केदारनाथ से पीएम मोदी को भेजी गई अनूठी राखियां, मातृशक्ति ने दिया खास संदेश
केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल के नेतृत्व में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री धामी को भेजीं अनूठी राखियां.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : August 23, 2026 at 7:35 PM IST
रुद्रप्रयाग: हिमालय की धरती पर सदियों से संरक्षित लोकपरंपरा और आधुनिक आत्मनिर्भरता का अनूठा संगम इस बार रक्षाबंधन पर देखने को मिला. केदारनाथ विधानसभा क्षेत्र की मातृशक्ति ने स्थानीय हिमालयी भोजपत्र से विशेष राखियां तैयार कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भेजीं. केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल के नेतृत्व में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं की इस पहल ने जहां स्थानीय संस्कृति और परंपरागत हुनर को नई पहचान दी. वहीं ‘वोकल फॉर लोकल’ और महिला आत्मनिर्भरता का संदेश भी दिया.
ऊखीमठ विकासखंड सभागार में मुख्यमंत्री सशक्त बहना योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को भोजपत्र से राखी तैयार करने का प्रशिक्षण दिया गया. प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं ने भोजपत्र जैसे स्थानीय एवं पारंपरिक संसाधन को कलात्मक रूप देकर आकर्षक राखियों का निर्माण किया. तैयार राखियों को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भेजा गया.
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केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में संचालित महिला सशक्तिकरण योजनाओं का लाभ ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं तक पहुंच रहा है. स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं अपने पारंपरिक कौशल को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं.
उन्होंने कहा पहाड़ की मातृशक्ति के पास हुनर की कोई कमी नहीं है. आवश्यकता केवल उस हुनर को उचित मंच और बाजार से जोड़ने की है. भोजपत्र से राखी बनाने की पहल इसी दिशा में एक सकारात्मक प्रयास है. इससे महिलाओं की रचनात्मक क्षमता को प्रोत्साहन मिलने के साथ ही स्थानीय संसाधनों, लोककला और पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा.
उन्होंने कहा भोजपत्र उत्तराखंड की हिमालयी विरासत से जुड़ा महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन है. सदियों से इसका उपयोग धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं में होता आया है. अब इसी पारंपरिक धरोहर को महिलाओं ने अपनी आजीविका से जोड़ते हुए एक नए स्वरूप में प्रस्तुत किया है. केदारनाथ विधायक ने कहा रक्षाबंधन प्रेम, विश्वास, सुरक्षा और संकल्प का पर्व है. केदारनाथ क्षेत्र की बहनों द्वारा प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भेजी गई भोजपत्र की राखी केवल एक रक्षासूत्र नहीं, बल्कि देवभूमि की संस्कृति, पहाड़ की मातृशक्ति के हुनर और आत्मनिर्भर उत्तराखंड की भावना का संदेश है.

उन्होंने कहा स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं आज स्थानीय उत्पादों के निर्माण के साथ-साथ अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही हैं. सरकार की योजनाओं और महिलाओं की मेहनत के मेल से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं.
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