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भोपाल के तालाबों को मिलेगी नई जिंदगी, रसूखदारों की बिल्डिंग्स जमींदोज करने टास्क फोर्स तैयार

राजधानी भोपाल के तालाबों को अतिक्रमण मुक्त करने पहली बार टास्क फोर्स गठित. जिला प्रशासन के अफसरों के साथ पर्यावरणविदों को जिम्मा.

BHOPAL PONDS ENCROACHMENT
भोपाल में तालाबों पर हुए अवैध कब्जे हटाने की मुहिम (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : February 25, 2026 at 1:52 PM IST

5 Min Read
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भोपाल : भोपाल को तालाबों का शहर कहा जाता है. यहां के तालाब खासकर बड़ा तालाब भोपाल की पहचान है. लेकिन भोपाल की इस पहचान पर ही संकट मंडरा रहा है. भोपाल की लाइफ लाइन कहे जाने वाले बड़े तालाब के चारों ओर अवैध कब्जे हैं. अकेले बड़े तालाब के आसपास 225 अतिक्रमण हैं.

सालों से बेरोक-टोक अतिक्रमण हो रहे हैं तो इन्हें हटाने के लिए भी हर साल प्लानिंग की जाती है लेकिन रसूखदारों के सामने जिला प्रशासन और नगर निगम प्रशासन हर बार असहाय साबित हुआ है. भोपाल के तालाबों के संरक्षण पर बीते 30 साल में 751 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं लेकिन तालाब सिकुड़ते ही जा रहे हैं.

भोपाल के तालाबों से हटेंगे अवैध कब्जे, टास्क फोर्स गठित (ETV BHARAT)

टास्क फोर्स में प्रशासनिक अफसरों के साथ पयावरणविद्

अब एक बार फिर से तालाबों से अतिक्रमण हटाने के लिए जिला प्रशासन सक्रिय हुआ है. इसके लिए बाकायदा पहली बार टास्क फोर्स गठित की गई है. टास्क फोर्स में कलेक्टर, एसडीएम से लेकर आला अधिकारी और पर्यावरणविद् शामिल हैं. टास्क फोर्स में 19 मेंबर्स हैं. इनमें 17 प्रशासनिक अधिकारी और 2 पर्यावरणविद् शामिल किए गए हैं.

टीम में 2 अपर आयुक्त, 1 ज्वाइंट कलेक्टर, 2 डिप्टी कलेक्टर, 4 एसडीएम और एडिशनल डीसीपी समेत अन्य अधिकारी शामिल हैं. ये सभी मिलकर भोपाल के तालाबों को नई जिंदगी देंगे. शुरुआत में राजधानी के 18 तालाबों से अतिक्रमण हटाए जाएंगे. हर 15 दिन में अतिक्रमण के खिलाफ की गई कार्रवाई की समीक्षा होगी.

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तालाबों के संरक्षण पर करोड़ों खर्च, फिर भी हालात बिगड़े (ETV BHARAT)

तालाबों के 50 मीटर के दायरे से हटेंगे अवैध कब्जे

भोपाल के तालाबों को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए सांसद आलोक शर्मा और कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के साथ जिला प्रशासन और नगर निगम प्रशासन के अफसरों की बैठक हुई. इसमें तय किया गया कि समिति के सदस्य नियमित रूप से निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करेंगे कि तालाबों के 50 मीटर दायरे में किसी प्रकार का अतिक्रमण न हों. अतिक्रमण चिह्नित कर हटाने की कार्रवाई की जाएगी.

अतिक्रमण हटाने की समीक्षा हर 15 दिन में

कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया "तालाबों के संरक्षण को केंद्र में रखकर यह समिति बनाई गई है. कमेटी को हर 15 दिन में अतिक्रमण हटाने की प्रगति रिपोर्ट देनी होगी. सांसद अलोक शर्मा ने अतिक्रमण को लेकर नाराजगी भी जाहिर की. कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने सभी एसडीएम को एक सप्ताह में तालाब किनारे के अतिक्रमण हटाकर कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है. अब हर सप्ताह कार्रवाई की प्रगति समीक्षा बैठक होगी. काम में लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी.

