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'बंगाल में महा-जंगलराज...', ईडी की रेड के विरोध को लेकर ममता पर भड़के रविशंकर प्रसाद

ईडी रेड पर बंगाल में बवाल मचा हुआ. इस पर भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने सीएम ममता बनर्जी पर जमकर निशाना साधा.

BJP targets Mamata Banerjee over ED raid at I-PAC
ममता बनर्जी और रविशंकर प्रसाद (डिजाइन इमेज) (ANI and ETV Bharat)
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By ETV Bharat Hindi Team

Published : January 9, 2026 at 8:32 PM IST

5 Min Read
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अनामिका रत्ना

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव जैसे जैसे नजदीक आते जा रहे हैं केंद्र सरकार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच तनाव काफी बढ़ता जा रहा है. 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले,यह टकराव अब दिल्ली तक पहुंचाता जा रहा है.

मुख्य रूप से प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के बाद जिस तरह से ममता आक्रामक हुईं और केंद्र के खिलाफ सड़क पर उतरीं है उसे देखते हुए कहा जा सकता है कि पश्चिम बंगाल के चुनाव से पहले ये तल्खियां अभी और बढ़ेंगी जिससे पश्चिम बंगाल का चुनाव इस बार काफी आक्रामक होने का अंदाजा लगाया जा रहा है.

ईडी की रेड के विरोध को लेकर ममता पर भड़के रविशंकर प्रसाद (ETV Bharat)

शुक्रवार की सुबह टीएमसी के सांसदों ने गृह मंत्रालय पर अचानक प्रदर्शन कर टीएमसी और भाजपा की लड़ाई को लेकर ये ऐलान कर दिया कि ये लड़ाई अब राज्य तक सिमट कर नहीं रहेगी और इसका विरोध वो केंद्र सरकार यानी दिल्ली तक करेंगे.

8 जनवरी 2026 को ईडी ने पश्चिम बंगाल में टीएमसी की चुनावी रणनीति संभालने वाली पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म I-PAC (Indian Political Action Committee) के ऑफिस और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर पर छापेमारी की. ईडी की ये छापेमारी कथित कोल स्कैम में जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले को लेकर बताई गई.

बंगाल में ईडी रेड का विरोध..बीजेपी ने क्या कहा, ईटीवी भारत की रिपोर्ट (ETV Bharat)

मगर इसका विरोध करते हुए राज्य की सीएम ममता बनर्जी खुद मौके पर पहुंचकर विरोध करने लगीं. उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी टीएमसी के आंतरिक दस्तावेज़, लैपटॉप, मोबाइल और चुनावी रणनीति (जिसमें SIR से जुड़े डेटा भी शामिल हैं) "चुराने" की कोशिश कर रहा है. ममता और उनकी पार्टी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर सीधा हमला बोला और उन्हें "नॉटी" (शरारती) तक कह दिया.

रविशंकर प्रसाद ने ममता पर साधा निशाना
यही नहीं ममता ने शुक्रवार को एक बड़ी रैली का आयोजन भी किया जिसपर भाजपा ने खुलकर विरोध किया. भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि ममता बनर्जी ने लोकतांत्रिक मर्यादाओं को तार तार कर दिया है. उन्होंने पूछा कि, ममता को इतनी घबराहट क्यों है, जबकि एक निजी कंपनी के दफ्तर पर घोटालों की जांच हो रही तो उन्हें इतनी परेशानी क्यों है.

उन्होंने ये भी कहा कि ममता ने कॉन्ट्रैक्ट लिया हुआ है कि बंगाल में कोई जांच नहीं होने देंगी. उन्होंने कहा कि, बंगाल के भ्रष्टाचार में किसी भी सीबीआई और ईडी की जांच नहीं होने देंगी, क्योंकि हर जगह उनके सिस्टम के पांव फैले हुए हैं. भाजपा नेता कहा कि, वह इसकी कड़ी भर्त्सना करते हैं.

इस मुद्दे पर अब राजनीति गर्माती जा रही है. जहां इस मुद्दे पर ममता बनर्जी ने कोलकाता में केंद्र के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है वहीं ऐसी विरोध रैलियां और भी आनेवाले दिनों में देखी जा सकती हैं. सूत्रों की माने तो आनेवाले दिनों में टीएमसी सांसद के बजट सत्र में इस बार केंद्र के खिलाफ लगातार ऐसे प्रदर्शन करेगी जिसमें एसआईआर को लेकर विरोध प्रदर्शन और इस पर केंद्र सरकार को घेरने के पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया.

दिल्ली में भी TMC के 8 सांसदों ,महुआ मोइत्रा, डेरेक ओ'ब्रायन समेत कई और सांसदों ने गृह मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन किया, जिसके दौरान उन्हें हिरासत में लिया गया. यदि देखा जाय तो पिछले एक साल से वोटर लिस्ट SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण पर केंद्र और राज्यों के बीच आरोप प्रत्यारोप चल रहा है ,ममता बनर्जी केंद्र और चुनाव आयोग पर आरोप लगा रहीं कि SIR के जरिए 1.5 करोड़ नाम हटाने की साजिश है, जो मतुआ और अल्पसंख्यक समुदायों को टारगेट करता है. यहां तक की टीएमसी ने इसे अदालत में चुनौती भी दी.

सिर्फ एसआईआर ही नहीं इसके अलावा केंद्र सरकार की मनरेगा और दूसरी योजनाओं में नए नियमों और फंड रोकने पर भी विरोध लगातार चल रहा है, जिसे लेकर टीएमसी ने मानसून सेशन में भी जमकर विरोध प्रदर्शन किया था. ये उम्मीद जताई जा रही है कि आनेवाले बजट सेशन में भी टीएमसी चुनावों को देखते हुए बजट सेशन में भी जमकर विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रही है.

वहीं विरोधी पार्टियां ये भी आरोप लगा रहीं है कि, केंद्र अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति शासन भी लगाने की तैयारी कर रही है. बहरहाल ये फिलहाल संवैधानिक रूप से जटिल माना जा रहा है. साथ ही यह टकराव मात्र चुनावी राजनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जहां टीएमसी केंद्र पर लगातार राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगा रही है. जबकि बीजेपी इसे कानूनी कार्रवाई बता रही है.

स्थिति लगातार बदल रही है और कोर्ट में सुनवाई 14 जनवरी तक स्थगित हो चुकी है. यह बढ़ता टकराव पश्चिम बंगाल की सियासत को और गरमा रहा है, और आने वाले दिनों में जैसे जैसे चुनाव नजदीक आएगा ऐसा लगता है ये लड़ाई और आक्रामक होती जाएगी.

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