झामुमो के मिशन असम पर भाजपा का तंज! राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश ने बताया मुंगेरीलाल के हसीन सपने
झारखंड मुक्ति मोर्चा असम में अपनी संभावना तलाशने में जुटा है. इसे लेकर भाजपा ने झामुमो पर तंज कसा है.

Published : January 4, 2026 at 4:44 PM IST
रांची:भाजपा शासित राज्य असम में इस वर्ष विधानसभा चुनाव होना है. हालांकि चुनाव आयोग ने अभी शिड्यूल जारी नहीं किया है, लेकिन कई राजनीतिक दल अभी से ही असम में अपनी संभावना तलाशने में जुट गए हैं. इस क्रम में झारखंड की मुख्य सत्तारूढ़ पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी अपनी पार्टी के लिए वहां राजनीतिक और सामाजिक संभावनाएं तलाशने के लिए असम जानेवाला है. लिहाजा, झारखंड की राजनीति में असम को लेकर झामुमो-भाजपा के बीच बयानबाजी शुरू हो गई है.
राज्य के आदिवासी कल्याण मंत्री चमरा लिंडा के नेतृत्व में प्रस्तावित झामुमो प्रतिनिधिमंडल के असम दौरे को भाजपा के राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश ने "मुंगेरी लाल के हसीन सपने" बता कर तंज कसा है. वहीं झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडेय ने यह कहकर पलटवार किया कि इस बार असम से बीजेपी का पत्ता साफ होने वाला है, उनकी वहां की सत्ता से विदाई तय है.
मुंगेरीलाल के हसीन सपने देख रहा झामुमो-दीपक प्रकाश
झारखंड भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश कहते हैं कि झामुमो के लोग कुछ ही महीने पहले बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने गए थे. अपनी उम्मीदवारों की दावेदारी वाली सीटों की घोषणा भी कर दिए थे, लेकिन हुआ क्या? बिहार से खाली बोतल-खाली डब्बा लेकर लौटना पड़ा. अब मुंगेरीलाल के हसीन सपने देखने के लिए झामुमो के नेता असम जा रहे हैं, लेकिन वहां इनकी दाल नहीं गलने वाली, क्योंकि वहां न इनके साथ जनता है और न ही इनका कोई संगठन है. दीपक प्रकाश ने जल्द ही असम जानेवाले झामुमो के नेताओं को सलाह दी कि वह वहां जाएं और मां कामाख्या का दर्शन-पूजन कर वापस लौट आएं.
"पहले राहुल-प्रियंका तो हेमंत को मानें नेता"
भाजपा के राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन राष्ट्रीय फलक पर आदिवासियों के बड़े नेता के रूप में पहचान बनाना चाहते हैं, लेकिन इसके लिए तो पहले राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी को उन्हें नेता मानना होगा, लेकिन कांग्रेस कभी ऐसा मानेगी नहीं. क्योंकि उसका चरित्र आदिवासी विरोधी रहा है. जबकि हमने तो एक आदिवासी महिला को राष्ट्रपति पद पर आसीन करा कर पूरे समुदाय को सम्मान दिया है.
असम में इस बार भाजपा की विदाई तय-झामुमो
भाजपा के राज्यसभा सांसद द्वारा झामुमो नेताओं के प्रस्तावित असम दौरे को लेकर तंज भरे बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय समिति सदस्य सह प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा कि असम विधानसभा चुनाव में इस बार भाजपा सबक सीखेगी. असम में जो माहौल है उससे लग रहा है कि असम में बीजेपी सरकार की विदाई तय है.
हेमंत की लोकप्रियता से असम अछूता नहीं-मनोज पांडेय
झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा कि असम में हमारे चाहने वाले लोगों की कमी नहीं है. वहां के चाय बागानों में काम करने वाले हमारे आदिवासी समुदाय के लोगों (टी ट्राइब) को उनका हक और अधिकार नहीं मिला है. असम में हमारी मजबूत पकड़ है और हमारे नेता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की लोकप्रियता से असम अछूता नहीं है. मनोज पांडेय ने कहा कि असम में टी ट्राइब कहकर झारखंड से गए आदिवासियों को वहां अनुसूचित जनजाति का दर्जा नहीं दिया गया है. अब समय इस मुद्दे पर निर्णायक लड़ाई लड़ने की है.
क्यों असम पर है झामुमो की खास नजर
बिहार विधानसभा के चुनावी समर में उतरने से चूक गए झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय नेतृत्व को असम में इस वर्ष होनेवाले विधानसभा चुनाव में खाता खुलने की उम्मीद है. इसकी वजह यह है कि पार्टी का आकलन है कि असम के करीब 800 चाय बागानों में काम करने वाले 41 लाख आदिवासी समुदाय के लोग झारखंड के हैं. इनकी समस्याएं भी हैं. वर्षों पहले असम जाकर अपनी मेहनत से वहां के विकास में योगदान देनेवाले इन आदिवासियों को टी ट्राइब कहकर उन्हें एसटी का दर्जा नहीं दिया जाता है. अभी भी उन्हें महज 250₹ प्रति दिन की मजदूरी चाय बागानों में मिलती है यानी 7000₹ में परिवार चलाने की दिक्कत का सामना कर रहे हैं.
इन मुद्दों को लेकर वहां के टी ट्राइब को गोलबंद करने की योजना पर झामुमो आगे बढ़ रहा है. पार्टी के नेताओं को एक उम्मीद यह भी है कि बिहार विधानसभा चुनाव में जेएमएम को गठबंधन से दूर रखने का नतीजा कांग्रेस ने देख लिया है. ऐसे में कांग्रेस नेतृत्व उन्हें असम में नजरअंदाज नहीं करेगा. कांग्रेस के साथ होकर असम में इस बार पार्टी का विधानसभा चुनाव में खाता खुलने की उम्मीद पार्टी नेताओं को है.
असम जाएगा झामुमो का प्रतिनिधिमंडल
झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडेय ने बताया कि राज्य के आदिवासी कल्याण मंत्री चमरा लिंडा के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल असम जा रहा है. इसमें सांसद विजय हांसदा, विधायक एमटी राजा और भूषण तिर्की भी साथ होंगे. प्रतिनिधिमंडल असम में पार्टी संगठन की स्थिति, वहां विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की संभावना और चाय बागानों में काम करने वाले झारखंड से असम गए आदिवासी समुदाय की समस्याओं से अवगत होकर पूरी रिपोर्ट मुख्यमंत्री और झामुमो के केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन को देंगे.
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