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'अफवाह फैली.. एक-दूसरे पर गिरते गए लोग' लखीसराय डीएम ने बताया अशोक धाम में क्यों मची भगदड़?

लखीसराय के अशोकधाम मंदिर में भगदड़ के कारण कई श्रद्धालुओं की मौत हो गयी है. जानिए क्यों मची भगदड़. रिपोर्ट- गोपाल

stampede at Ashokdham Temple in Lakhisarai
लखीसराय के अशोकधाम मंदिर में भगदड़ (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : August 17, 2026 at 7:53 AM IST

4 Min Read
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लखीसराय: बिहार के लखीसराय जिले के अशोक धाम में भगदड़ मची गयी. इस भगदड़ में 7 श्रद्धालुओं की मौत की सूचना है. हालांकि अभी तक प्रशासन की ओर से कोई आंकड़ा जारी नहीं किया गया है. जानकारी के अनुसार तीसरी सोमवारी पर करीब 50 हजार श्रद्धालु जलाभिषेक करने के लिए पहुंचे थे. इसी दौरान भगदड़ मच गयी.

श्रद्धालु एक-दूसरे के नीचे दबे: भगदड़ मचने के बाद श्रद्धालु इधर-उधर भागने लगे. इस दौरान कई श्रद्धालु एक-दूसरे के नीचे दब गए. घटना की सूचना पर पहुंची प्रशासन की टीम रेस्क्यू अभियान चला रही है. हादसे में घायल हुए सभी लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

stampede at Ashokdham Temple in Lakhisarai
लखीसराय अशोक धाम (ETV Bharat)

अशोक धाम मंदिर भगदड़ में मृतकों के नाम : मृतकों में मधुबाला देवी (पति निरंजन कुमार सिंह, बडाहिया), मनमाला देवी (पति निरंजन कुमार, बडहिया), रिंकू देवी (पति नीरज यादव, सफिया सराय मुंगेर), हेमलता देवी (पति सुरेंद्र यादव प्रतापपुर हलसी लखीसराय) शामिल है.

भगदड़ में घायलों के नाम : घायल में सात महिला शामिल है, जिनमें मौसम कुमारी (पिता ललन राम लक्ष्मीपुर), मुस्कान कुमारी (ललन राम, विद्यापीठ चौक), ममता देवी (पति धारो यादव, चननिया लखीसराय), विमला देवी (पति विनोद राम, मोकामा,) रीना कुमारी (पति राजेश सिंह, बभंगामा लखीसराय), शिवानी कुमारी (पिता रामेश्वर राम, फरीदाबाद लखीसराय), कबीला देवी (बाढ़) शामिल हैं.

stampede at Ashokdham Temple in Lakhisarai
लखीसराय अशोक धाम में भीड़ को समझाती पुलिस (ETV Bharat)

कैसे मची भगदड़?: डीएम शैलेंद्र कुमार ने बताया कि सुबह 6:30 की घटना है. घटना अशोक धाम स्टेशन से मंदिर की तरफ जाने वाले रास्ते पर हुई. 16 जनवरी की रात यहां बिजली का पोल (खंभा) गिर गया था. 17 अगस्त, 2026 सावन की तीसरी सोमवारी पर सुबह जब मंदिर में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालु पहुंचे थे.

डीएम शैलेंद्र कुमार ने आगे बताया ''इस दौरान बिजली के पोल में करंट की अफवाह किसी ने फैला दी. जिसके बाद मंदिर के आसपास अफरा-तफरी मच गई. बैरिकेडिंग टूट गए. लोग इधर-उधर भागने लगे. भगदड़ की स्थिति में कई श्रद्धालु एक-दूसरे के नीचे दब गए. ''

"मंदिर परिसर में अत्यधिक भीड़ और गर्मी के कारण यह हादसा हुआ है. फिलहाल कितने श्रद्धालुओं की मौत हुई है, इसके बारे में पता लगाया जा रहा है. घायलों का इलाज कराया जा रहा है." -शैलेंद्र कुमार, डीएम, लखीसराय

डीएम से खास बातचीत (ETV Bharat)

साल 2019 में भी मची थी भगदड़: पहले भी हुई है घटना. साल 2019 में इसी मंदिर में भगदड़ मची थी. जलाभिषेक के दौरान अफवाह फैल गयी थी कि पुलिस लाठी भांज रही है. इसके बाद श्रद्धालु इधर-उधर भागने लगे थे. इस भगदड़ में एक श्रद्धालु की मौत हो गयी थी, जबकि कई घायल हो गए थे. उस समय भी प्रशासन ने अधिक गर्मी के कारण कांवड़िया की मौत का हवाला दिया था.

क्यों फेमस है अशोक धाम मंदिर?: अशोक धाम जिले में इंद्रदमनेश्वर मंदिर के नाम से भी जाना जाता है. यह मंदिर अपने विशाल और अद्वितीय शिवलिंग, पौराणिक इतिहास और पुरातत्वीय महत्व के कारण मशहूर है. यहां स्थापित शिवलिंग काले ग्रेनाइट से बनी है.

पौराणिक इतिहास: साल 1977 में अशोक नाम के चरवाहे को गिल्ली-डंडा खेलते समय शिवलिंग दिखा था. तब से यहां पूजा हो रही है. इस मंदिर का नाम चरवाहे के नाम पर रखा गया था. इसे उत्तर भारत का देवघर भी कहा जाता है.

सावन में आस्था का केंद्र: सावन के महीने में देवघर से लौटने वाले श्रद्धालु इस मंदिर में भगवान भोलेनाथ का दर्शन करने के लिए आते हैं. इस कारण यहां सावन के दौरान भारी भीड़ उमड़ती है.

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