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बदरीनाथ चढ़ावा चोरी मामले में बीकेटीसी का बड़ा एक्शन, प्रमोद नौटियाल निलंबित

जांच प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और किसी भी प्रकार के प्रभाव से मुक्त रखने के उद्देश्य से आरोपी कर्मचारी को निलंबित किया है.

BADRINATH OFFERING THEFT CASE
बदरीनाथ चढ़ावा चोरी मामला (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : July 7, 2026 at 9:01 PM IST

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Updated : July 7, 2026 at 9:17 PM IST

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देहरादून: बदरीनाथ धाम में चढ़ावे से जुड़ी अनियमितताओं के मामले में बीकेटीसी ने एक्शन लिया है. बीकेटीसी ने इस मामले में वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. साथ ही विभागीय जांच भी तेज कर दी गई है.

श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए अपने वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. समिति का कहना है कि प्रारंभिक जांच में प्रथम दृष्टया अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद यह कदम उठाया गया है. साथ ही आरोपी कर्मचारी को जांच पूरी होने तक बीकेटीसी के ज्योर्तिमठ कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है.

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने सोमवार को जारी बयान में कहा था कि मंदिर समिति श्रद्धालुओं की आस्था, भगवान को अर्पित चढ़ावे और दान की पवित्रता को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है. उन्होंने कहा बदरीनाथ धाम में चढ़ावे से संबंधित अनियमितताओं की शिकायतें सामने आते ही समिति ने मामले को गंभीरता से लिया. बिना किसी देरी के संबंधित कर्मचारी से स्पष्टीकरण तलब किया गया.

BADRINATH OFFERING THEFT CASE
प्रमोद नौटियाल (ETV Bharat)

चार सदस्यीय जांच समिति का गठन: हेमंत द्विवेदी ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया. समिति ने उपलब्ध तथ्यों, अभिलेखों और संबंधित कर्मचारी के पक्ष का परीक्षण किया. जांच समिति की प्रारंभिक आख्या में प्रथम दृष्टया अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद संबंधित कर्मचारी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया. उन्होंने कहा जांच प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और किसी भी प्रकार के प्रभाव से मुक्त रखने के उद्देश्य से आरोपी कर्मचारी को निलंबित किया गया है. साथ ही यह सुनिश्चित किया गया है कि जांच के दौरान किसी प्रकार का हस्तक्षेप न हो.

स्पष्टीकरण को माना गया संदेहास्पद: बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि सोमवार देर शाम जांच समिति ने आरोपी वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण का अवलोकन किया. समिति को स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं लगा. उसे संदेहास्पद माना गया. इसी आधार पर जांच पूरी होने तक प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्णय लिया गया है. उन्होंने बताया निलंबन अवधि के दौरान आरोपी कर्मचारी को बीकेटीसी के ज्योर्तिमठ कार्यालय से संबद्ध किया गया है. विभागीय जांच आगे भी जारी रहेगी. सभी तथ्यों की गहनता से जांच की जाएगी.

जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही समिति: बीकेटीसी अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि मंदिर समिति भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितता अथवा श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है. उन्होंने कहा दोषी चाहे किसी भी पद पर हो, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच के बाद अब विस्तृत विभागीय जांच कराई जाएगी, यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका भी सामने आती है या कोई अन्य कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी नियमों के तहत कठोर अनुशासनात्मक और विधिक कार्रवाई की जाएगी.

श्रद्धालुओं से अपील: बीकेटीसी ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मामले को लेकर किसी भी प्रकार की भ्रामक या अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें. समिति का कहना है कि वह पूरे मामले की पारदर्शी तरीके से जांच करा रही है. भगवान को अर्पित चढ़ावे की प्रत्येक राशि की सुरक्षा एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना उसकी सर्वोच्च जिम्मेदारी है. समिति ने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था उसके लिए सर्वोपरि है. इस आस्था के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा. जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे.

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Last Updated : July 7, 2026 at 9:17 PM IST