महिला को मृत मानकर पुलिस ने जड़ा ताला, 2 घंटे बाद मिली जिंदा
जान देने की कोशिश के बाद बेसुध थी महिला, पुलिस ने मृत समझा, 2 घंटे के बाद पंचनामा के लिए फिर पहुंची तो हुआ खुलासा

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : August 21, 2026 at 3:47 PM IST
बेमेतरा: जिले से पुलिस की संवेदनहीनता और बड़ी लापरवाही का हैरान करने वाला मामला सामने आया है. पुलिस ने फांसी लगाने की कोशिश करने वाली एक महिला को बिना किसी डॉक्टरी जांच के मृत मान लिया. इतना ही नहीं, पुलिस ने बेसुध महिला को मृत समझकर कमरे में बंद किया, ताला जड़ा और परिजनों को अंदर जाने से रोक दिया. करीब दो तीन घंटे बाद जब पुलिस पंचनामे की औपचारिकता पूरी करने पहुंची, तो महिला जिंदा मिली.
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला बेमेतरा सिटी कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले वार्ड नंबर-7 स्थित परशुराम चौक का है. यहां एक महिला ने अज्ञात कारणों के चलते अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया था. घटना की भनक लगते ही आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना डायल 112 और स्थानीय पुलिस को दी.
पुलिस ने जांच के बिना ही मान लिया 'मृत'
परिजनों और चश्मदीदों के मुताबिक, सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची. लेकिन मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने संवेदनशीलता दिखाने के बजाय घोर लापरवाही बरती. पुलिस ने महिला की नब्ज टटोलने या किसी डॉक्टर को बुलाने की जहमत नहीं उठाई. उन्होंने खुद ही महिला को मृत घोषित कर दिया. इसके बाद पुलिस ने साक्ष्य सुरक्षित रखने के नाम पर कमरे के दरवाजे पर ताला लटका दिया और वहां मौजूद परिजनों व लोगों को अंदर जाने से सख्त मना कर दिया.
2 घंटे बाद खुला ताला, तो उड़ गए होश
लगभग दो तीन घंटे तक महिला उसी बंद कमरे में जिंदगी और मौत के बीच जूझती रही. इस दौरान पुलिस की एक टीम पंचनामा (शव बुझाना और कानूनी कागजी कार्रवाई) करने के लिए दोबारा मौके पर पहुंची. जैसे ही पुलिसकर्मियों ने कमरे का ताला खोला, वहां मौजूद लोग चौंक गए. महिला की सांसें चल रही थीं और उसके शरीर में हलचल थी.महिला को जिंदा देख परिजनों ने बिना एक पल गंवाए उसे फंदे से नीचे उतारा और आनन-फानन में शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां फिलहाल उसका इलाज जारी है.

लोगों का फूटा गुस्सा
इस घटना के बाद से पूरे बेमेतरा इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल है. परिजनों और स्थानीय नागरिकों में पुलिस के इस रवैये को लेकर भारी नाराजगी है. लोगों का कहना है कि अगर पुलिस ने तत्परता दिखाई होती और महिला को तुरंत अस्पताल ले जाया गया होता, तो उसकी हालत इतनी गंभीर नहीं होती. ग्रामीणों और परिजनों ने पुलिस के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार पुलिसकर्मियों को तुरंत निलंबित किया जाए.

