भरत तिवारी एनकाउंटर में एक्शन, SDPO और SHO समेत 5 पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज
बिहार के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर में बड़ा एक्शन हुआ है. एसडीपीओ और थानाध्यक्ष समेत 5 पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है. पढ़ें..

Published : June 23, 2026 at 6:59 PM IST
|Updated : June 23, 2026 at 7:11 PM IST
आरा: भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है. मृतक की मां आशा देवी की शिकायत पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. जिन लोगों के खिलाफ एफआईआर हुई है, उनमें एसडीपीओ और शाहपुर के निलंबित थानाध्यक्ष राजेश मालाकर भी शामिल हैं.
मां ने की थी शिकायत: असल में मृतक की मां ने आरोप लगाया कि बेटे ने फेसबुक लाइव के दौरान हथियार फेंककर आत्मसमर्पण कर दिया था. इसके बावजूद पुलिस ने पकड़कर उस पर गोलियां चलाईं. आवेदन में भरत तिवारी को पांच गोलियां लगने का आरोप लगाया गया है.
पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज: भरत की मां आशा देवी ने अपने आवेदन में जगदीशपुर एसडीपीओ के आदेश पर फायरिंग कराने का भी आरोप लगाया है. परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की. जिसके बाद ये एक्शन हुआ है. भोजपुर एसपी ने प्राथमिकी दर्ज होने की पुष्टि की है.
भोजपुर जिले के शाहपुर थानांतर्गत पुलिस मुठभेड़ की घटना में मृतक की माता के आवेदन पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी जगदीशपुर थानाध्यक्ष शाहपुर सहित अन्य सहयोगी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज, मामले की जांच शुरू।(1/2) pic.twitter.com/Z0LChzcftK
— Bhojpur Police (@bhojpur_police) June 23, 2026
"शाहपुर थानांतर्गत पुलिस मुठभेड़ की घटना में मृतक की माता के आवेदन पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी जगदीशपुर, थानाध्यक्ष शाहपुर सहित अन्य सहयोगी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज, मामले की जांच शुरू."- भोजपुर पुलिस
क्या है मामला?: दरअसल, 17 जून को भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में भरत भूषण तिवारी की कथित एनकाउंटर में मौत हो गई थी. पुलिस का आरोप है कि भरत पुलिस पर फायरिंग कर रहा था. लिहाजा आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई के दौरान उसे गोली लग गई. गंभीर हालत में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
एनकाउंटर पर सवाल क्यों?: पुलिस के दावों से इतर परिजनों का आरोप है कि जब भरत ने पुलिस की बात मानकर अपना हथियार फेंक दिया, तब उसे गोली मारी गई. कई गोली लगने के कारण उसकी जान गई है, यह हत्या है. वहीं, जो वीडियो सामने आए हैं, उसमें भी दिख रहा है कि हथियार डालने के बाद उसे गोली मारी गई है.

'एनकाउंटर में चूक': एनकाउंटर पर न केवल आम लोग और विपक्ष बल्कि सत्ता पक्ष भी सवाल उठा रहा है. वहीं विवादों के बीच लॉ एंड ऑर्डर एडीजी सुधांशु कुमार ने भी माना कि पुलिस से चूक हुई है. सोमवार को उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि जांच के आधार पर एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी.
"भरत तिवारी एनकाउंटर प्रकरण की विस्तृत जांच कराई गई थी. जांच के दौरान यह पाया गया कि 16 जून को अभियुक्त को संभालने और उसकी निगरानी करने में संबंधित पुलिसकर्मियों द्वारा अपेक्षित सतर्कता नहीं बरती गई. सुरक्षा व्यवस्था और अभियुक्त के प्रबंधन में कई स्तरों पर चूक सामने आई, जिसके कारण विभागीय कार्रवाई की जरूरत पड़ी."- सुधांशु कुमार, एडीजी, लॉ एंड ऑर्डर, बिहार पुलिस
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