'पीएम मोदी अमेरिका से ट्रेड डील नहीं करना चाहते थे', बरनाला की रैली में बोले राहुल गांधी
राहुल ने कहा कि, पीएम मोदी ने इस डील को चार महीने तक रोके रखा. अमेरिका ने उन्हें धमकाकर यह डील करवाई.

Published : February 28, 2026 at 6:07 PM IST
बरनाला: पंजाब के बरनाला में शनिवार को आयोजित कांग्रेस की रैली में राहुल गांधी ने भारत और अमेरिका ट्रेड डील को लेकर भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर हमला बोला. इस रैली में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और अन्य नेता मौजूद थे. इस दौरान कांग्रेस नेता विरोधियों पर हमला करते दिखे.
'मोदी यह डील नहीं करना चाहते थे', राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा कि, प्रधानमंत्री मोदी यह डील करने के लिए तैयार नहीं थे, इसीलिए यह डील चार महीने तक नहीं हुई. अमेरिका कृषि के क्षेत्र में आना चाहता था और भारत उसे मना कर रहा था. प्रधानमंत्री में से कोई भी, चाहे वह कांग्रेस पार्टी से हो या भाजपा से, यह डील नहीं करना चाहता था. अब सवाल यह है कि प्रधानमंत्री ने वह काम 15 मिनट में क्यों कर दिया जिसे वह चार महीने से टाल रहे थे."
विदेशी खेती के लिए दरवाजे खोलें, राहुल ने कहा
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि "हमारे किसान यन्त्रसज्जित नहीं हैं, उनके पास छोटे खेत हैं. कुछ किसानों के पास 5 एकड़ या कुछ के पास 2 एकड़ जमीन है. अमेरिकी किसानों के पास 500, 1000 और यहां तक कि 5000 एकड़ खेती लायक जमीन है. वे पूरी तरह से मैकेनाइज्ड हैं.
उन्होंने कहा कि, नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी खेती के लिए दरवाजे खोल दिए हैं. उन्होंने कहा कि, हिमाचल, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के किसान सब बर्बाद हो जाएंगे. इसके 2 कारण हैं..."
राहुल गांधी ने कहा कि, अमेरिका में 35 लाख एपस्टीन फाइलें जारी की गई हैं. इसमें अनिल अंबानी और हरदीप पुरी का नाम आया है. ये नाम प्रधानमंत्री को डराने के लिए रखे गए हैं. राहुल ने कहा कि, 35 लाख और फाइलें हैं, जिनमें नरेंद्र मोदी का सच छिपा है. अमेरिका और डोनाल्ड ट्रंप पीएम मोदी को धमकी दे रहे हैं कि वे ये फाइलें जारी कर देंगे.
राहुल गांधी ने आगे कहा कि, भाजपा ने पिछले 10 से 15 साल में जो भी पैसा कमाया है, वह सब अडानी कंपनी में लगा दिया है. राहुल ने आरोप लगाया कि, अडानी भाजपा का खास पैसा ढोने वाला जरिया है, वे हर जगह अडानी को देते हैं. जो भी पैसा है, सब अडानी के पास जाता है, जिसका इस्तेमाल फिर राजनीतिक मकसद के लिए किया जाता है. हजारों शेल कंपनियां हैं.
राहुल ने कहा कि, अमेरिका ने अडानी के खिलाफ आपराधिक चार्ज लगाए हैं. एक तरफ एपस्टीन केस है और दूसरी तरफ अडानी का केस और नरेंद्र मोदी बीच में फंस गए हैं. इसके साथ ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि इस ट्रेड डील में चार बातें सामने आई हैं. पहली, अमेरिका से खेती के प्रोडक्ट आएंगे. जब अमेरिका से बादाम, अखरोट, कॉटन और सोयाबीन आएंगे तो तूफान आ जाएगा.
इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका को भारत का डेटा दिया है. प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप को गारंटी दी है कि भारत हर साल 9 लाख करोड़ रुपये के अमेरिकी उत्पाद खरीदेगा. राहुल गांधी ने कहा कि, नरेंद्र मोदी ने अमेरिका से कहा है कि आप जहां से कहेंगे हम तेल खरीदेंगे. हम न रूस से खरीदेंगे, न ईरान से, हम जहां से अमेरिका कहेगा वहां से खरीदेंगे. अगर आप हमसे अमेरिका से पूछेंगे तो हम वहां से नहीं खरीदेंगे, बल्कि सऊदी अरब या वेनेजुएला से खरीदेंगे, हम वहां से खरीदेंगे.
साथ ही अपने संबोधन में राहुल गांधी आर्मी चीफ नरवणे की अप्रकाशित किताब को लेकर भी पीएम मोदी पर जुबानी हमले किए. राहुल ने कहा कि, उन्हें इसी मुद्दे पर संसद में बोलने से रोका गया.
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