दावा था डिप्टी CM पद का, मछली भात की पार्टी की थी तैयारी, लेकिन मुकेश सहनी का खाता तक नहीं खुला
बिहार चुनाव में महागठबंधन की करारी हार हुई. 2020 में चार सीटें जीतने वाली मुकेश सहनी की वीआईपी इस बार खाता भी नहीं खोल पाई.

Published : November 14, 2025 at 6:24 PM IST
पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों में एनडीए को प्रचंड बहुमत मिला है. विपक्षी महागठबंधन को करारी हार का सामना करना पड़ा. भाजपा-जेडीयू की आंधी आगे विरोधी दल धराशायी हो गए. महागठबंधन में शामिल विकासशील इंसान पार्टी (VIP) इस चुनाव में अपना खाता भी नहीं खोल पाई. विपक्ष की तरफ से उपमुख्यमंत्री पद के चेहरा VIP प्रमुख मुकेश सहनी क्लीन बोल्ड हो गए.
विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा दांव चलते हुए महागठबंधन की तरफ से तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री और मुकेश सहनी को डिप्टी CM पद का उम्मीदवार घोषित किया गया था. महागठबंधन के भीतर चुनाव में जीत का पक्का भरोसा था और चुनाव नतीजे आने के बाद मछली भात की पार्टी की तैयारी भी चल रही थी. हालांकि विपक्ष के सारे दांव फेल हो गए और सारे अरमान, इच्छाएं या सपने अधूरे रह गए.
आरजेडी जहां 25 सीटों के आसपास सिमटती दिख रही है. वहीं, VIP पार्टी एक भी सीट नहीं जीत पाई. कांग्रेस का प्रदर्शन भी बहुत निराशाजनक रहा. देश की सबसे पुरानी पार्टी को बमुश्किल 5 सीटें मिल दिख रही हैं. 2020 के विधानसभा चुनाव में वीआईपी पार्टी चार सीटें जीतने में काम कामयाब हुई थी.
#WATCH | पटना: VIP प्रमुख मुकेश सहनी ने कहा, "हम इस जनादेश को स्वीकार करते हैं और जो जीते हैं-NDA, उनको मैं बधाई देता हूं...माताओं-बहनों का वोट NDA के पक्ष में गिरा है, जिसके कारण उनकी इतनी बड़ी जीत हो रही है...मैं जनादेश का सम्मान करते हुए इसे(हार) स्वीकार करता हूं। आने वाले समय… pic.twitter.com/R7lCcsLU1Z
— ANI_HindiNews (@AHindinews) November 14, 2025
हालांकि, अभी तक महागठबंधन ने संयुक्त रूप से मीडिया के सामने आकर अपनी हार स्वीकार नहीं की है. लेकिन वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने नैतिकता निभाने में तनिक भी देर नहीं की. उन्होंने बिहार के जनादेश को स्वीकार किया और एनडीए को जीत की बधाई दी.
मुकेश सहनी ने हार स्वीकार की: चुनाव नतीजों की स्थिति साफ होने के बाद मुकेश सहनी मीडिया के सामने आए और कहा, "हम इस जनादेश को स्वीकार करते हैं और जो जीते हैं- NDA, उनको मैं बधाई देता हूं." वीआईपी प्रमुख सहनी ने आगे कहा, "माताओं-बहनों का वोट NDA के पक्ष में पड़ा है, जिसके कारण उनकी इतनी बड़ी जीत हो रही है...मैं जनादेश का सम्मान करते हुए हार को स्वीकार करता हूं. आने वाले समय में हम और मंथन करेंगे कि हमारी हार होने का क्या कारण है."
मुकेश सहनी ने ये भी कहा कि बिहार की जनता हजारों समस्याएं भूल गई और 10,000 रुपये देखकर एनडीए को वोट किया. उन्होंने कहा कि अब एनडीए को बिहार की माताओं और बहनों से किए गए वादों को निभाने की बारी है.
विधानसभा चुनाव के दौरान मुकेश सहनी अपनी जनसभाओं में बड़े-बड़े दावे करते थे. चुनाव की घोषणा से पहले मतदाता सूची के एसआईआर के खिलाफ राहुल गांधी ने बिहार में 'वोटर अधिकार यात्रा' निकाली थी. जिसमें मुकेश सहनी भी शामिल हुए थे.
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