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BMC election 2026 : 'मुंबई महाराष्ट्र का शहर नहीं है', अन्नामलाई के बयान से BJP मुश्किल में? विपक्ष ने की आलोचना

भाजपा नेता अन्नामलाई के द्वारा मुंबई को महाराष्ट्र का शहर नहीं कहे जाने के बाद राजनीति गरमा गई है.

BJP leader K. Annamalai
भाजपा नेता के. अन्नामलाई (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Hindi Team

Published : January 10, 2026 at 5:54 PM IST

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Updated : January 10, 2026 at 6:03 PM IST

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मुंबई : बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) चुनाव से ठीक पहले भाजपा के लिए नई राजनीतिक मुश्किलें खड़ी हो गई हैं. भाजपा नेता के. अन्नामलाई के एक बयान से नया विवाद खड़ा हो गया है और इस पर विपक्ष ने आक्रामक रुख अपना लिया है. मुंबई में मराठी वोटरों के साथ-साथ गैर-मराठी वोटरों की भी बड़ी संख्या है.

बता दें कि बीएमसी चुनाव के प्रचार के लिए भाजपा अलग-अलग राज्यों से नेताओं को ला रही है. इसी क्रम में मुंबई में अन्नामलाई के एक बयान से राजनीतिक माहौल गरमा गया है. इस बीच, उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 'ईटीवी भारत' को दिए इंटरव्यू में भरोसा दिलाया कि "मुंबई को महाराष्ट्र से अलग नहीं किया जाएगा."

वहीं एक स्थानीय न्यूज़ चैनल से बात करते हुए अन्नामलाई ने कहा, “बॉम्बे महाराष्ट्र का शहर नहीं है, यह एक इंटरनेशनल शहर है.” इस बयान के बाद विपक्ष ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत और नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) सांसद सुप्रिया सुले ने इस बयान की निंदा की.

बृहन्मुंबई नगर निगम चुनाव प्रचार के दौरान बोलते हुए अन्नामलाई ने कहा, “मुंबई में ट्रिपल इंजन वाली सरकार जरूरी है. केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राज्य में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और मुंबई में भाजपा का मेयर होना चाहिए. मुंबई एक इंटरनेशनल शहर है. इस शहर का बजट लगभग 40,000 करोड़ रुपये है. चेन्नई का बजट आठ हजार करोड़ और बेंगलुरु का 19,000 करोड़ रुपये है. इसलिए, मुंबई जैसे शहर को कुशल प्रशासन की जरूरत है.”

संजय राउत ने इस बयान की कड़ी आलोचना की. उन्होंने अन्नामलाई के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की और कहा कि यह बयान मुंबई और महाराष्ट्र की पहचान का अपमान है.

इसी तरह, यह भी मांग की गई कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इस मामले पर अपना रुख साफ करें. इस बीच, सुप्रिया सुले ने अपनी प्रतिक्रिया में साफ शब्दों में कहा, "मुंबई महाराष्ट्र की है और रहेगी. मुंबई को महाराष्ट्र से अलग नहीं किया जा सकता."

एक तरफ, शिवसेना (UBT) और एमएनएस मराठी पहचान और मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करने की कथित साजिश के अपने पुराने मुद्दों को उठाते हुए प्रचार करते दिख रहे हैं. राज ठाकरे ने 'सामना' अखबार को दिए एक इंटरव्यू में इस बात की आलोचना की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सभी प्रोजेक्ट्स अडाणी ग्रुप को सौंप रहे हैं.

उन्होंने आरोप लगाया कि वधावन पोर्ट पर एयरपोर्ट बनाकर गुजरात को फायदा पहुंचाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं. ठाकरे भाई अपने कैंपेन में इस मुद्दे को आगे बढ़ा रहे हैं, वहीं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि "जब तक सूरज और चांद रहेंगे, मुंबई महाराष्ट्र से अलग नहीं होगा."

हालांकि, अन्नामलाई के बयान की वजह से मुंबई की पहचान और महाराष्ट्र के साथ उसका रिश्ता एक बार फिर नगर निगम चुनाव प्रचार में राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया है. भाजपा के राज्य नेताओं ने अब तक इस मामले पर कोई टिप्पणी करने से परहेज किया है.

के. अन्नामलाई कौन हैं? - के. कुप्पुसामी अन्नामलाई एक भाजपा नेता और पूर्व आईपीएस अधिकारी हैं. कर्नाटक कैडर में सेवा करते हुए, उन्हें उनके प्रभावी प्रदर्शन के लिए 'कर्नाटक पुलिस के सिंघम' के रूप में पहचान मिली.

उन्होंने 2019 में पुलिस सर्विस से इस्तीफा दे दिया और राजनीति में सक्रिय हो गए. 2024 के लोकसभा चुनाव में, उन्होंने तमिलनाडु के कोयंबटूर सीट से चुनाव लड़ा. अभी, उन्हें तमिलनाडु की राजनीति में भाजपा का एक जाना-माना चेहरा माना जाता है. वह मुंबई म्युनिसिपल चुनाव में भाजपा के लिए स्टार प्रचारक के तौर पर काम कर रहे हैं.

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Last Updated : January 10, 2026 at 6:03 PM IST