बिहार में संगीत से सत्ता तक, मैथिली ठाकुर की सोलो सक्सेस, दो भोजपुरी स्टार्स फ्लॉप!
बिहार चुनाव में चला मैथिली ठाकुर का जलवा, भोजपुरी के ये दो बड़े सितारे अपने स्टार फेस पर भी नहीं दिला पाएं वोट. पढ़ें खबर-

Published : November 15, 2025 at 2:59 PM IST
पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के परिणाम स्पष्ट हो चुके हैं और राज्य में फिर से एनडीए की सरकार बनने जा रही है. 243 सीटों वाली विधानसभा में एनडीए ने 200 से अधिक सीटों पर जीत का मजबूत आधार बना लिया है. चुनावी विश्लेषकों के मुताबिक यह जीत एनडीए की रणनीति, नेतृत्व और कैंपेन की प्रभावी पहुंच का परिणाम है. जिसमें मैथिली ठाकुर को जीत मिली तो अन्य सितारों को हार का सामना करना पड़ा.
मैदान में संगीत जगत के तीन चेहरे: इस चुनाव की खास बात यह रही कि गैर राजनीतिक बैकग्राउंड से आने वाले तीन प्रमुख कलाकार मैदान में उतरे थे. इनमें मैथिली ठाकुर, खेसारी लाल यादव और रितेश पांडे शामिल रहे. तीनों संगीत जगत के बड़े नाम हैं और अपनी लोकप्रियता के दम पर राजनीति में कदम रख रहे थे. इन उम्मीदवारों को लेकर जनता में काफी चर्चा रही क्योंकि ये अपने क्षेत्र में बड़ी फैन फॉलोइंग रखते हैं.
आज मैं आपके अपार प्रेम, विश्वास और आशीर्वाद के कारण आपकी प्रतिनिधि नहीं बल्कि बेटी बनकर खड़ी हूँ।
— Maithili Thakur (@maithilithakur) November 14, 2025
ये जीत सिर्फ मेरी नहीं है — ये जीत अलीनगर की है, अलीनगर के हर घर की है, हर उस हाथ की है जिसने मुझे अपना आशीर्वाद दिया।
मैं हृदय से भारतीय जनता पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं का, सभी… pic.twitter.com/yfR6C7b1pI
अलीनगर सीट से उतरी थी मैथिली ठाकुर: लोक गायिका मैथिली ठाकुर को अलीनगर सीट से भारतीय जनता पार्टी ने टिकट दिया था. मैथिली ठाकुर लंबे समय से मिथिला संस्कृति और पारंपरिक संगीत को बढ़ावा देने के लिए जानी जाती हैं. उनकी सौम्य शैली, मर्यादित गायन और सांस्कृतिक जुड़ाव ने उन्हें बिहार में एक सम्मानित व्यक्तित्व के रूप में स्थापित किया है.
— Maithili Thakur (@maithilithakur) November 14, 2025
मैथिली ठाकुर की राजनीतिक सफलता: शुक्रवार को जब चुनावी परिणाम आए तो मैथिली ठाकुर ने अलीनगर सीट पर 84915 वोटों के साथ 11730 के अंतर से शानदार जीत दर्ज की. यह न सिर्फ उनकी लोकप्रियता का प्रमाण है बल्कि पहली बार चुनाव लड़ते हुए जनता का उन पर भरोसा भी दिखाता है. उनकी जीत को एनडीए की बड़ी सफलता के रूप में भी देखा जा रहा है क्योंकि उन्होंने अपने क्षेत्र में मजबूत दावेदारों को पीछे छोड़ दिया.
खेसारी लाल यादव को नहीं मिली जीत: भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव इस बार राष्ट्रीय जनता दल के टिकट पर छपरा सीट से उम्मीदवार थे. उनकी लोकप्रियता व्यापक है, लेकिन राजनीतिक अनुभव की कमी उनके लिए चुनौती बनकर सामने आई. परिणामों में यह स्पष्ट हुआ कि खेसारी लाल यादव ने छपरा में कड़ा मुकाबला दिया, लेकिन 79245 वोट लाने के बाद वो 7600 से हार गए और दूसरे स्थान पर रहे. चुनाव प्रचार के दौरान उन पर भोजपुरी संस्कृति को कमजोर करने और अश्लीलता को बढ़ावा देने के आरोप विपक्ष और सोशल मीडिया के जरिए लगते रहे.
क्या हार में क्या जीत में,
— Khesari Lal Yadav (खेसारी) (@khesariLY) November 14, 2025
किंचित नहीं भयभीत मैं,
संघर्ष पथ पर जो मिला,
ये भी सही वो भी सही…
जनता मेरे लिए तब भी सर्वोपरि थी, आज भी है और हमेशा रहेगी! मुद्दा तब भी उठल बा, आगे भी उठी...जय बिहार! 🙏🏻 pic.twitter.com/DkLtZdLnez
जन सुराज के उम्मीदवार थे रितेश पांडे: जनसुराज पार्टी के प्रत्याशी रितेश पांडे ने करगहर सीट से चुनाव लड़ा था. भोजपुरी संगीत के लोकप्रिय गायक होने के बावजूद राजनीति में उनकी पकड़ कमजोर दिखी. उनके खिलाफ भी लंबे समय से अश्लील गीतों को लेकर आलोचनाएं होती रही हैं. करगहर सीट पर मतगणना के नतीजों से यह साफ हो गया कि रितेश पांडे को जनता ने नकार दिया. वे चुनाव में 16298 वोट लाकर भी 76187 वोटों के अंतर से पीछे रह गए. यह परिणाम उनकी राजनीतिक कोशिशों को बड़ा झटका माना जा रहा है.
करगहर विधानसभा के देव तुल्य जनता जनार्दन को अपना बहुमूल्य वोट देने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद
— Ritesh Pandey (@riteshpandeyrp) November 14, 2025
जितने लोगों ने मुझपे विश्वास किया अपना बहुमूल्य वोट दिया उनका हृदय की गहराइयों से बहुत बहुत धन्यवाद
बिहार को बदलने की ये लड़ाई निरंतर जारी रहेगा
दशकों से जिस बदहाली में बिहार जी रहा है… pic.twitter.com/3L49PYdJr1
तीन में सिर्फ एक कलाकार की जीत: इस चुनाव में संगीत और राजनीति का अनोखा संगम देखने को मिला. लेकिन परिणामों ने साफ कर दिया कि लोकप्रियता हमेशा वोटों में नहीं बदलती. तीन कलाकारों में सिर्फ मैथिली ठाकुर ही जनता का भरोसा जीत सकीं, जबकि खेसारी लाल यादव और रितेश पांडे को हार का सामना करना पड़ा. वहीं एनडीए ने इन परिणामों के बीच बिहार की राजनीति में अपनी मजबूत स्थिति एक बार फिर साबित कर दी है.
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