Bharat Tiwari Encounter: न्यायिक जांच शुरू, बिलौटी गांव पहुंचे रिटायर्ड जज विनोद कुमार सिन्हा
भरत तिवारी एनकाउंटर की न्यायिक जांच शुरू हो गई है. रिटायर्ड जज विनोद कुमार सिन्हा की अगुवाई में आयोग की टीम बिलौटी गांव पहुंची है.

Published : June 25, 2026 at 1:10 PM IST
आरा: बिहार के चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर की निष्पक्ष जांच के लिए गठित न्यायिक आयोग की टीम ने आज भोजपुर के बिलौटी गांव का दौरा किया. जांच दल का नेतृत्व पटना हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति विनोद कुमार सिन्हा कर रहे हैं. उन्होंने गांव पहुंचने के बाद सबसे पहले मृतक भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात की और घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी ली.
भरत तिवारी एनकाउंटर की न्यायिक जांच शुरू: एनकाउंटर मामले की न्यायिक जांच ने अब औपचारिक रूप से गति पकड़ ली है. घटना के आठ दिन बाद गुरुवार को बिहार राज्य विधि आयोग की जांच टीम शाहपुर प्रखंड के बिलौटी गांव पहुंची और मामले की पड़ताल शुरू की. विनोद कुमार सिन्हा की अगुवाई वाली जांच टीम ने परिजनों से बातचीत की. साथ ही मामले से संबंधित लिखित आवेदन भी मांगा, ताकि उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच को दिशा दी जा सके.
निष्पक्ष और तथ्यों के आधार होगी जांच: मीडिया से बातचीत के दौरान न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) विनोद कुमार सिन्हा ने कहा कि यह जांच प्रक्रिया के तहत टीम की पहली यात्रा है. उन्होंने बताया कि फिलहाल परिजनों और स्थानीय लोगों से जानकारी एकत्र की जा रही है. प्राप्त आवेदन उपलब्ध दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के अध्ययन के बाद जांच आगे बढ़ाई जाएगी.

"आज से आयोग ने जांच शुरू कर दी है. मृतक के परिजनों से बातचीत की है और मामले को लेकर जानकारी ली है. हमलोगों ने घटनास्थल का भी मुआयना किया है. जांच पूरी तरह निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर की जाएगी. सभी पहलुओं का गंभीरता से परीक्षण होगा."- विनोद कुमार सिन्हा, अध्यक्ष, न्यायिक जांच आयोग

क्या बोलीं भरत की मां?: इस दौरान भरत तिवारी की मां आशा देवी ने जांच टीम के समक्ष अपने बेटे के लिए न्याय की मांग दोहराई. उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए और उनके बेटे की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों को कड़ी से कड़ी सजा मिले. भरत की मां ने एक बार फिर मामले की सीबीआई जांच की मांग की.
"परिवार अपनी बात लिखित रूप में भी जांच टीम को सौंपेगा, ताकि मामले की सच्चाई सामने आ सके. न्यापालिका पर हमलोगों को पूरा भरोसा है. हमें उम्मीद है कि दोषी पुलिसकर्मियों को सजा मिलेगी और भरत को न्याय मिलेगा."- आशा देवी, भरत तिवारी की मां

जांच के दौरान शाहाबाद प्रक्षेत्र के डीआईजी सत्य प्रकाश, भोजपुर जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया, पुलिस अधीक्षक राज समेत कई प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे. जांच टीम के गांव पहुंचने से क्षेत्र में पूरे दिन हलचल बनी रही और स्थानीय लोगों की निगाहें अब जांच के अगले चरण पर टिकी हुई है. बुधवार को ही बिहार कैबिनेट ने इस मुठभेड़ की जांच के लिए न्यायिक आयोग के गठन को मंजूरी दी थी.
क्या है मामला?: 17 जून को शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में पुलिस ने एनकाउंटर के नाम पर भरत भूषण तिवारी को गोली मार दी. जिसकी बाद में इलाज के दौरान मौत हो गई थी. पुलिस का कहना था कि आत्मरक्षा में गोली चलानी पड़ी थी, जबकि परिजनों का आरोप है कि हथियार फेंकने के बाद उसे गोली मारी गई थी. वहीं, वायरल वीडियो में भी साफ दिख रहा है कि भरत ने पिस्टल फेंक दिया था.
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