'बिहार में नई व्यवस्था बनने जा रही है' बिहार में बंपर वोटिंग पर प्रशांत किशोर का दावा
बिहार में पहले चरण के मतदान में बंपर वोटिंग हुई है. प्रशांत किशोर ने दावा किया है कि बिहार में बदलाव हो रहा है.

Published : November 7, 2025 at 11:11 AM IST
गयाजी: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में हुए ऐतिहासिक मतदान के बाद जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने इसे बड़े बदलाव की दस्तक बताया है. पीके ने कहा कि इस बार का रिकॉर्ड वोटिंग प्रतिशत साफ बता रहा है कि बिहार की 60 फीसदी से ज्यादा आबादी अब पुरानी व्यवस्था से तंग आ चुकी है और जन सुराज को मजबूत वैकल्पिक ताकत के रूप में स्वीकार कर रही है.
'बिहार में 14 को नई व्यवस्था बन रही है' : प्रशांत किशोर ने बिहार चुनाव पर कहा, "इस बार मतदान प्रतिशत आज़ादी के बाद से अब तक के सबसे ज़्यादा है. मैं महीनों से कह रहा हूं कि बिहार में 60% से ज़्यादा जनता बदलाव चाहती है. अब, जन सुराज की वजह से लोगों के पास एक विकल्प है. बढ़ा हुआ मतदान प्रतिशत दर्शाता है कि लोग विकल्प पाकर खुश हैं.''
"विकल्प ढूंढ़ने में लोगों में जो उदासीनता लोगों में दिख रही थी, उनमें सामने कोई तीसरा विकल्प नहीं था. लेकिन जन सुराज आने के बाद लोगों को एक विकल्प मिला. लोगों ने बदलाव के लिए अपना वोट दिया है.'' - प्रशांत किशोर, जन सुराज संस्थापक
#WATCH | गयाजी, बिहार: जन सुराज संस्थापक प्रशांत किशोर ने बिहार चुनाव पर कहा, " इस बार मतदान प्रतिशत आज़ादी के बाद से अब तक के सबसे ज़्यादा है। मैं महीनों से कह रहा हूं कि बिहार में 60% से ज़्यादा जनता बदलाव चाहती है। अब, जन सुराज की वजह से लोगों के पास एक विकल्प है। बढ़ा हुआ… pic.twitter.com/cuYJ4ORwT2
— ANI_HindiNews (@AHindinews) November 7, 2025
'प्रवासी मजदूर बने चुनाव के X फैक्टर' : जन सुराज संस्थापक ने आगे कहा कि, ''पहले चरण के चुनाव में बंपर वोटिंग में छठ के बाद भी यहां रुके प्रवासी मज़दूरों ने इसमें अहम भूमिका निभाई है. वे इन चुनावों में 'X' फैक्टर हैं. जन सुराज को पूरा भरोसा है. 14 नवंबर को इतिहास लिखा जाएगा."
'पहले चरण में 2 करोड़ से ज्यादा लोगों ने वोट डाला': प्रशांत किशोर के मुताबिक, ''चुनाव में 2 करोड़ से ज्यादा लोगों ने मतदान किया है. उन्होंने किसी भी भविष्यवाणी को खारिज करते हुए कहा कि बड़े-बड़े पंडितों ने भी नहीं सोचा होगा कि इतना बड़ा मतदान होगा. लेकिन असली नतीजे 14 नवंबर को ही पता चलेंगे.''
पुरानी पार्टियों के डर की राजनीति खत्म बोले पीके: पीके ने सीधे नीतीश कुमार और लालू यादव पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, “पिछले तीन दशकों से लोग नीतीश के डर से लालू को और लालू के डर से नीतीश को वोट देने को मजबूर थे. अब जन सुराज ने असली विकल्प दिया है, इसलिए लोग बेखौफ होकर बाहर निकले हैं.” उनके अनुसार, दो करोड़ से ज्यादा वोटर्स ने हिस्सा लिया, जो डर की राजनीति के अंत का सबूत है.

सभी दलों ने अपने-अपने दावे ठोके: रिकॉर्ड वोटिंग पर एनडीए और महागठबंधन ने भी जीत का दावा किया है. उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसे एनडीए की लहर बताया, जबकि तेजस्वी यादव ने कहा कि जनता ने बदलाव के लिए वोट डाला। जन सुराज ने इसे तीसरे मोर्चे की मजबूती का संकेत माना. राजनीतिक पंडितों का कहना है कि यह हाई टर्नआउट साइलेंट वोटर्स की वजह से हुआ, जो जाति से ऊपर उठकर मुद्दों पर वोट कर रहे हैं.
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