बिहार चुनाव परिणाम से पहले दिल्ली में जश्न, भाजपा मुख्यालय में बन रही सत्तू पराठे-जलेबी
बिहार चुनाव की मतगणना शुरू होने से पहले दिल्ली भाजपा मुख्यालय में पारंपरिक व्यंजनों की खुशबू महसूस की जा रही है.

Published : November 14, 2025 at 8:30 AM IST
नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम की मतगणना शुरू हो गया है और रुझान भी आने शुरू हो गए हैं. जिसमें एनडीए बढ़त बनाये हुए है. इसी बीच दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में एक अनूठा और उत्साह भरा माहौल देखने को मिल रहा है. कड़े चुनावी मुकाबले और परिणाम की गहमागहमी के बीच, मुख्यालय में बिहार के पारंपरिक व्यंजनों की खुशबू फैल रही है, यहां कार्यकर्ताओं और नेताओं के लिए गरम-गरम सत्तू पराठा और जलेबी बनाई जा रही है.
कैटरर का कहना है कि हम जलेबी, सत्तू के पराठे, बैंगन का चोखा बना रहे हैं. हम यहां लिट्टी चोखा भी बना सकते हैं. आज बिहार के लिए त्योहार है.
#WATCH | Delhi: Bihar Assembly Election Results | Sattu paratha, jalebis being prepared at the BJP Headquarters in Delhi ahead of the beginning of counting of votes for #BiharElections2025 pic.twitter.com/lfPYXKMwxR
— ANI (@ANI) November 14, 2025
बिहार की 243 विधानसभा सीटों के लिए दो चरणों में वोटिंग प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. अब शुक्रवार को मतगणना हो रही है. पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक व्यवस्था और सख्त प्रोटोकॉल के साथ, भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) पूरे राज्य में सुचारू और विश्वसनीय मतगणना प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार है.
#WATCH | Delhi: Bihar Assembly Election Results | The Caterer says, " we are preparing jalebis, sattu ke parathe, baingan ka chokha. we can also prepare litti chokha here. today is a festival for bihar..."#BiharAssemblyElections https://t.co/P1qpfmhO6J pic.twitter.com/UbC3GHUFwv
— ANI (@ANI) November 14, 2025
अधिकारियों के अनुसार, 243 रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ), 243 मतगणना पर्यवेक्षकों की सहायता से चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों और उनके अधिकृत एजेंटों की उपस्थिति में इस प्रक्रिया की निगरानी करेंगे. बहुमत के लिए किसी भी पार्टी या गठबंधन को 122 का आंकड़ा प्राप्त करना है. एनडीए और महागठबंधन दोनों ने ही अपनी-अपनी जीत का दावा किया है. रिकॉर्ड वोटिंग को लेकर भी दोनों दलों के दावे अलग हैं. जहां एनडीए इसे सुशासन के समर्थन में जनादेश बता रहा है तो वहीं विपक्ष इसे परिवर्तन की जनता की इच्छा का संकेत मान रहा है.
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