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यौन शोषण के जिस मामले ने पूरे महाराष्ट्र को झकझोर दिया था, उसके सह-आरोपी को BJP ने बनाया 'मनोनीत पार्षद'

बदलापुर नगर निकाय चुनावों के बाद, शुक्रवार को आयोजित पहली बैठक में कुल पांच मनोनीत पार्षदों के चयन की घोषणा की गई.

BJP
प्रतीकात्मक तस्वीर. (IANS)
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By ETV Bharat Hindi Team

Published : January 10, 2026 at 3:59 PM IST

3 Min Read
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ठाणे (महाराष्ट्र): कुलगांव बदलापुर नगर परिषद में मनोनीत पार्षदों (नॉमिनेटेड कॉरपोरेटर्स) के चयन में भाजपा से दो, शिवसेना से दो और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) से एक सदस्य को चुना गया है. बदलापुर नगर निकाय चुनावों के बाद, शुक्रवार को आयोजित पहली बैठक में कुल पांच मनोनीत पार्षदों के चयन की घोषणा की गई. इस सूची में भाजपा की ओर से तुषार आप्टे को भी चुना गया, जिसके बाद राजनीतिक घमासान मचा है.

क्यों हो रहा विवाद

तुषार आप्टे बदलापुर की दो नाबालिग स्कूली छात्राओं के यौन उत्पीड़न मामले में सह-आरोपी है. इसलिए उनके चयन को लेकर आम नागरिकों में गुस्सा है. वे अपना आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं. वहीं, भाजपा के स्थानीय नेता इस मुद्दे पर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं.

क्या है घटना

बदलापुर के एक स्कूल में दो लड़कियों के यौन उत्पीड़न की खबर फैलने के बाद पूरे राज्य में गुस्से की लहर दौड़ गई थी. इस मामले में स्कूल के अध्यक्ष और सचिव तुषार आप्टे को भी आरोपी बनाया गया था. नाबालिगों के साथ हुए यौन शोषण की सूचना न देने के कारण बदलापुर पूर्व पुलिस स्टेशन में स्कूल प्रबंधन के खिलाफ धारा 21(2) के तहत मामला दर्ज किया गया था. मामले के मुख्य आरोपी अक्षय शिंदे की कथित तौर पर एक मुठभेड़ में मौत हो गई.

स्कूल के सचिव तुषार आप्टे को पुलिस ने 44 दिनों के बाद पकड़ा था, लेकिन उसे 48 घंटे के भीतर ही जमानत मिल गई. यह मामला फिलहाल अदालत में लंबित (पेंडिंग) है. यह खुलासा हुआ था कि स्कूल प्रशासन ने लड़कियों के यौन शोषण के मामले को सामने आने से रोकने के लिए मामले को दबाने की कोशिश की थी. कुछ पुलिस अधिकारियों ने भी इस मामले में केस दर्ज करने से इनकार कर दिया था. मुद्दा बढ़ने के बाद, पुलिस ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज किया था.

लोगों ने किया था विरोध प्रदर्शन

दो छोटी बच्चियों के साथ हुए यौन उत्पीड़न के इस मामले ने बदलापुर शहर और पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया था. इस घटना से आक्रोशित बदलापुर के नागरिकों ने विरोध प्रदर्शन किए थे. रेल यातायात बाधित कर दिया था. पूरा बदलापुर शहर बंद रखा गया था. गुस्सा इतना बढ़ गया था कि प्रदर्शनकारियों को शांत करने के लिए मंत्री गिरीश महाजन को हस्तक्षेप करना पड़ा था, फिर भी प्रदर्शनकारी नहीं माने.

बदलापुर नगर परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मारुति गायकवाड़ ने बताया, "ठाणे जिला कलेक्टर पांचाल ने मनोनीत सदस्यों के चयन में भाजपा और एनसीपी दलों की सूची को मंजूरी दे दी है. इस चयन में तुषार आप्टे (भाजपा), शगुफ गोरे (भाजपा), प्रभाकर पाटिल (एनसीपी), दिलीप बेकार और हेमंत चतुर (शिवसेना) को मनोनीत सदस्य के रूप में चुना गया है."

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