बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में NDA की शानदार जीत, मगध और शाहाबाद में बदला समीकरण
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में मगध और शाहाबाद में भी एनडीए ने शानदार जीत दर्ज की है. इस रिपोर्ट में जानिए हर सीट का हाल.

Published : November 14, 2025 at 8:18 PM IST
पटना: मगध और शाहाबाद क्षेत्र 2020 के विधानसभा चुनाव में एनडीए के लिए कमजोर कड़ी साबित हुई थी, लेकिन 2025 विधानसभा चुनाव में एनडीए नेताओं ने मगध और शाहाबाद को साधने के लिए खास रणनीति तैयार की थी. तमाम नाराज नेताओं को दोनों ही गठबंधन ने मनाने का काम किया इसके अलावा भोजपुरी स्टार पवन सिंह ने शाहाबाद के किले को मजबूत करने के लिए जमकर प्रचार किया. इसका नतीजा ये निकला कि इस क्षेत्र ने एनडीए की झोली भर दी.
एनडीए का शानदार प्रदर्शन: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बहुमत हासिल कर लिया है. NDA ने 200 से अधिक सीटों पर जीत दर्ज की, जिसमें भाजपा (BJP) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई में जनता दल (यूनाइटेड) (JD(U)) ने भी मजबूत प्रदर्शन किया. वहीं, महागठबंधन (MGB) को करारी हार मिली, जिसमें राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस बुरी तरह पिछड़ गए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने NDA की जीत पर बधाई दी और इसे बिहार की जनता का विकास पर भरोसा बताया.

2020 में मगध और शाहाबाद क्षेत्र NDA के लिए कमजोर कड़ी साबित हुए थे, लेकिन 2025 में NDA नेताओं ने इन क्षेत्रों को साधने के लिए खास रणनीति अपनाई. तमाम नाराज नेताओं को मनाया गया, और भोजपुरी स्टार पवन सिंह ने शाहाबाद में जमकर प्रचार किया. नतीजतन, इन क्षेत्रों ने NDA को जबरदस्त जीत मिली.
पटना जिले में NDA का दबदबा: पटना जिले की 14 विधानसभा सीटों पर NDA और महागठबंधन के बीच सीधा मुकाबला था. लालू प्रसाद यादव ने जहां प्रचार किया, वहीं नरेंद्र मोदी ने रोड शो किया. नतीजों में NDA ने अधिकांश सीटों पर कब्जा जमाया.

मोकामा: मुकाबला दो बाहुबलियों के बीच था. NDA से JD(U) के अनंत सिंह ने जीत दर्ज की, जबकि महागठबंधन से RJD की वीणा देवी (सूरजभान सिंह की पत्नी) हार गईं. जन सुराज से प्रियदर्शी पीयूष ने मुकाबला रोचक बनाया. यहां से अनंत सिंह छठी बार विधायक बने.
बाढ़: BJP ने वर्तमान विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू का टिकट काटकर सियाराम सिंह को उतारा था. NDA से सियाराम सिंह ने महागठबंधन के RJD उम्मीदवार करणवीर सिंह यादव को हराया.
बख्तियारपुर: महागठबंधन से RJD के अनिरुद्ध कुमार और NDA से LJP (रामविलास) के अरुण कुमार के बीच मुकाबला था. जन सुराज के वाल्मीकि सिंह ने रोचकता बढ़ाई. NDA ने जीत हासिल की. यह सीट महागठबंधन का मजबूत किला थी, लेकिन टूट गई.

