बिहार में बनेगा मेगा AI सेंटर, 468 करोड़ के निवेश.. AI Expo में सम्राट चौधरी का ऐलान
बिहार में एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) से लेकर जीसीसी पॉलिसी तक, 10 हजार नौकरियां और 50 हजार युवाओं को स्किल ट्रेनिंग का लक्ष्य. पढ़ें

Published : February 17, 2026 at 7:36 PM IST
नई दिल्ली/पटना : बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि, बिहार के लिए ऐतिहासिक दिन है. देश के प्रधानमंत्री ने शुरुआत की. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जेसीसी और सेमीकंडटर पॉलिसी बनाई. हम इस समिट के जरिए इंडस्ट्री से बिहार आने का आग्रह करना चाहते हैं. AI समिट के माध्यम से बिहार विकसित भारत में विकसित भारत का सहयोग देना चाहते हैं. दुनिया भर में बिहार के लोग AI को सफल बनाने के लिए काम कर रहे हैं.
''पूरी दुनिया में बिहार के बच्चे AI के प्रयोग को सफल बनाने का काम कर रहे हैं. तो बिहार के लोग अपने प्रदेश में और अधिक करना चाहेंगे. आईआईटी पटना बिहटा के द्वारा सेंटर ऑफ एक्सिलेंस के तहत इस पर काम किया जा रहा है.''- सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री, बिहार
India AI Impact Summit Expo : दरअसल, दुनिया के सबसे बड़े एआई आयोजन इंडिया एआई इंपैक्ट समिट एंड एक्सपो 2026 में बिहार ने टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में बड़ा कदम बढ़ाते हुए 468 करोड़ रुपए के निवेश संबंधी एमओयू पर हस्ताक्षर किए. दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित पांच दिवसीय समिट के दौरान बिहार सरकार ने कई वैश्विक कंपनियों और आईआईटी पटना के साथ समझौते किए.
रिसर्च पार्क की स्थापना : सबसे अहम घोषणा आईआईटी पटना में 250 करोड़ की लागत से रिसर्च पार्क की स्थापना की रही. इसके साथ ही 60 करोड़ की लागत से बिहार एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) स्थापित किया जाएगा. इस पहल से उभरती प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में 10 हजार से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की उम्मीद है, जबकि 50 हजार से अधिक युवाओं को एआई आधारित स्किल डेवलपमेंट प्रशिक्षण दिया जाएगा.
बिहार पवेलियन का उद्घाटन : बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को समिट में बिहार राज्य पवेलियन का उद्घाटन किया. इस दौरान उनके साथ केंद्रीय पंचायती राज, मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी विभाग के मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह बतौर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे.
''जैसे भारत एआई के क्षेत्र में वैश्विक एजेंडा सेट कर रहा है, वैसे ही बिहार पूर्वोत्तर भारत का टेक्नोलॉजी हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. रिसर्च पार्क और एआई सीओई राज्य के युवाओं को विश्वस्तरीय अवसर देंगे.''- सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री, बिहार
📍AI Impact Summit, नई दिल्ली
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) February 17, 2026
नई दिल्ली के भारत मंडपम में देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी ने कल दुनिया के सबसे बड़े AI Expo का उद्घाटन किया। आज India Al Expo में Bihar Pavilion का अवलोकन किया। इस दौरान बिहार सरकार द्वारा AI संबंधित 468 करोड़ रुपये के परियोजना… pic.twitter.com/DuRXlwJMS4
AI से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे- ललन सिंह : वहीं, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने कहा, ''पंचायत में AI पर काम करना शुरू कर दिया है, और उससे पूरी पंचायत व्यवस्था सुदृढ़ हो रही है, उसमें पारदर्शिता आ रही है और उनके काम करने के तरीकों में सुधार हो रहा है. AI टेक्नोलॉजी कृषि क्षेत्र में भी सहायक है, पशुपालन, मत्स्य पालन में भी नई तकनीकें आ रही है. AI से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे."
