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वो एक शेर जो डिमेंशिया में भी नहीं भूले बशीर साहब , बेटे तैयब ने बताया आखिरी लम्हे में हुआ क्या था

उर्दू ग़ज़ल के शहंशाह बशीर बद्र का कैसा गुजरा अंतिम समय, बेटे तैयब ने ईटीवी की ब्यूरो चीफ शिफाली पांडे से साझा की यादें.

BASHIR BAD SON ETV BHARAT INTERVIEW
बेटे तैयब ने बताया कैसे गुजरे आखिरी पल (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : May 28, 2026 at 8:15 PM IST

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Updated : May 29, 2026 at 11:26 AM IST

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भोपाल: ऊर्दू गजल के मशहूर शायर बशीर बद्र ने ईद के दिन दुनिया को अलविदा कह दिया. भोपाल स्थित अपने घर में उन्होंने 91 बरस की उम्र अंतिम सांस ली. बशीर बद्र को डिमेंशिया हो गया था, इसकी गिरफ्त में वे 10-12 साल तक रहे. जिसकी वजह उनकी याददाश्त कमजोर होती चली गई. बशीर बद्र शायरी की दुनिया के बादशाह माने जाते थे. उन्होंने जिंदगी, मोहब्बत, तन्हाई, जुदाई, सियासत और दंगों से लेकर बेटियों पर अपने शेर कहे.

बशीर बद्र के इंतकाल के बाद गुरुवार शाम को उनको सुपुर्द ए खाक कर दिया गया. इस गम की घड़ी में उनके बेटे तैयब बद्र ने पिता बशीर बद्र के आखिरी पलों को ईटीवी भारत मध्य प्रदेश की ब्यूरो चीफ शिफाली पांडे से साझा किया.

बेटे तैयब ने पिता बशीर बद्र के बारे में बताया (ETV Bharat)

एक हफ्ते से हंसना, मजाक करना भी हो गया था कम

तैयब बद्र ने बताया कि पिता बशीर बद्र को 10-12 सालों से डिमेंशिया था, जिससे उनकी याददाश्त कमजोर होती जा रही थी. इसके साथ ही दिमाग की हालत भी खराब होती जा रही थी, जिससे चलना-फिरना, सुनना और देखना कम हो गया था. ब्रेन की कंडीशन खराब होती जा रही थी. तैयब ने बताया कि पहले जो थोड़ा हंसते-मुस्कारते और मजाक करते थे, पिछले एक हफ्ते से वो भी कम हो गया था. उन्होंने बताया कि वे धीरे-धीरे कमजोर होते जा रहे थे.

TAYYAB SHARED BASHIR BADR MEMMORY
घर में बशीर बद्र के ट्रेड मार्क शेर की नेम प्लेट (ETV Bharat)

कमजोर होती गई ग्रिप, तुरंत पढ़ देते थे दूसरा मिसरा

बेटे तैयब ने बताया आज यानि गुरुवार सुबह उन्होंने नास्ता अच्छे से किया था, लेकिन दोपहर को अचानक उनका बीपी लो हुआ, उनकी ग्रिप कमजोर होती गई और पल्स चली गई. ईटीवी भारत ने तैयब से पूछा कि क्या डिमेंशिया के चलते वे शेर और शायरी जो थोड़ी-बहुत याद थी, वह भी भूलने लगे थे? इसके जवाब में तैयब ने बताया कि डिमेंशिया की एक बहुत खास बात यह है कि डिमेंशिया याददाश्त मिटाती है, लेकिन आदमी का किरदार और उसकी फितरत नहीं मिटाती. इसका मतलब यह है कि वे भले ही अपने बेटे का नाम या वे कहां पर हैं, ये भूल जाते थे, लेकिन अगर उनके सामने एक मिसरा पढ़ते थे, तो वे तुरंत दूसरा मिसरा पढ़ देते थे.

BASHIR BADR PASSED AWAY
बशीर बद्र की पुरानी तस्वीर (ETV Bharat)

10-12 साल से मुशायरा पढ़ना और लिखना किया था बंद

हालांकि यह सब चीजें भी बहुत कम हो गईं थी, क्योंकि उन्होंने बोलना ही कम कर दिया था. साथ ही पिछले 10 से 12 साल से उन्होंने कुछ भी लिखा भी नहीं था और इतने ही सालों से उन्होंने मुशायरा पढ़ना भी बंद कर दिया था, यह फैसला उन्होंने पूरे होश में लिया था, क्योंकि उनका मानना था कि वे मुशायरे के शो मैन हैं और अपनी ही शर्तों पर उससे एग्जिट भी लेना चाहते थे.

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तैयब कहते हैं यह शेर बशीर बद्र का ट्रेड मार्क शेर है. इसके अलावा भी उन्हें कई सारे शेर याद थे, अगर मैं किसी शेर की एक लाइन पढ़ दूं तो वे तुरंत वाह-वाह कहने लगते थे. तैयब बताते हैं कि बशीर बद्र से उनके टर्म से ही कोई बात कर सकता था. अगर वे नहीं चाहते तो कोई उनसे बात नहीं कर सकता था.

RENOWNED GHAZAL POET BASHIR BADR
मशहूर शायर बशीर बद्र (ETV Bharat)

बशीर बद्र से जुड़ीं कुछ बातें

आपको बता दें बशीर बद्र जब मेरठ से निकले थे, तो हाथ में एक थैला और सूटकेस था. तब उन्होंने कहा था घर जला सकते हैं हौसला नहीं.

अलीगढ़ यूनीवर्सिटी में जब पढ़ने गए थे तो सिलेबस में बशरी बद्र पढ़ाए जा रहे थे. लिहाजा बशीर साहब के लिए अलग से पेपर तैयार हुआ. टीचर उन्हें क्लास से बाहर निकाल देते थे.

BASHIR BADR SUFFERED DEMENTIA
बशीर बद्र ने लिखा पत्र (ETV Bharat)

आकाशवाणी ने 2003 2004 में एक तीन घंटे की डॉक्यूमेंट्री बनाई थी. जिसमें दो नाम सिलेक्ट हुए एक हबीब तनवीर और बशीर बद्र.

POET BASHIR BADR death
बशीर मंजिल (ETV Bharat)

बशीर बद्र की पॉपुलैरिटी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि शायर अशोक मिजाज ने अपने नाम के साथ बद्र जोड़ लिया था. अशोक मिजाज बद्र 14 फरवरी 1992 से बशीर साहब के शागिर्द हैं. तब ही से उनकी वल्दियत अपने नाम के साथ जोड़ ली थी. वहीं बशीर बद्र ने उन्हें अपने हाथों से पत्र भी लिखा था.

बता दें 1972 के शिमला समझौते के दौरान पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति जुल्फिकार अली भुट्टो ने बशीर बद्र की शायरी का इस्तेमाल किया था. जहां उन्होंने पढ़ा था...

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Last Updated : May 29, 2026 at 11:26 AM IST