दीघा: यह सीट BJP का मजबूत किला है. वर्तमान विधायक संजीव चौरसिया ने जन सुराज के रितेश रंजन सिंह और महागठबंधन की CPI(ML) प्रत्याशी दिव्या गौतम को हराया. यहां मुकाबला त्रिकोणीय माना जा रहा था लेकिन यहां बीजेपी ने अपनी सीट बरकरार रखी.
बांकीपुर: बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन (BJP) ने महागठबंधन की RJD उम्मीदवार रेखा कुमारी को हराया. यह कायस्थ बहुल सीट है और यह बीजेपी की मजबूत सीटों में से एक मानी जाती है.
कुम्हरार: BJP ने वर्तमान विधायक अरुण सिंह का टिकट काटकर संजय गुप्ता को उतारा था. NDA के संजय कुमार ने त्रिकोणीय मुकाबले में महागठबंधन के कांग्रेस उम्मीदवार इंद्रदीप चंद्रवंशी और जन सुराज के केसी सिन्हा को हराया.
पटना साहिब: BJP ने विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव का टिकट काटकर रत्नेश कुशवाहा को उतारा. NDA के रत्नेश कुमार ने महागठबंधन के कांग्रेस उम्मीदवार सुशांत शेखर को हराया.

फतुहा: महागठबंधन का मजबूत किला माना जाता है, यहां से RJD के डॉ. रामानंद यादव ने NDA की LJP (रामविलास) उम्मीदवार रूपा कुमारी को हराया. जन सुराज के राजू कुमार ने मुकाबला रोचक बनाया.
दानापुर: यह एक हॉट सीट मानी जा रही थी. यहां दो यादव उम्मीदवारों के बीच मुकाबला था. NDA से BJP के पूर्व केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव ने महागठबंधन के RJD विधायक रीतलाल यादव को हराया. रीतलाल यादव फिलहाल जेल में बंद हैं. दोनों के बीच पहले से ही कड़ी टक्कर की बात कही जा रही थी.
मनेर: इस सीट को RJD का गढ़ माना जाता है. यहां से महागठबंधन के RJD विधायक भाई वीरेंद्र ने NDA के LJP (रामविलास) उम्मीदवार जितेंद्र यादव और जनतांत्रिक जनता दल के शंकर कुमार को हराया.

फुलवारी (SC): NDA ने सीट वापस ली. JD(U) के श्याम रजक ने महागठबंधन के CPI(ML) विधायक गोपाल रविदास को हराया. श्याम रजक सातवीं बार विधायक बने.
मसौढ़ी (SC): इस सीट पर RJD मजबूत माना जाता रहा है. लेकिन यहां भी आरजेडी को हार का सामना करना पड़ा. महागठबंधन की RJD विधायक रेखा देवी को NDA के JD(U) उम्मीदवार अरुण मांझी ने हराया. कांटे का मुकाबला. 69.11% मतदान.
पालीगंज: महागठबंधन के CPI(ML) विधायक संदीप सौरभ को NDA के LJP (रामविलास) उम्मीदवार सुनील कुमार ने हराया.
बिक्रम: दोनों गठबंधनों से यहां से भूमिहार उम्मीदवार को उतारा था. यहां से महागठबंधन के कांग्रेस उम्मीदवार अनिल कुमार को NDA के BJP उम्मीदवार सिद्धार्थ सौरभ ने हराया.

अरवल: अरवल जिले में विधानसभा की 2 सीटें हैं. 2020 में दोनों पर महागठबंधन का कब्जा था. 2020 चुनाव में आरजेडी ने कुर्था सीट पर जीत हासिल की थी, जबकि सीपीआई माले ने अरवल सीट पर कब्जा किया था. 2020 में महागठबंधन का कब्जा था (RJD: कुर्था, CPI(ML): अरवल). 2025 में NDA ने दोनों सीटें जीतीं. कुर्था में आरजेडी के कुमार कृष्णा मोहन को जेडीयू के पप्पू कुमार वर्मा ने मात दी है. वहीं, अरवल में बीजेपी के मनोज कुमार ने माले के महानंद सिंह को मात दी.

