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चेन्नई में बिहार के पति-पत्नी और बच्चे की हत्याः नौकरी के लिए बुलाने वाले दोस्त ही निकले कातिल, तीन गिरफ्तार

बिहार का एक युवक पत्नी और बच्चे के साथ रोजगार की तलाश में चेन्नई जाता है. उसके बाद जो हुआ उसे पढ़कर आप चौंक जाएंगे.

Bihar family murder
अड्यार पुलिस स्टेशन. (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Hindi Team

Published : January 30, 2026 at 9:50 PM IST

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Updated : January 30, 2026 at 10:55 PM IST

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चेन्नईः तमिलनाडु के अड्यार में 26 जनवरी को हुई एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे शहर में सनसनी फैला दी थी. उस सुबह पुलिस को खून से लथपथ एक बोरी मिली, जिसमें 25 साल के एक युवक की लाश थी. शव को पोस्टमॉर्टम के लिए रायपेट सरकारी अस्पताल भेज दिया गया. मामले की जांच के लिए अड्यार के पुलिस उपायुक्त हरिहरन के नेतृत्व में एक स्पेशल टीम बनाई गई.

जांच में पता चला कि मृतक बिहार का रहने वाला 24 वर्षीय गौरव कुमार था, जो तारामणि के एक पॉलिटेक्निक कॉलेज में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता था. गौरव की हत्या के बाद पुलिस उसकी पत्नी की तलाश कर रही थी, जिसका शव छह दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद 30 जनवरी को बरामद कर लिया गया. जांच में पुलिस ने जब उसके साथियों से कड़ाई से पूछताछ की तो चौंकाने वाले खुलासे हुए.

काम की तलाश में चेन्नई आए गौरव कुमार ने अपने ही राज्य के सत्येंद्र (उर्फ संतोष कुमार) से गार्ड की नौकरी दिलाने में मदद मांगी थी. कोट्टूरपुरम के एक कॉलेज में वॉचमैन का काम करने वाले सत्येंद्र ने उसे नौकरी का भरोसा दिलाया था. उसकी बातों पर यकीन करके गौरव 24 तारीख को अपने परिवार के साथ सत्येंद्र के बुलाए हुए पते पर पहुंच गया. सत्येंद्र ने उन्हें उसी कॉलेज कैंपस की चौथी मंजिल पर ठहराया जहां वह काम करता था.

गौरव को लगा कि अब सब ठीक हो जाएगा, लेकिन उसी रात सब खत्म हो गया. सत्येंद्र अपने साथी ललित यादव और विकास कुमार (जो कोट्टिवक्कम में वॉचमैन था) के साथ शराब पी रहा था. बताया जा रहा है कि गौरव भी उनके साथ इस महफिल में शामिल हो गया था. जैसे-जैसे नशा बढ़ा, सत्येंद्र और उसके दोस्तों ने गौरव कुमार की पत्नी के साथ बदतमीजी करने की कोशिश की. शुरुआती जांच के मुताबिक, जब गौरव ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो उनके बीच झगड़ा शुरू हो गया और उन सबने मिलकर गौरव की हत्या कर दी.

हत्या की बात खुल न जाए, इस डर से सत्येंद्र और उसके दोस्तों ने गौरव की पत्नी और उनके दो साल के बच्चे को भी मार डाला. पुलिस ने बताया कि उसी रात उन्होंने तीनों के शवों को बोरियों में लपेटा और अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया. आरोपियों ने गौरव का शव अड्यार इलाके में, उसकी पत्नी का शव पेरुंगुडी के कूड़ेदान में और बच्चे का शव एक नहर में- तीनों को अलग-अलग दिशाओं में ठिकाने लगा दिया था.

हत्या की बात कबूल करने के बाद पुलिस ने सत्येंद्र, ललित यादव और विकास कुमार को गिरफ्तार कर लिया. तीनों को सैदापेट मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें 12 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

अड्यार पुलिस इंस्पेक्टर इलांगनी ने कहा, "इस हत्याकांड में केवल ये तीन गिरफ्तार लोग ही शामिल हैं. हमारी अब तक की जांच में किसी और के शामिल होने की बात सामने नहीं आई है. हम जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल करने और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए सभी कानूनी कदम उठाएंगे."

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Last Updated : January 30, 2026 at 10:55 PM IST