कान्स के रेड कार्पेट पर पहली बार बिहार की बेटी, रेणु पासवान लिख रही नया इतिहास
बिहार की सामाजिक कार्यकर्ता रेणु पासवान को कान्स फिल्म फेस्टिवल का न्योता मिला है. वो वैश्विक मंच पर बिहार का प्रतिनिधित्व करेंगी. पढ़ें खबर.

Published : January 3, 2026 at 4:13 PM IST
मुजफ्फरपुर: बिहार की बेटियां अब वैश्विक मंच पर अपनी अलग पहचान बना रही हैं. मुजफ्फरपुर की सामाजिक कार्यकर्ता और अंतरराष्ट्रीय वक्ता रेणु पासवान को दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित फिल्म आयोजन कान्स फिल्म फेस्टिवल में रेड कार्पेट वॉक के लिए विशेष निमंत्रण मिला है. यह पहली बार है जब बिहार से किसी महिला को इस प्रतिष्ठित मंच पर यह सम्मान प्राप्त हुआ है.
महिला सशक्तिकरण की थीम पर वैश्विक प्रस्तुति: आगामी 12 से 23 मई, 2026 को फ्रांस में आयोजित होने वाले कान्स फिल्म फेस्टिवल में रेणु पासवान महिला सशक्तिकरण और बालिकाओं के उत्थान की थीम पर बिहार की सामाजिक पहचान को आत्मविश्वास और गर्व के साथ प्रस्तुत करेंगी. इस आयोजन में अंतरराष्ट्रीय मीडिया और विश्व की नामचीन हस्तियां मौजूद रहेंगी. रेणु का चयन उनके संघर्षपूर्ण जीवन और सामाजिक कार्यों को देखते हुए किया गया है.
बिहार के लिए गर्व का पल: इस उपलब्धि पर रेणु पासवान ने कहा कि यह सिर्फ उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि पूरे बिहार और देश के लिए गर्व का पल है. उन्होंने बताया कि कांस जैसे अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म पर बिहार का प्रतिनिधित्व करना बड़ी बात है. बचपन से ही नारी सशक्तिकरण और महिलाओं-बच्चों के उत्थान के लिए काम कर रही हूं, शायद इसी वजह से यह अवसर मिला. बिहार से अब तक इस कैटेगरी में न कोई महिला और न पुरुष गया है.

सरकार से सहयोग की उम्मीद: रेणु ने उम्मीद जताई कि यदि बिहार सरकार का सहयोग मिले तो यह बिहार की सकारात्मक छवि को विश्व स्तर पर स्थापित करने का मजबूत माध्यम बनेगा. उन्होंने कहा कि सरकार का थोड़ा भी समर्थन मिले तो हम बड़े स्तर पर बिहार का नाम रोशन कर सकते हैं. यह उपलब्धि सिर्फ मेरी नहीं, बल्कि पूरे बिहार की पहचान है.

संघर्षपूर्ण रहा जीवन का सफर: रेणु पासवान का सफर बचपन से ही संघर्षों से भरा रहा है. मुजफ्फरपुर के मालीघाट ढाव जैसे इलाके से निकलकर उन्होंने 14 वर्ष की उम्र में बाल विवाह का विरोध किया. नौकरी छोड़कर शिक्षा को प्राथमिकता दी. पहले खुद को शिक्षित किया और अब अन्य महिलाओं को जागरूक कर रही हैं.

मीडिया से सकारात्मक कवरेज की अपील: रेणु ने मीडिया से अपील की कि बिहार को केवल नकारात्मक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि बिहार में सिर्फ भोजपुरी गाने या नाच-गाना ही नहीं है. यहां प्रोफेशनल, शिक्षित और सशक्त लोग भी हैं. मीडिया को बिहार के आगे बढ़ने की तस्वीर दिखानी चाहिए.
"यह मेरे लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश और खासकर बिहारवासियों के लिए गर्व का क्षण है. कान्स एक अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म है, जहां दुनिया भर के दिग्गज लोग शामिल होते हैं. वहां बिहार को रिप्रेजेंट करने का मौका मिलना बहुत बड़ी बात है. मैं बचपन से नारी सशक्तिकरण, महिलाओं और बच्चों के उत्थान के लिए काम करती आ रही हूं. शायद इसी थीम की वजह से मुझे यह अवसर मिला है. बिहार से अब तक न कोई महिला और न ही कोई पुरुष इस कैटेगरी में गया है."- रेणु पासवान, सोशल वर्कर

शैक्षणिक और व्यावसायिक उपलब्धियां: मुजफ्फरपुर के मालीघाट में जन्मी रेणु ने स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद बैंगलोर यूनिवर्सिटी से स्नातक और पुणे यूनिवर्सिटी से परास्नातक की डिग्री प्राप्त की. इसके बाद इंफोसिस में 15 वर्षों तक पीपल मैनेजमेंट लीडर के रूप में कार्य किया. 2016 में भाई के निधन के बाद सामाजिक कार्य को जीवन का उद्देश्य बनाया और 2020 में बिहार लौटकर ग्रामीण महिलाओं व युवाओं के सशक्तिकरण का काम शुरू किया.

तेजस्विनी भारत फाउंडेशन की पहल: रेणु पासवान तेजस्विनी भारत फाउंडेशन की संस्थापक और अध्यक्ष हैं. उनके नेतृत्व में फाउंडेशन ने सकरा प्रखंड में 1000 से अधिक जागरूकता बैठकें आयोजित कीं, वंचित बच्चों के लिए ओपन स्कूल केंद्र खोला, 100 से ज्यादा महिलाओं को उद्यमिता प्रशिक्षण दिया, स्वयं सहायता समूह गठित किए और घरेलू हिंसा, स्वास्थ्य, स्वच्छता व बालिका शिक्षा पर अभियान चलाए. इसके अलावा वे संयुक्त राष्ट्र के मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं और TEDx, Josh Talks जैसे प्लेटफॉर्म पर बोल चुकी हैं. उनकी कहानी BPSC सिलेबस में भी शामिल है। यह निमंत्रण बिहार की बेटियों के लिए नई प्रेरणा है.

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