जहानाबाद जिले में 3 विधानसभा सीटें हैं: जहानाबाद में 2020 में महागठबंधन जहानाबाद, मखदुमपुर और CPI(ML) घोसी तीनों सीटों पर कब्जा किया था. 2025 में यहां कांटे की टक्कर हुई है. जहानाबाद में आरजेडी के राहुल कुमार और जेडीयू के चंद्रश्वर पासवान के बीच कड़ी टक्कर चल रही है. जबकि मखदुमपुर में आरजेडी के सूबेदार दास ने लोक जनशक्ति पार्टी के रानी कुमारी को मात दी है. घोसी में जेडीयू के ऋतुराज माले के राम विलास यादव को मात दी है.
औरंगाबाद में 6 सीटें: 2020 के चुनाव में औरंगाबाद के सभी 6 सीटों औरंगाबाद, ओबरा, नबीनगर, कुटुंबा, रफीगंज और गोह में महागठबंधन का कब्जा था. इसमें 4 सीटों पर आरजेडी और 2 सीटों पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी. 2025 में NDA ने खाता खोला, 4 सीटें जीतीं. लेकिन इस बार यहां कड़ा मुकाबला रहा. औरंगाबाद सीट पर बीजेपी के त्रिविक्रम नारायण सिंह ने कांग्रेस के आनंद शंकर सिंह को मात दी.

ओबरा विधानसभा सीट पर एलजेपीआर उम्मीदवार प्रकाश चंद्रा राजद के ऋषि कुमार को हराया. नबीनगर में जेडीयू के चेतन आनंद और राजद के अमोद कुमार सिंह में है, यहां दोनों के बीच कांटे की टक्कर चल रही है. कुटुंबा में हम के ललन राम ने कांग्रेस के राजेश राम को मात दी है. जबकि रफीगंज राजद के गुलाम साहिद और जेडीयू के प्रमोद कुमार सिंह में कड़ा मुकाबला चल रहा है. गोह में राजद से अमरेंद्र कुमार और बीजेपी से डॉ रणविजय कुमार के बीच कांटे की टक्कर है.
बक्सर जिले का क्या है हाल: बक्सर के 4 विधानसभा सीटों पर 2020 में महागठबंधन का पूरा कब्जा था. इसमें आरजेडी 1 और कांग्रेस 2 सीटों जबकि CPI(ML) को एक सीट हासिल थी. लेकिन 2025 में NDA ने यहां कड़ी टक्कर दी है. बक्सर सीट पर BJP के आनंद मिश्रा ने जीत दर्ज की. जबकि डुमरांव पर JDU के राहुल कुमार सिंह ने जीत दर्ज की. ब्रह्मपुर में RJD के शंभु नाथ यादव ने एलजेपी के हुलास पांडे को हराया है. वहीं, राजपुर से JDU के संतोष कुमार निराला ने विश्वनाथ राम को हराकर शानदार जीत दर्ज की.

रोहतास में विधानसभा की 7 सीटें: 2020 में महागठबंधन का सभी सात सीटों पर कब्जा रहा था, यहां कांग्रेस ने 2, RJD ने 4, CPI(ML) ने 1 सीट जीती थी. 2025 में NDA ने 5 सीट जीतने में सफल रही है. यहां चेनारी में एलजेपी के मुरारी प्रसाद गौतम ने कांग्रेस के मंगल राम को मात दी. सासाराम में उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी आरएलएम की स्नेहलता ने आरजेडी के सतेंद्र साह को मात दी. करगहर में जेडीयू के वशिष्ठ सिंह ने जीत दर्ज की यहां कांग्रेस तीसरे नंबर पर रही. दिनारा में राष्ट्रीय लोक मोर्चा के आलोक सिंह ने आरजेडी के शशि शेखर को हराया.

नोखा में जेडीयू के नरेंद्र चंद्रवंशी ने आरजेडी के अनीता देवी को हराया. डेहरी में एलजेपी ने आरजेडी के गुड्डू कुमार को हराया. जबकि काराकाट सीट ज्योति सिंह के कारण काफी खास हो गई थी. यहां पर ज्योति तीसरे नंबर पर रहीं. दूसरे नंबर पर जेडीयू के महाबली सिंह रहे. जबकि माले के अरुण सिंह ने यहां से जीत दर्ज की.
कुल मिलाकर, बिहार में NDA ने 203 सीटों पर लीड/जीत दर्ज की जबकि महागठबंधन 35 पर सिमटा सिमट गया. जन सुराज पार्टी का प्रभाव बेहद सीमित सीमित रहा.
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