RGPV में परीक्षा शाखा की अलमारी से प्रश्नपत्रों के 9 बंडल गायब, 10 मिनट पहले पेपर कैंसिल
राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में प्रश्नपत्र चोरी होने के बाद ऐन वक्त पर परीक्षा रद्द होने से छात्र भड़के. कुलगुरु कार्यालय का घेराव.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : July 4, 2026 at 3:37 PM IST
भोपाल : मध्य प्रदेश की इकलौती सरकारी टेक्निकल यूनिवर्सिटी राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) फिर विवादों में है. शुक्रवार सुबह यूटीडी (University Teaching Department) के आर्टिफिशल इंटेलीजेंस एंड मशीन लर्निंग (AIML) के चौथे सेमेस्टर का पेपर था. फोर्थ सेमेस्टर के छात्र परीक्षा देने पहुंचे तो ऐन वक्त पर उन्हें पता चला कि प्रश्नपत्र निरस्त कर दिया गया है.
परीक्षा शुरू होने से महज 10 मिनट पहले आनन-फानन में पेपर कैंसिल होने से यूनिवर्सिटी परिसर में हड़कंप मच गया. बाद में खुलासा हुआ कि परीक्षा शाखा की अलमारी से प्रश्नपत्रों के 9 बंडल गायब हैं. इसके बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं और गुस्साए छात्रों ने कुलपति कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया.
प्रश्नपत्र चोरी करने रोशनदान के रास्ते सेंधमारी
यूनिवर्सिटी प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पुलिस और फारेंसिक एक्सपर्ट्स भी हैरान हैं. जांच में सामने आया कि मुख्य गेट का ताला पूरी तरह बंद मिला. चोर ने बिना किसी सहारे के जमीन से करीब सवा 5 फीट ऊपर बने रोशनदान के रास्ते भीतर प्रवेश किया. भीतर घुसने के बाद दराज में रखी चाबी उठाई और बिना अलमारी का ताला तोड़े आसानी से प्रश्नपत्रों के 9 बंडल उड़ा दिए. घटना की जानकारी मिलने के बाद फारेंसिक टीम ने मौके से फिंगरप्रिंट और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए, जिससे यह आशंका भी गहरा रही है कि इस घटना में किसी अंदरूनी व्यक्ति का हाथ हो सकता है.
परीक्षा सिस्टम फेल, छात्रों का फूटा गुस्सा
इस घटना से आक्रोशित छात्र एग्जाम स्कीम रोको के नारे लगाते हुए सीधे स्कूल आफ बायोमेडिकल टेक्नोलाजी एंड बायोमैकेनिकल विभाग की बिल्डिंग पर जा पहुंचे. छात्रों का आरोप है "यूनिवर्सिटी में व्याप्त अनियमितताओं और लचर परीक्षा प्रणाली के कारण बार-बार उनके भविष्य को दांव पर लगाया जा रहा है." प्रदर्शनकारी छात्रों ने परीक्षा नियंत्रक और कुलपति प्रो. अशोक शर्मा के कैबिन के बाहर करीब 4 घंटे तक धरना दिया और परीक्षा घोटाले पर तत्काल बड़ी कार्रवाई की मांग की. छात्रों की नाराजगी इस बात को लेकर भी थी कि कई अन्य परीक्षाओं के रिजल्ट भी अब तक घोषित नहीं किए गए.
तीन सदस्यीय जांच समिति गठित
कुलगुरु आलोक शर्मा ने कड़ी नाराजगी जताते हुए पूरी परीक्षा प्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं. शर्मा ने बताया "मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन कर दिया गया है. इसके साथ ही प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत परीक्षा नियंत्रक को 3 दिन के भीतर स्पष्टीकरण देने का कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. निरस्त हुई परीक्षा की नई तारीख 8 अगस्त तय की गई है."

जिम्मेदारी कुलगुरु लेकिन मिला अजीब तर्क
जब आक्रोशित छात्रों ने कुलगुरु प्रो. आलोक शर्मा को घेरा और आए दिन मिलने वाले आश्वासनों पर सवाल उठाया, तो उन्होंने तल्ख होकर कहा "क्या टर्मिनेट कर दें?" इस पर छात्रों ने सवाल दागा "पेपर को सुरक्षित रखने और परीक्षा हाल तक पहुंचाने की जिम्मेदारी किसकी थी?" इस पर कुलगुरु ने बेहद हैरान करने वाला तर्क देते हुए कहा "सीधे तौर पर कभी रिस्पांसबिलिटी तय नहीं की जाती, तभी की जाती है जैसे मैं अब कर रहा हूं." इस जवाब पर भड़के छात्रों ने कहा "ऐसे तो कैंपस या वाइस चांसलर के कैबिन से कुछ भी चोरी हो जाए और किसी की जिम्मेदारी ही नहीं होगी." छात्रों ने पूछा "जब आप जवाब दे रहे हैं तो डायरेक्टर और परीक्षा नियंत्रक अर्चना तिवारी क्यों छिप रही हैं?"
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कमजोर एफआईआर पर भड़के छात्र
कुलगुरु प्रो. आलोक शर्मा ने सफाई में कहा "चोरी का पता चलने के बाद उन्हें मीटिंग बुलानी थी, लेकिन पहले एक्सपर्ट गेस्ट से मिलने के बाद वह साइट पर गए, सिस्टम ठीक किया और फिर एफआईआर कराने गए." इस पर छात्रों ने तंज कसते हुए कहा "आप ऐसी कमजोर एफआईआर कर रहे हैं, जिसे फाइल करने में पुलिस वाले भी हंस रहे हैं." कुलगुरु ने छात्रों को शांत कराते हुए कहा "एफआईआर और फारेंसिक जांच दोनों हो चुकी हैं. फारेंसिक रिपोर्ट आते ही अपराधी की स्थिति साफ हो जाएगी." उन्होंने भरोसा दिलाया "हमारे लिए छात्रों से बढ़कर कोई नहीं है और हम किसी भी दोषी को बचाने वाले नहीं हैं."

