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पश्चिम बंगाल SIR में बड़ा फर्जीवाड़ाः पड़ोसी को पिता बना कर बांग्लादेशी ने वोटर लिस्ट में मारी 'एंट्री'

भारतीय जनता पार्टी ने इसके लिए तृणमूल कांग्रेस को जिम्मेवार बताया, वहीं टीएमसी ने चुनाव आयोग पर सारा दोष मढ़ा.

Bangladeshi youth
सांकेतिक तस्वीर. (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Hindi Team

Published : November 29, 2025 at 5:41 PM IST

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Updated : November 29, 2025 at 5:54 PM IST

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बशीरहाट (पश्चिम बंगाल): बंगाल में एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है. नॉर्थ 24 परगना के बशीरहाट में धोखाधड़ी का एक अजीब मामला सामने आया है. यहां एक बांग्लादेशी परिवार पर आरोप है कि उसने पड़ोसी भारतीय नागरिक का पहचान पत्र 'जाली' बनाकर अपना नाम वोटर लिस्ट में शामिल करवा लिया है. इतना ही नहीं, आरोपी परिवार ने 'फर्जी' वोटर-आधार कार्ड का इस्तेमाल करके प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत घर भी हासिल कर लिया.

मामला अब राजनीतिक होता जा रहा है. भारतीय जनता पार्टी, सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ उतर आई है. उनका मानना ​​है कि इस पूरी घटना के पीछे तृणमूल का हाथ है. बदले में तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर सारा दोष मढ़ दिया. स्थानीय प्रशासन ने घटना की जांच करने का भरोसा दिया है.

मिली जानकारी के अनुसार आरोपी का नाम महाबुर है. उसका घर बांग्लादेश के डुमुरिया जिले में है. 35 साल का युवक कुछ साल पहले बॉर्डर पार करके भारत आया था. उसके बाद यह बांग्लादेशी युवक अपनी पत्नी के साथ बशीरहाट के निमदारिया-कोडालिया पंचायत इलाके में रहने लगा. जिस भारतीय के कार्ड का गलत इस्तेमाल किया गया उसका नाम ज़ियाद अली है.

महाबुर, जियाद के घर के बगल में रहता है. दोनों एक-दूसरे के पड़ोसी हैं. दोनों परिवारों के बीच बातचीत भी होती थी. आरोप है कि एक दिन महाबुर ने वोटर और आधार कार्ड की फोटोकॉपी मांगी. 63 साल के भारतीय नागरिक को मामला समझ में नहीं आया. बाद में, मामले के बारे में जानकर वह हैरान रह गए. ज़ियाद ने 2022 और 2024 में लगातार दो बार बशीरहाट ब्लॉक नंबर 1 के BDO और लोकल पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई.

बुजुर्ग पीड़ित ज़ियाद अली ने कहा, "वह बांग्लादेशी नागरिक है. वह मेरे परिवार से नहीं है. उसने इस देश की वोटर लिस्ट में अपना नाम लिखवाने के लिए मेरे पहचान पत्र का इस्तेमाल किया. मैंने पुलिस स्टेशन, BDO हर जगह शिकायत की है. लेकिन, किसी ने ध्यान नहीं दिया. मैं चाहता हूं कि लड़के को बांग्लादेश भेज दिया जाए. वह कट्टरपंथी हो सकता है. मुझे हमेशा डर लग रहता है."

इस बीच, वोटर लिस्ट और गिनती के फॉर्म में बांग्लादेशी युवक महाबुर ने ज़ियाद दफ़ादार को अपना पिता दिखाया है. इससे पता चलता है कि बांग्लादेशी नागरिक ने इस देश के रहने वाले ज़ियाद अली के नकली डॉक्यूमेंट्स बनाकर भारतीय पहचान पत्र बनवाया है. महाबुर की पत्नी रोकैया ने कहा, "मेरे पति महाबुर का घर बांग्लादेश के डुमुरिया जिले में है. वह तमिलनाडु में मज़दूरी करता है." महाबुर शुक्रवार को तमिलनाडु से लौटने के बाद भी नहीं दिखा.

BJP के बशीरहाट ऑर्गेनाइजेशनल डिस्ट्रिक्ट प्रेसिडेंट सुकल्याण बैद्य ने कहा, "तृणमूल की मदद से यह बांग्लादेशी नागरिक सभी सरकारी सुविधाओं का फायदा उठा रहा है. उसे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर भी मिला है. बशीरहाट के बॉर्डर इलाकों में ऐसी घटनाएं अक्सर हो रही हैं. ज़ियाद ने कई बार शिकायत दर्ज करायी लेकिन, उसके बावजूद बांग्लादेशी युवक का नाम इस देश की वोटर लिस्ट से नहीं हटाया गया."

इस बारे में बशीरहाट तृणमूल वर्कर्स ऑर्गनाइज़ेशन के लीडर कौशिक दत्ता ने कहा, "अगर किसी ने वोटर लिस्ट या एन्यूमरेशन फ़ॉर्म में नाम धोखे से भरा है, तो यह देखना इलेक्शन कमीशन की ज़िम्मेदारी है. वे कहां सो रहे थे? हम इस देश में कभी भी कोई गैर-कानूनी वोटर नहीं चाहते. एडमिनिस्ट्रेशन को इस मामले को देखना चाहिए."

बशीरहाट ब्लॉक नंबर 1 के BDO समीर कुमार हलदर ने इस मामले पर कहा, "हमें यह पता लगाना होगा कि ऐसी कोई घटना हुई है या नहीं. अगर हुई है, तो उचित कार्रवाई की जाएगी."

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Last Updated : November 29, 2025 at 5:54 PM IST