हाई सिक्योरिटी जेल के बैरक में मिला कुख्यात डकैत जगन गुर्जर का शव, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप
सबसे सुरक्षित जेल में कुख्यात डकैत की मौत ने जेल की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए. साथी बंदी पर हत्या का शक.

Published : June 29, 2026 at 8:00 PM IST
|Updated : June 30, 2026 at 9:26 AM IST
अजमेर: प्रदेश की एकमात्र हाई सिक्योरिटी जेल में बंद कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की बैरक में संदिग्ध हालात में मौत हो गई. उसका शव मिलने से जेल में हड़कंप मच गया. जेल प्रशासन ने सिविल लाइन थाने को मामले की सूचना दी. मौके पर पहुंची एफएसएल टीम ने साक्ष्य एकत्र किए. फिलहाल जगन की मौत का वास्तविक कारण सामने नहीं आया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही वजह पता लगेगी. इधर, जेल अधीक्षक पारस जांगिड़ ने जगन गुर्जर की हत्या से इनकार नहीं किया है. वहीं बैरक में बंद एक साथी पर शक की सुई घूम रही है. वहीं, जगन गुर्जर की मौत के बाद परिजन और परिचित अजमेर पहुंच गए हैं. परिजन जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठ गए. परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है.
पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला ने कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की मौत की पुष्टि की है. हालांकि उसके कत्ल से इनकार भी नहीं किया. एसपी हर्षवर्धन ने बताया कि प्रथम दृष्टि या क्राइम सीन देखने पर लगता है कि जगन गुर्जर की गमछे से गला घोंटकर हत्या की गई है. बैरक में उसके साथी विष्णु ने हत्या की वारदात को अंजाम दिया है. गैंगवार जैसी कोई बात नहीं है. जेल के दौरान आपस में होने वाला झगड़ा है. जगन गुर्जर और विष्णु के बीच पुरानी रंजिश भी नहीं थी. फिलहाल मामले की जांच कर रहे हैं. इधर, एफएसएल जांच के बाद जगन का शव जेएलएन अस्पताल ले जाया जाएगा, जहां शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखेंगे. पूरे प्रकरण में पुलिस और जेल अधीक्षक चुप्पी साधे हैं. पुलिस और जेल प्रशासन मामले की जांच कर रहा है.
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साथी बंदी पर शक की सुई: कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हाई सिक्योरिटी जेल के बैरिक में लाश मिलने से जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं. हाई सिक्योरिटी जेल में जगन गुर्जर के साथ भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड का मुख्य आरोपी विष्णु भी था. लिहाजा विष्णु को ही प्राइम सस्पेक्ट माना जा रहा है. दोनों एक ही बैरिक में हाई सिक्योरिटी जेल में बंद थे. सुबह 11 से शाम 4 बजे के बीच कैदियों के बैरक में रहने का समय होता है. इस दौरान जेल स्टाफ राउंड पर रहता है. कैदियों की गतिविधियों पर नजर रखता है.
दोपहर दो से तीन बजे के बीच घटना: रोजमर्रा की तरह दोपहर 2 से 3 बजे के बीच जेल स्टाफ बैरिक का राउंड कर रहा था, तब नजर बैरिक में जमीन पर पड़े जगन गुर्जर पर गई. स्टाफ में तुरंत जेल के भीतर चिकित्सक और जेल प्रशासन को सूचना दी. जेल प्रशासन ने संबंधित सिविल लाइन थाना पुलिस को मामले की सूचना दी. पुलिस ने एफएसएल टीम को मौके पर बुलाया और जेल के भीतर जांच शुरू की. एफएसएल टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए.
सुबह कहासुनी के बाद खेला लूडो: मार्च 2026 को जगन गुर्जर को हाई सिक्योरिटी अजमेर जेल लाया गया था. विष्णु 3 साल से हाई सिक्योरिटी जेल में था. जगन गुर्जर विष्णु को बात-बात पर ताने देता था. उसका मजाक उड़ाता था. सोमवार सुबह नाश्ते के दौरान दोनों में कहासुनी भी हुई थी. उसके बाद दोनों अपने बैरक में चले गए थे, जहां दोनों ने लूडो भी खेला था.
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परिजन पहुंचे अजमेरः जगन गुर्जर की मौत के बाद परिजन और परिचित अजमेर पहुंच गए हैं. परिजन जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठ गए. जगन गुर्जर के भाई पप्पू गुर्जर को भरतपुर या धौलपुर जेल में शिफ्ट करने की मांग कर रहे हैं. साथ ही जगन गुर्जर की हत्या के वास्तविक कारण का खुलासा करने की भी परिजन मांग कर रहे हैं. परिजनों ने जगन गुर्जर की हत्या का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि साजिश के तहत हत्या की गई है.

