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कौन हैं भरत सिंह भारती? लालटेन की रोशनी में गाते थे लोकगीत, अब मिलेगा पद्मश्री पुरस्कार

भोजपुरी लोक गायक भरत सिंह भारती को पद्मश्री पुरस्कार मिलेगा. आइये जानते हैं कौन हैं भरत सिंह भारती, जिन्होंने भोजपुरी को राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाया.

Bhojpuri Folk Singer Bharat Singh Bharti
लोकगायक भरत सिंह भारती (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : January 27, 2026 at 4:38 PM IST

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भोजपुर: कभी लालटेन की रोशनी में गांव-गांव जाकर लोकगीत प्रस्तुत करने वाले भरत सिंह भारती की चर्चा आज पूरे देश में हो रही है. एक ऐसे लोक गायक जिन्होंने भोजपुरी संगीत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलायी. गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर 25 जनवरी को भरत सिंह भारती को पद्मश्री पुरस्कार देने की घोषणा की गयी.

गांव में हर्ष का माहौल: बिहार के भोजपुर नोनउर गांव के रहने वाले भरत सिंह भारती को पद्मश्री मिलना एक बड़ी उपलब्धि है. पद्मश्री सम्मान से नवाजे जाने की खबर मिलते ही नोनउर गांव सहित पूरे सहार प्रखंड में उत्साह और गर्व का माहौल बन गया. भरत सिंह भारती को लोग बधाई देने के लिए पहुंच रहे हैं.

लोकगायक भरत सिंह भारती (ETV Bharat)

कीर्तन मंडलियों से गायन की शुरुआत: भरत सिंह भारता का जन्म नोनउर गांव में 20 नवंबर 1936 में हुआ. 10 वर्ष की आयु में गांव की कीर्तन मंडलियों से गायन की शुरुआत की. 15 वर्ष की उम्र में उन्होंने बिहार के प्रसिद्ध गुरु पंडित शंकर प्रसाद सिंह (ललन जी) से संगीत की विधिवत शिक्षा प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने भोजपुरी लोकगीतों के संरक्षण, प्रचार और प्रशिक्षण को अपना जीवन लक्ष्य बना लिया.

पिता भी थे संगीतज्ञ: भरत सिंह के पिता स्वर्गीय सत्यनारायण सिंह भी एक प्रसिद्ध संगीतज्ञ थे, हालांकि महज छह माह की उम्र में ही भरत सिंह ने अपने पिता को खो दिया था, लेकिन संगीत की विरासत उनके रक्त में रची-बसी रही. 10 वर्ष की आयु में उन्होंने संगीत की विधिवत शिक्षा लेना शुरू कर दिया था.

Bhojpuri Folk Singer Bharat Singh Bharti
ईटीवी भारत GFX (ETV Bharat)

20 वर्ष पूर्व पत्नी का निधन: भरत सिंह भारती के परिवार में उनके तीन पुत्र सहजानंद सिंह, संजय कुमार सुभाषि और राजीव कुमार भारती और दो पुत्री विमला देवी और यशोदा देवी हैं. उनकी पत्नी लक्षिया भारती का लगभग 20 वर्ष पूर्व निधन हो चुका है, लेकिन परिवार के निर्माण में उनका योगदान आज भी स्मरणीय है.

Bhojpuri Folk Singer Bharat Singh Bharti
परिवार के साथ लोकगायक भरत सिंह भारती (ETV Bharat)

1962 में मिली प्रसिद्धि: भरत सिंह भारती ने आकाशवाणी पटना से वर्ष 1962 में प्रमुख कलाकार के रूप में अपनी पहचान बनाई. देश के विभिन्न हिस्सों में भोजपुरी लोकगीतों की प्रस्तुति दी. वे आकाशवाणी पटना के ऑडिशन बोर्ड के सदस्य भी रह चुके हैं. ‘ग्रेड टॉप’ कलाकार का दर्जा प्राप्त कर चुके हैं.

देश-विदेश तक भोजपुरी को पहुंचाया: इनकी प्रस्तुतियां मॉरीशस, राष्ट्रपति भवन दिल्ली, कोलकाता, भोपाल, हरियाणा, जयपुर, रांची सहित देश-विदेश के अनेक मंचों पर हो चुकी हैं. उन्हें बिहार सरकार, भरत सरकार तथा विभिन्न सांस्कृतिक संस्थानों द्वारा अनेक सम्मान प्राप्त हो चुके हैं.

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ईटीवी भारत GFX (ETV Bharat)

कई सम्मान कर चुके हैं प्राप्त: बिहार सरकार द्वारा राज्य कला पुरस्कार, विश्वप्रसिद्ध विंध्यवासिनी देवी पुरस्कार, उत्तर प्रदेश के गड़हा महोत्सव में भोजपुरी रत्न सम्मान, लोक-रंग सम्मान 2014, नाटक अकादमी अमृत पुरस्कार 2023 सहित कई राष्ट्रीय मंचों पर सम्मानित किया जा चुका है. इसबार पद्मश्री पुरस्कार 2026 की घोषणा की गयी.

Bhojpuri Folk Singer Bharat Singh Bharti
लोकगायक भरत सिंह भारती (ETV Bharat)

लालटेन की रोशनी में गायन: भरत सिंह भारती का सबसे बड़ा योगदान भोजपुरी लोक संस्कृति को जमीनी स्तर पर जीवित रखना रहा है. उन्होंने विलुप्तप्राय लोक विधाओं जैसे सोहर, निर्गुण, कजरी, चैता, पचरा, देवी गीत, होली और पारंपरिक लोकनृत्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाया. 1970–80 के दशक में जब संसाधनों का अभाव था, तब वे लालटेन की रोशनी में गांव-गांव जाकर लोकगीत गाते थे.

संगीत स्थान की स्थापना: सामाजिक क्षेत्र में भी उनका योगदान अतुलनीय है. उन्होंने अपने पैतृक गांव नोनउर और पटना में ‘तारा इंस्टीट्यूट ऑफ लर्निंग’ (1995) तथा ‘भारती संगीत कला मंदिर’ (2005) की स्थापना की. अब तक 10 हजार से अधिक बच्चों और युवाओं को निःशुल्क लोक संगीत की शिक्षा दी. खासकर ग्रामीण और गरीब परिवारों की बेटियों को आगे बढ़ने का अवसर दिया.

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ईटीवी भारत GFX (ETV Bharat)

चर्चित पुस्तक ‘नायक बिधान’ के लेखक: उनकी साहित्यिक कृतियों में चर्चित पुस्तक ‘नायक बिधान’ (1975) शामिल है, जिसके तीन संस्करण प्रकाशित हो चुके हैं. इसके अलावा दूरदर्शन के लिए निर्मित ऑडियो कैसेट और लोकगीत संग्रह आज भी ग्रामीण अंचलों में लोकप्रिय हैं.

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