उत्तराखंड के स्कूल में घुसे भालू, बच्चे को उठा ले गए, गेट बंद कर अन्य छात्रों ने बचाई जान, बदला गया विद्यालय का समय
चमोली के पोखरी में भालुओं ने मचाया आतंक, सोमवार को दो भालू स्कूल में घुसे और एक बच्चे को उठाकर ले गये.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : December 22, 2025 at 1:36 PM IST
|Updated : December 22, 2025 at 1:43 PM IST
चमोली: उत्तराखंड में भालुओं का आतंक रुकने का नाम नहीं ले रहा है. दो दिन पहले जहां चमोली जिले के पोखरी विकासखंड में भालू ने स्कूल से घर जा रहे बच्चे पर हमला किया था, तो वहीं आज इसी इलाके में दो भालू स्कूल परिसर में घुस गये. भालुओं को देखकर बच्चों ने क्लास के गेट बंद कर दिया था. फिर भी भालू एक बच्चे पर अपने नाखूनों से हमला करने में कामयाब हो गये और उसे घसीट कर झाड़ियों में ले गये.
छात्र की चीख-पुकार सुनकर दो छात्रों, एक छात्रा और शिक्षक ने हिम्मत दिखाई. सभी लोग एक साथ चिल्लाते हुए भालुओं की तरफ भागे. शोरगुल से घबराकर भालू छात्र को छोड़कर जंगल की ओर भाग गये. इसके बाद घायल छात्र को सुरक्षित बाहर निकालकर उपचार के लिए पास के हॉस्पिटल भेजा गया.
इस घटना के बाद स्कूल के छात्र काफी डरे हुए हैं. शिक्षकों का कहना है कि इससे पहले भी कई बार वन विभाग को क्षेत्र में भालुओं की आवाजाही की सूचना दी गई थी, लेकिन वन विभाग की ओर से न तो गश्त बढ़ाई गई और न ही कोई ठोस सुरक्षा व्यवस्था की गई.
इस घटना को लेकर अभिभावकों और स्थानीय लोगों में गहरा रोष है. उन्होंने शासन-प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि विद्यालयों और आबादी वाले क्षेत्रों में वन्यजीवों की निगरानी बढ़ाई जाए. साथ ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.
सुबह स्कूल परिसर में आचनक से भालू घुस आया था. भालू ने एक बच्चे पर हमला भी किया है. जिसके बाद भालू वहां से भाग गया था. वन विभाग की टीम स्कूल के समय वहां पर पेट्रोलिंग करती है. वन विभाग की टीम ही बच्चों को स्कूल लेने और छोड़ने जाती है. अब भालू के मारने के लिए वाइल्ड लाइफ को पत्र लिख कर भेज दिया गया है.
-सर्वेश दुबे, प्रभागीय वन अधिकारी, बदरीनाथ वन प्रभाग-
चमोली जिले के चीफ एजुकेशन ऑफीसर श्रीकांत पुरोहित से ईटीवी भारत ने बात की तो उन्होंने कहा कि इसके लिए जिलाधिकारी द्वारा आदेश कर दिए गए हैं कि 15 जनवरी तक बच्चों के स्कूल का समय 10 से 3 बजे तक ही रखने के निर्देश जारी किए गए हैं. जबकि आंगनबाड़ी 10 से 1:00 तक की खुलेंगे. उधर बच्चों को सीट बांटने के लिए कहा गया है. साथ ही परिजनों से बच्चों को ग्रुप में ही स्कूल भेजा जाने का भी अनुरोध किया गया है

बता दें कि दो भालू आज पोखरी विकासखंड के जूनियर हाईस्कूल हरिशंकर में घुसे थे. इसी स्कूल के एक छात्र पर भालू ने दो दिन पहले भी हमला किया था. जूनियर हाईस्कूल हरिशंकर में ही पढ़ने वाले कक्षा 6 के 13 साल के छात्र देवेश और पंकेश शनिवार को स्कूल की छुट्टी के बाद अपने जा रहे थे. तभी बीच रास्ते में ही झाड़ियों में छिपे बैठे भालू ने अचानक से देवेश पर हमला कर दिया. भालू के कब्जे में देवेश का पैर था. भालू के अचानक हुए इस हमले से जहां देवेश घबरा गया था तो वहीं उसके साथ मौजूद पंकेश डरा नहीं और उसने हिम्मत से काम लिया.
पंकेश ने भालू पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए, जिससे भालू को देवेश का पैर छोड़ना पड़ा. पंकेश और देवेश के शोर शराबे की आवाज सुनकर आसपास के अन्य लोग भी मौके पर पहुंच गए थे. जूनियर हाईस्कूल हरिशंकर के एक शिक्षक तुरंत देवेश को पास के हॉस्पिटल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने देवेश का उपचार किया था.
इस घटना के बाद भी वन विभाग ने कहा था कि इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है. वहीं आज फिर से भालुओं ने स्कूली छात्र पर हमला कर दिया. अब भालू दिन में ही स्कूल परिसर में घुस जा रहे हैं, जिससे बच्चे और डर गए हैं.
नारायणबगड़ में भालू ने युवक पर किया हमला: चमोली जिले के ही विकासखंड नारायणबगड़ के ग्राम मरोड़ा में भालू ने एक युवक पर हमला किया. इस हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया. बताया जा रहा है कि गांव निवासी जसपाल सिंह (उम्र 40 वर्ष) पुत्र कुंदन सिंह पर भालू ने अचानक हमला कर दिया. घटना उस समय हुई जब जसपाल सिंह गांव से कुछ दूर स्थित अपनी गौशाला से दूध लेकर गांव की ओर लौट रहे थे.
जानकारी के अनुसार घने झाड़ियों में छिपे भालू ने अचानक से जसपाल सिंह पर झपट्टा मार दिया, जिससे जसपाल सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए. उनके चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर दौड़े, तब जाकर भालू जंगल की ओर भागा. हमले में घायल जसपाल सिंह को ग्रामीणों ने तत्काल निजी वाहन से नारायणबगड़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया. घटना के बाद पूरे मरोड़ा गांव में दहशत का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में भालू की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं, जिससे लोग सुबह-शाम घरों से बाहर निकलने में भी डर महसूस कर रहे हैं. बच्चों और बुजुर्गों को लेकर ग्रामीण खासे चिंतित हैं.
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