'मेरे अंग इंडियन आर्मी को दान कर देना.. फोन माता-पिता के अलावा किसी को न मिले..' भरत तिवारी के फोन में ऐसा क्या?
आरा में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी ने जताई थी अंतिम इच्छा कि 'मेरे अंग आर्मी को दान कर देना और मोबाइल फोन..पढ़ें-

Published : June 20, 2026 at 5:24 PM IST
भोजपुर: बिहार के भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत भूषण तिवारी का पुराना वीडियो सामने आया है. वीडियो में वह शरीर दान और मोबाइल सुरक्षित रखने की बात कहते दिख रहे हैं. अपनी मौत से बहुत पहले भरत ने फेसबुक लाइव आकर यह बात कही थी. और इसे अपने जीवन का अहम साक्ष्य बताया था. आखिर उस फोन में ऐसा कौन सा 'सबूत' था जिसे दुनिया से छिपाना चाहता था भरत तिवारी?
भरत तिवारी की अंतिम इच्छा क्या थी ? : भरत भूषण तिवारी की मौत को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है. घटना के बाद अब भरत तिवारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में भरत अपनी 'अंतिम इच्छा' बताते हुए कहते दिख रहे हैं कि उनके शरीर अथवा अंगों को सबसे पहले भारतीय सेना को दान कर दिया जाए. साथ ही उसने यह भी कहा था कि उनके मोबाइल फोन को माता-पिता के अलावा किसी दूसरे व्यक्ति के हाथ में नहीं दिया जाए.

शरीर दान करने की भरत भूषण तिवारी ने रखी शर्त : वायरल वीडियो में भरत भूषण तिवारी कहते सुनाई दे रहे हैं, “मेरी अंतिम इच्छा है कि मेरे शरीर को दान कर दिया जाए. सबसे पहली प्राथमिकता देश की सेना, भारतीय सेना को दी जाए.” वह आगे कहते हैं कि अगर सेना को नहीं दिया जा सके तो प्रशासन या फिर गरीब-असहाय लोगों के काम में उनके शरीर का उपयोग किया जाए.

''आज मैं आप सभी लोगों से अपनी अंतिम इच्छा प्रकट करने आया हूं. मेरे इस त्याग बलिदान के बाद मेरे इस शरीर को दान कर दिया जाए. सबसे प्राथमिकता हमारी देश की सेना, हमारे आन, बान, शान, भारतीय सेना, इंडियन, आर्मी को दान कर दिया जाए. दूसरे स्थान पर प्रशासन को, तीसरे स्थान पर पब्लिक को, उसमे भी जो गरीब लोग हैं, असहाय रहे.''- भरत तिवारी, एनकाउंटर से कई महीने पहले का बयान
मोबाइल में ऐसे कौन से सबूत? : वीडियो में भरत तिवारी ने अपने मोबाइल को लेकर भी विशेष बात कही थी. उन्होंने कहा था कि उनके जाने के बाद उनका फोन माता-पिता के अलावा किसी और के हाथ में नहीं जाना चाहिए. भरत के अनुसार, मोबाइल में ऐसी जानकारियां और साक्ष्य हैं, जिनकी अहमियत आगे चलकर और बढ़ सकती है. उन्होंने कहा था कि वह अपने फोन पर हर जानकारी और प्रमाण इसलिए डालते हैं ताकि उसे मिटाया या झुठलाया न जा सके.

''मेरी एक इच्छा और है कि मेरे जाने के बाद किसी और के हाथ में मोबाइल नहीं लगना चाहिए. मेरे घर वालों को छोड़ कर और वो भी मेरे मोबाइल सेफ रहना चाहिए. वरना जो भी ऐसे लोग हैं, वो हर तरह से प्रयास करेंगे, बहला-फुसला कर या किसी भी तरह से, मतलब किसी भी तरह से बहुत प्रयास करेंगे. ये मेरा साक्ष है, मेरा इतिहास है, इसे मिटाया नहीं जा सकता. इसलिए डालता हूँ, हर तरह का प्रूफ है, साक्ष है कोई इसको भुला नहीं सकता.''- भरत तिवारी, एनकाउंटर से कई महीने पहले का बयान
तत्कालीन सीएम नीतीश पर भरत के सवाल : वीडियो में भरत तिवारी तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी सवाल उठाते नजर आते हैं. वह कहते हैं कि समाज और राज्य के लिए त्याग व बलिदान की बात केवल भाषणों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए. वीडियो में उन्होंने यह भी कहा कि वह किसी दबाव, प्रलोभन या धमकी से पीछे हटने वाले नहीं हैं.
भरत तिवारी के एक और वायरल वीडियो पर चर्चा : भरत भूषण तिवारी की पुलिस एनकाउंटर में मौत के बाद यह वीडियो सामने आने से मामला और संवेदनशील हो गया है. परिजन और ग्रामीण वीडियो में फोन को लेकर कही गई बात को महत्वपूर्ण बता रहे हैं. उनका कहना है कि मोबाइल में मौजूद सामग्री की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. हालांकि सीएम सम्राट चौधरी ने इस मामले में न्यायिक जांच की घोषणा की है.
भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में दिनांक 17.06.2026 को हुई पुलिस मुठभेड़ की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच हेतु उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा न्यायिक जांच कराने का निर्णय लिया गया है। न्यायिक जांच का उद्देश्य घटना के सभी पहलुओं की निष्पक्षता एवं…
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) June 20, 2026
पिता और भाई पर पुलिस ने दर्ज किया केस : इस बीच, पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में मृतक भरत तिवारी के पिता, भाई और पंचायत के मुखिया समेत अन्य लोगों को नामजद करते हुए प्राथमिकी दर्ज की है. पुलिस की इस कार्रवाई के बाद गांव में नाराजगी और बढ़ गई है.
वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं : वायरल वीडियो को भरत तिवारी के सोशल मीडिया पोस्ट के द्वारा वायरल हुआ है. इस वीडियो की पुष्टि ईटीवी भारत नहीं करता है.वीडियो में भरत भूषण तिवारी द्वारा किए गए दावे उनके व्यक्तिगत कथन हैं. एनकाउंटर और मोबाइल में मौजूद कथित साक्ष्यों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी. फिलहाल चर्चा यही है कि आखिर भरत के मोबाइल में ऐसा क्या है जिसे वो अपने माता-पिता तक ही सीमित रखना चाहते हैं?
ये भी पढ़ें-
- भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर की न्यायिक जांच होगी, CM सम्राट चौधरी ने दिया निर्देश
- भरत भूषण एनकाउंटर मामला : संजय झा के तीखे बोल- 'चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने से काम नहीं चलेगा'
- 'जरूरी था तो हाफ एनकाउंटर कर देते..' बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने भोजपुर पुलिस को घेरा
- भोजपुर एनकाउंटर मामले में बड़ी कार्रवाई, दो दारोगा समेत कई पुलिसकर्मी निलंबित

