलंद किया है. वहीं युवा वोटरों में उनकी पकड़ सबसे मजबूत मानी जा रही है.

2020 में 12 हजार वोट: 2020 में BSLP से 12 हजार वोट लाकर चिंटू भैया ने सबको चौंकाया था. इस बार बसपा ने उन्हें हाथी थमा दिया. मायावती का भरोसा और जनता का साथ मिलने से वे मुख्य दावेदार बन गए हैं और मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है.

Gaya Wazirganj seat
AIMIM और युवाओं का मिला साथ (ETV Bharat)

“हाथी से टक्कर लेगा तो चूर-चूर हो जाएगा”: चिंटू भैया ने ETV भारत से कहा कि “हाथी जंगल का इंजीनियर है, इससे कोई टक्कर नहीं ले सकता. 15 साल से जनसेवा कर रहा हूं. जनता इस बार प्रत्याशी को वोट देगी, पार्टी को देखकर वोटी नहीं देगी.”

Gaya Wazirganj seat
वजीरगंज में कुल 2,97,930 मतदाता (ETV Bharat)

पिछले विधायकों से जनता नाराज: चितरंजन कुमार ने कहा कि “10-15 साल से जो विधायक बने, सबने जनता से छल किया. पुल-पुलिया, सड़क सब अधर में लटके हैं. वजीरगंज विधानसभा की जनता हर हल में बदलाव चाहती है. इस बार यहां से पार्टी नहीं प्रत्याशी जीतेगा और वह प्रत्याशी जनता ने मुझे बनाया है. इस क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले की जरूरत है.”

Gaya Wazirganj seat
गया जिले की 10 विधानसभा सीट (ETV Bharat)

पिछले चुनावों की स्थिति: 2015 में कांग्रेस के अवधेश सिंह को 80 हजार से ज्यादा वोट मिले थे, भाजपा के वीरेंद्र सिंह को 67 हजार. 2020 में भाजपा के वीरेंद्र सिंह ने 70 हजार वोट लेकर जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस को 42 हजार और चिंटू भैया को 12 हजार वोट मिले थे.

Gaya Wazirganj seat
गया की 10 सीटों पर 11 नवंबर को मतदान (ETV Bharat)

बसपा की ऐतिहासिक जीत की दहलीज पर वजीरगंज: गया जिले में बसपा का आधार कभी मजबूत नहीं रहा, लेकिन वजीरगंज में चिंटू भैया ने खेल पलट दिया है. कांग्रेस-भाजपा के वोट बैंक में सेंध, युवाओं का साथ और संगठनों का समर्थन, अगर यह सारा जोड़ जीत में बदल गया तो 14 नवंबर को बिहार की सियासत में नया इतिहास लिखा जाएगा. वहीं अब ये हाथी दहाड़ने को तैयार है.

Gaya Wazirganj seat
कांग्रेस के अवधेश सिंह (ETV Bharat)

"हाथी जंगल का इंजीनियर होता है. हाथी से कोई टक्कर नहीं ले सकता. यही स्थिति मेरे वजीरगंज विधानसभा में बनी हुई है. मैं पिछले 15 वर्षों से जनता के लिए काम कर रहा हूं. 2010, 2015, 2020 में मैं कांग्रेस से टिकट का प्रयास किया, तो टिकट नहीं मिला. इस बार बहन मायावती ने विश्वास किया है. बसपा का एक अपना आधार वोट है. कई संस्था संगठन का समर्थन मुझे मिल रहा है. विश्वास है कि जनता मुझे सदन में भेजने का काम करेगी."- चितरंजन कुमार उर्फ चिंटू भैया, बसपा प्रत्याशी

Gaya Wazirganj seat
वजीरगंज के गेम-चेंजर हो सकते हैं चिंटू भैया (ETV Bharat)

चितरंजन कुमार आत्मविश्वास से भरे हैं और वो कहते हैं कि “बसपा का हाथी यहां अड़ गया है, जो हाथी से टकराएगा, चूर-चूर हो जाएगा.” अब जीत-हार का फैसला 14 नवंबर को ही होगा, लेकिन अभी बसपा की चर्चा पूरे वजीरगंज में छाई हुई है.

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