बिहार में हर घर गंगा जल योजना फेल! हजारों की आबादी पी रही 'गटर' वाला 'गंदा' जल..!
गया शहर में 30 हजार से ज्यादा की आबादी गंदे जल की सप्लाई से परेशान है. पढ़ें- रत्नेश कुमार की रिपोर्ट

Published : April 25, 2026 at 8:00 PM IST
गया : नल से निकलता बदबूदार तेल जैसा चिप-चिपा पानी जिसे न तो पिया जा सकता है और न ही ये नहाने लायक है. बिहार के गया शहर में 30000 से ज्यादा की आबादी वाले घरों में ये गंदा जल सप्लाई हो रहा है. वार्ड नंबर-38 में बीते दो साल से जल संकट ने विकराल रूप ले लिया है, जिससे लोग बीमार पड़ रहे हैं. शिकायतों के बावजूद लोगों को समाधान नहीं मिलने पर अब मामला लोक शिकायत निवारण केंद्र तक पहुंच चुका है, लेकिन वहां भी सिर्फ तारीख पर तारीख मिल रही है.
दूषित पानी बना बीमारी की वजह : गया शहर के वार्ड संख्या 38 के कई मोहल्लों में लोग गंदा पानी पीने को मजबूर हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि नाले का पानी मोटर के जरिए टंकी तक सप्लाई वाटर पहुंच रहा है और वहीं से घरों में भेजा जा रहा है. इस पानी के सेवन से बच्चे, युवा और बुजुर्ग लगातार बीमार पड़ रहे हैं.
दो साल से नहीं बदली स्थिति : मोहल्ले के लोग बताते हैं कि यह समस्या कोई नई नहीं है. पिछले दो वर्षों से वे इसी संकट को झेल रहे हैं. कई बार शिकायत करने के बावजूद नगर निगम और बुडको की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. दो साल से हमारा मोहल्ला इस तरह के संकट से गुजर रहा है.
शुद्ध पानी के लिए तरसते लोग : लालो गली, आटा मिल समेत कई इलाकों में हालात बेहद खराब हैं. पानी इतना गंदा है कि न तो पीने योग्य है और न ही नहाने के काम आ सकता है. कई बार लोग बिना स्नान के ही दिन गुजारने को मजबूर हो जाते हैं. पानी इतना गंदा होता है कि कई बार बर्तन तक काले हो जाते हैं.

''पानी इतना गंदा है कि बर्तन तक काले हो जाते हैं. उन्हें मजबूरी में दूसरे इलाकों से पानी खरीदकर लाना पड़ता है, जिसकी कीमत भी लगातार बढ़ रही है.''- शांति देवी, स्थानीय महिला
हर घर गंगा जल योजना फेल! : इस मोहल्ले के लोगों का कहना है, कि हर घर गंगाजल से शुद्ध पानी देने की बात थी. हर घर गंगाजल का पाइप भी बिछाया गया. किंतु पानी का कनेक्शन आज तक नहीं हुआ, वही पुराना सप्लाई पानी मिलता आ रहा है. जो कि बिल्कुल ही उपयोग के लायक नहीं है. किंतु मजबूरी में उसी से स्नान करते हैं.

'बदबूदार पानी की घरों में सप्लाई' : वार्ड की बुजुर्ग निवासी कांति देवी बताती हैं कि ''मुझे पीने के लिए साफ पानी लाने कई किलोमीटर दूर जाना पड़ता है. घर में जो पानी आता है, वह पीले तेल जैसा और बदबूदार होता है. वहीं, सुंदर सिंह कहते हैं कि ''कई बार मजबूरी में गंदा पानी पीने से उनकी तबीयत खराब हो चुकी है. पिछले कई दिनों से मैं स्नान तक नहीं कर पाया हूं.''
''शहर के नालों का पानी फल्गु नदी में जाता है और वहीं से मोटर के जरिए वापस सप्लाई हो रहा है. इसी वजह से घरों में पीला और बदबूदार पानी पहुंच रहा है. ये समस्या पिछले दो साल से वार्ड में है.''- सरस्वती देवी, निवासी, वार्ड नंबर 38

शिकायत के बाद भी नहीं मिला समाधान : स्थानीय निवासी गोविंद कुमार ने बताया कि नगर निगम और बुडको में शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई. अब मामला लोक शिकायत निवारण केंद्र में है, लेकिन वहां भी सिर्फ तारीख मिल रही है.
'जहर के समान है यह पानी' : सागर कुमार का कहना है कि ''यह पानी जहर जैसा है. इसे पीने से बीमारी तय है और नहाने से चर्म रोग हो जाता है. लोग इस समस्या से पूरी तरह त्रस्त हो चुके हैं. गया के कई अन्य हिस्सों में भी इसी तरह की समस्या सामने आ रही है. हैरानी की बात यह है कि अधिकारियों को जानकारी होने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया.''

''दूषित पानी का सेवन कई तरह से घातक है. इस तरह के पानी पीने से प्रोस्टेट बढ़ने का डर रहता है. वहीं, कोलेस्ट्रेल भी बढता है. जांडिस होने, आंत में इंफेक्शन, लीवर खराब होने की संभावना काफी अधिक बढ़ जाती है. कीटाणु, वायरस पनपते हैं. इस तरह के दूषित पानी के सेवन से आंख, स्किन, लीवर सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं. सरकार को तत्काल इस पर ध्यान देना चाहिए.''- डॉ. विवेकानंद मिश्रा, प्रसिद्ध आयुर्वेदिक चिकित्सक, गया
कैसे पहुंच रहा है गंदा पानी : स्थानीय लोगों के मुताबिक शहर के नालों का पानी फल्गु नदी में जाता है. वहीं लगे मोटर के जरिए वही पानी टंकी तक पहुंचता है और फिर सप्लाई होकर घरों में आता है. लोगों की सिकायतके बावजूद मामला थमता नहीं दिख रहा. नगर आयुक्त अभिषेक पलासिया ने कहा कि मामला संज्ञान में नहीं था. अब जानकारी लेकर जल्द कार्रवाई की जाएगी और शुद्ध पानी उपलब्ध कराया जाएगा.
''इस तरह का मामला संज्ञान में नहीं है. इसकी जानकारी लेकर त्वरित कार्रवाई की जाएगी और शुद्ध पानी की उपलब्धता कराया जाएगा.''- अभिषेक पलासिया, नगर आयुक्त, नगर निगम, गया
और कितना इंतजार? : दो साल पुरानी प्रदूषित जल सप्लाई की समस्या को नगर निगम के आयुक्त कितनी जल्दी खत्म करते हैं इसपर नजर रहेगी. लगता ऐसा है कि अभी भी वार्ड नंबर 38 के वासियों को अभी और इंतजार करना पड़ेगा.
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