भायली गैंगरेप केस: पांच दोषियों को कठोर सजा का ऐलान, मरते दम तक जेल में रहेंगे
वडोदरा की POCSO कोर्ट ने भायली गैंगरेप मामले में सभी पांच दोषियों को कठोर कारावास की सजा सुनाई है.

Published : August 31, 2026 at 8:59 PM IST
वडोदरा (गुजरात) : वडोदरा जिले की POCSO कोर्ट ने चर्चित भायली गैंगरेप मामले में दोषियों की सजा का ऐलान कर दिया है. सभी पांच दोषियों को मरते दम तक कैद की सजा सुनाई गई है. यानी दोषी अपनी आखिरी सांस तक जेल में रहेंगे. कोर्ट के फैसले के साथ ही, नाबालिग पीड़िता को 22 महीने बाद इंसाफ मिला.
गैंगरेप की यह घटना 4 अक्टूबर, 2024 की रात को भायली में हुई थी. कोर्ट ने 22 महीने में सजा सुनाई.
पांचों दोषियों में मुमताफ उर्फ आफताब बंजारा, शाहरुख किस्मत अली बंजारा, मुन्ना अब्बास बंजारा, अजमल सत्तार और सैफ अली मेहंदी हसन हैं, जिन्हें POCSO कोर्ट ने कठोर कारावास की सजा सुनाई है.
POCSO कोर्ट के जज सी.एम. पवार ने अपने फैसले में कहा कि इस घटना को बहुत गंभीर माना गया है. जज ने यह भी कहा कि मां अम्बा की पूजा के दौरान हुई इस घटना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
भायली इलाके में नवरात्रि के दूसरे दिन हुई इस अमानवीय घटना ने पूरे वडोदरा शहर को हिलाकर रख दिया था. नाबालिग पीड़िता अपनी सहेली के साथ गरबा खेलने गई थी. इस दौरान आरोपियो ने दोनों को धमकाया और फिर गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया.
मामले की जांच के दौरान पुलिस के लिए आरोपियों की पहचान करना बड़ी चुनौती थी, क्योंकि घटनास्थल सुनसान इलाके में था.
पुलिस ने आरोपियों तक पहुंचने के लिए तकनीकी निगरानी और सीसीटीवी फुटेज का सहारा लिया. जांच के दौरान, अपराध स्थल से लेकर आरोपियों के संभावित मार्गों तक 1,100 से अधिक सीसीटीवी कैमरे के फुटेज की जांच की गई. करीब 45 किलोमीटर रूट की जांच भी की गई. इसके अलावा पुलिस की बड़ी टीमें घटना के आसपास के इलाके में जांच करती रहीं. जांच में 200 से ज्यादा पुलिसकर्मी शामिल थे और तीन किलोमीटर के इलाके में 1,000 से ज्यादा घरों की तलाशी भी ली गई.
अदालती कार्यवाही के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से विभिन्न सबूत प्रस्तुत किए गए. इस मामले में 45 गवाहों की गवाही ली गई. मामले में सीसीटीवी और फॉरेंसिक सबूत भी अहम साबित हुए.
मामले में पेश किए गए सबूतों और अभियोजन पक्ष की दलीलों के बाद अदालत ने पांचों आरोपियों को दोषी करार दिया. इसके बाद सजा को लेकर कार्रवाई आगे बढ़ी. सोमवार को पांचों आरोपियों को सजा की सुनवाई के चरण में कोर्ट में पेश किया गया.
अभियोजन पक्ष ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए कड़ी सजा की मांग की थी.
सरकारी वकीलों की ओर से कोर्ट के सामने जोरदार दलीलें पेश की गईं. अपराध की गंभीरता, नाबालिग पीड़िता के साथ हुई अमानवीय घटना की प्रकृति और मामले में प्रस्तुत साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए यह निवेदन किया गया कि दोषियों को कड़ी सजा दी जानी चाहिए. 45 गवाहों की गवाही, सीसीटीवी और फॉरेंसिक सबूतों के बाद कोर्ट ने कुछ ही देर में पांचों दोषियों को सजा सुना दी.
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