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आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत: कर्नाटक के इस गांव में तीन दिनों का शोक, बेंगलुरु में प्रदर्शन की तैयारी

ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह सैय्यद अली खामेनेई के निधन की खबरों के बाद कर्नाटक के कुछ हिस्सों में लोगों ने दुख जताया है.

Ayatollah Ali Khamenei Death
आयतुल्लाह अली खामेनेई (File Photo) (ANI)
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By ETV Bharat Hindi Team

Published : March 1, 2026 at 3:53 PM IST

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Updated : March 1, 2026 at 4:00 PM IST

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अलीपुर (कर्नाटक): ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की शनिवार को हुई हत्या पर हजारों किलोमीटर दूर कर्नाटक के चिक्काबल्लापुर के शिया-बहुल गांव अलीपुर में शोक मनाया जा रहा है. ईटीवी भारत से बात करते हुए अलीपुर और बेंगलुरु के समुदाय के नेताओं और सदस्यों ने इस हिंसा की निंदा की और अपनी प्रतिक्रिया दी.

अलीपुर में तीन दिनों के लिए दुकानें बंद

अलीपुर में चारों ओर शोक का माहौल है. पूरा कस्बा दुख में एक साथ खड़ा है और कई लोग शोक के प्रतीक के रूप में काले कपड़े पहने हुए हैं. सम्मान और एकजुटता दिखाने के लिए स्थानीय दुकानें तीन दिनों तक बंद रखी गई हैं.

कर्नाटक उर्दू अकादमी के सदस्य और अलीपुर निवासी नातिक अलीपुरी ने कहा, "ईरान पर हमले और अयातुल्लाह सैय्यद अली खामेनेई की शहादत से हम बहुत दुखी हैं. वे मजलूमों, खासकर फिलिस्तीन के लोगों के लिए आवाज उठाने के लिए जाने जाते थे. उनका जाना बहुतों के लिए पीड़ादायक है."

खामेनेई की सालों पुरानी अलीपुर यात्रा को याद करते हुए अलीपुरी ने कहा कि इस जुड़ाव की वजह से कस्बे के लोग उनसे व्यक्तिगत लगाव महसूस करते हैं. उन्होंने कहा, "जब किसी स्कूल में बच्चे मारे जाते हैं, तो यह सिर्फ एक देश पर हमला नहीं, बल्कि इंसानियत पर हमला है. चाहे इसके लिए जो भी जिम्मेदार हो, ऐसे कृत्यों की कड़ी निंदा होनी चाहिए."

उनके अनुसार, अलीपुर की अंजुमन ने तीन दिवसीय शोक की घोषणा की है, जिसमें कुरान ख्वानी (पाठ) और विशेष प्रार्थनाएं शामिल हैं. पुलिस की अनुमति मिलने पर एक जुलूस निकालने की भी योजना है. उन्होंने आगे कहा, "हम सरकार के सभी नियमों और कानूनों का पालन करेंगे."

धार्मिक और सामाजिक नेताओं में नाराजगी

ईटीवी भारत से बात करते हुए, मौलाना सैयद इब्राहिम ने ईरान पर हुए इजरायली और अमेरिकी हमलों को "बिना उकसावे वाला और बेहद निंदनीय" बताया. उन्होंने कहा, "यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कई इस्लामी देश खामोश तमाशबीन बने हुए हैं. एकजुट होने के बजाय, वे बंटे हुए और आपसी झगड़ों में उलझे नजर आ रहे हैं."

बेंगलुरु के एक व्यवसायी, सैयद इब्ने हसन ने भी इस हमले की परिस्थितियों पर सवाल उठाए. उन्होंने पूछा, "जब पहले से बातचीत चल रही थी, तो यह अचानक हमला कई गंभीर सवाल खड़े करता है. जब ईरानी सेना हाई अलर्ट पर थी, तो यह हमला सफल कैसे हो गया?"

उन्होंने पश्चिमी मीडिया की उन खबरों को खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि ईरानी नेता छिप गए हैं. उन्होंने कहा, "यह हमारी जानकारी से मेल नहीं खाता. वे शहादत में विश्वास रखते हैं और खुद को छिपाएंगे नहीं."

उत्तराधिकारी के सवाल पर हसन ने समझाया कि ईरान में नए सर्वोच्च नेता की नियुक्ति वरिष्ठ धर्मगुरुओं की एक परिषद द्वारा की जाती है. उन्होंने कहा, "लगभग 50 से 60 वरिष्ठ धर्मगुरुओं की परिषद इसका फैसला करेगी. यह स्पष्ट नहीं है कि घोषणा कब होगी, लेकिन उम्मीद है कि देश अपने वर्तमान रास्ते पर चलना जारी रखेगा."

Ayatollah Ali Khamenei Death
अलीपुर में विरोध प्रदर्शन. (ETV Bharat)
बेंगलुरु में मौन प्रदर्शन की तैयारी

बेंगलुरु में आधिकारिक अनुमति मिलने पर सार्वजनिक प्रदर्शन आयोजित करने की तैयारी चल रही है. 'अंजुमन-ए-इस्लामिया बेंगलुरु' के अध्यक्ष सैयद ज़ामिन रज़ा ने ईटीवी भारत को बताया कि अस्करी मस्जिद में एक मौन विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई गई है. उन्होंने कहा, "यह प्रदर्शन अमेरिकी सेना के सहयोग से ईरान पर इजरायली शासन द्वारा किए गए हमले की निंदा करने के लिए है." उन्होंने यह भी कहा कि इसके लिए सभी आवश्यक अनुमतियां ली जाएंगी.

हसन ने इस संदर्भ में भारत की विदेश नीति का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि जहां भारत ने हाल के वर्षों में इजरायल के साथ रक्षा संबंधों को मजबूत किया है, वहीं वह संयुक्त राष्ट्र में फिलिस्तीन के लिए 'टू-स्टेट सॉल्यूशन' का समर्थन करना जारी रखे हुए है. उन्होंने कहा, "लोग करीब से देख रहे हैं कि भारत अपने इन रिश्तों को कैसे संतुलित करता है." नेताओं ने कहा कि कर्नाटक में सभी गतिविधियां शांतिपूर्ण और कानून के दायरे में रहेंगी.

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Last Updated : March 1, 2026 at 4:00 PM IST