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भोपाल के बड़े तालाब में कहां-कहां कितने अवैध कब्जे (ETV BHARAT)

31 किमी से सिकुड़कर 9 किमी रह गया बड़ा तालाब

बैठक में बताया गया कि बड़ा तालाब अब 31 किमी का नहीं रहा. ये महज 9 किमी ही बचा है. इसके किनारे फार्म हाउसों ने दबा लिए हैं. कई बड़े अस्पताल बन गए हैं. पक्के मकान बनाकर तालाब की सीमा खत्म की जा रही है. सांसद आलोक शर्मा ने चेतावनी देते हुए कहा "तालाबों में भविष्य में कोई अतिक्रमण न हों. साथ ही एनजीटी के आदेश पर अमल करने के लिए टीम गठित कर सख्त कार्रवाई की जाए."

बड़े तालाब के कैचमेंट एरिया पर भू-माफिया का कब्जा

राजधानी भोपाल की लाइफलाइन कहे जाने वाले बड़ा तालाब के कैचमेंट एरिया में भू-माफिया चौतरफा अतिक्रमण कर रहे हैं. तालाब किनारे अवैध मैरिज गार्डन, हॉस्पिटल और कैफे तन चुके हैं. इनका सीवेज सीधे तालाब में छोड़ा जा रहा है. इससे तालाब का पानी विषैला होता जा रहा है. एनजीटी और हाईकोर्ट की सख्त फटकार के बाद भी भू-माफिया बेलगाम हैं और प्रशासन बेबस.

Bhopal ponds encroachment
तालाबों पर अवैध कब्जों से नाराज सांसद आलोक शर्मा (ETV BHARAT)

बड़ा तालाब के कैचमेंट एरिया खानूगांव के किनारे अवैध रूप से संचालित 25 से ज्यादा मैरिज गार्डन हैं. वहीं मोतिया तालाब के ऊपर कई बड़े अस्पताल बन गए हैं. ताज कॉलोनी में तो लोगों ने पक्के निर्माण कर लिए हैं. शाहपुरा लेक के आसपास भी कारोबारियों ने अवैध कब्जे कर रखे हैं. इसके साथ ही बेहट, भैंसखेड़ी, भदभदा क्षेत्र में बेहिसाब अवैध कब्जे हैं.

यहां सबसे ज्यादा अतिक्रमण

  • खानूगांव मुख्य मार्ग पर तालाब की सीमा के भीतर कम से कम 45 बड़े पक्के निर्माण हैं.
  • नयापुरा क्षेत्र में सीवेज का पानी सीधे तालाब में गिराने के लिए अवैध ड्रेनेज लाइनें बिछाई गई हैं.
  • वीआइपी रोड के पीछे अवैध रूप से चल रहे कैफे और अस्थायी शेड.
  • सूरज नगर, हलालपुर, सलीम की चक्की रोड और बोरवन आदि में तालाब की सीमा को पाटकर 200 से अधिक झुग्गीनुमा पक्के कमरे बने.

बड़ा तालाब पर कैसे मंडराया खतरा

कैचमेंट लॉस : तालाब की भराव क्षमता 25.90 अरब लीटर कम. 65 जगहों पर बड़ी मात्रा में गाद एकत्र.

केमिकल अटैक: 40 नालों का सीवेज का रोजाना 24.50 करोड़ लीटर कंस्ट्रक्शन वेस्ट सीधे तालाब में मिल रहा.

प्रशासनिक सुस्ती : 300 अधिक लोगों को नोटिस जारी. करीब 1300 अतिक्रमण चिह्नित, फिर भी कार्रवाई नहीं.