बिहार पवेलियन (हॉल 5-एफ, स्टॉल 8 और 12) में राज्य की नई नीतियों और निवेश संभावनाओं को प्रदर्शित किया गया है. बिहार एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना में टिगर एनालिटिक्स इंडस्ट्री पार्टनर और आईआईटी पटना एकेडमिक पार्टनर होंगे. सूचना प्रावैधिकी मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि यह सेंटर स्टार्टअप, रिसर्च और इनोवेशन के लिए प्लेटफॉर्म तैयार करेगा. हम चाहते हैं कि बिहार के युवा सिर्फ जॉब सीकर नहीं, बल्कि जॉब क्रिएटर बनें.

जीसीसी और आईटी पॉलिसी से बढ़ा निवेश : बिहार सरकार ने हाल ही में बिहार जीसीसी पॉलिसी 2026 और सेमीकंडक्टर पॉलिसी 2026 को मंजूरी दी है. उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने बताया कि नई नीतियों के बाद वैश्विक कंपनियों की रुचि बिहार में तेजी से बढ़ी है. रेड साइबर (103 करोड़), ग्रो QR (30 करोड़) और सीआईपीएल (25 करोड़) जैसी कंपनियों के साथ हुए समझौते इसका प्रमाण हैं. बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि यह पहल राज्य की संरचित औद्योगिकीकरण और आर्थिक परिवर्तन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी.
'यह बिहार के युवाओं के भविष्य का रोडमैप' : इस अवसर पर राज्यसभा सदस्य संजय कुमार झा ने कहा कि यह सिर्फ निवेश का आंकड़ा नहीं, बल्कि बिहार के युवाओं के भविष्य का रोडमैप है. समिट में बिहार की सक्रिय भागीदारी ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि राज्य अब पारंपरिक उद्योगों से आगे बढ़कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर जैसे क्षेत्रों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने को तैयार है. आने वाले वर्षों में यह निवेश राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई देने में अहम भूमिका निभा सकता है.
Happy to be a part of the inauguration of the Bihar Pavilion at the India AI Impact Summit & Expo 2026.
— Sanjay Kumar Jha (@SanjayJhaBihar) February 17, 2026
This marked a significant milestone for the state, with MoUs worth Rs 468 crore signed across key projects and investments. These partnerships lay a strong foundation for… pic.twitter.com/c0Og0iHuiP
'रिसर्च पार्क से मिलेगा स्टार्टअप को बूस्ट' : आईआईटी पटना के निदेशक प्रो. टीएन सिंह ने कहा कि 250 करोड़ का रिसर्च पार्क बिहार में उद्योग और अकादमिक जगत के बीच सेतु का काम करेगा. यहां इनोवेशन लैब, स्टार्टअप स्पेस और एडवांस्ड रिसर्च सुविधाएं विकसित की जाएंगी.
''बिहार सरकार का लक्ष्य पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के लिए ग्लोबल टेक्नोलॉजी हब बनना है. इसके तहत मेगा एआई कोर ऑफ इंजीनियरिंग, निवेश आशय पत्र, नई आईटी और सेमीकंडक्टर नीतियों का अनावरण और उद्योग-शैक्षणिक साझेदारी जैसे कदम उठाए गए हैं.''- प्रो. टीएन सिंह, निदेशक, आईआईटी पटना
135 देशों के प्रतिनिधि शामिल : समिट में 100 से अधिक टेक्नोलॉजी कंपनियों के सीईओ और 135 से अधिक देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं. 20 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्ष और 50 से अधिक देशों के मंत्री भी आयोजन में शामिल हैं.
कौन-कौन अधिकारी रहे मौजूद? : इस मौके पर बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव बी राजेंद्र, उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार, सूचना प्रावैधिकी विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह, कृषि विभाग के निदेशक सौरभ यादव, आईआईटी, पटना के प्रोफेसर प्रीतम कुमार और आईआईटी, पटना के निदेशक प्रोफेसर टीएन सिंह उपस्थित रहे.
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