अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के विरोध में कश्मीर में भारी विरोध प्रदर्शन, घाटी में कल 'बंद' का आह्वान
अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के विरोध में श्रीनगर और दूसरे शिया आबादी वाले इलाकों समेत पूरे कश्मीर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए.


Published : March 1, 2026 at 4:55 PM IST
|Updated : March 1, 2026 at 8:27 PM IST
श्रीनगरः जम्मू-कश्मीर में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं. रविवार को श्रीनगर के लाल चौक स्थित घंटा घर पर सैकड़ों प्रदर्शनकारी जमा हुए और खामेनेई की मौत पर दुख जताया. घाटी के पुलवामा, बड़गाम और अन्य जिलों में भी विरोध प्रदर्शन हुए. शोक मनाने वाले लोगों ने हाथों में खामेनेई की तस्वीरें ले रखी थीं. वे अमेरिका व इजरायल के खिलाफ नारे लगा रहे थे.
इधर, प्रशासन ने विरोध प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन अगले दो दिनों तक कश्मीर में स्कूल कॉलेज बंद रखने का आदेश दिया है.
I’m deeply concerned about the unfolding developments in Iran, including the killing of Iran’s Supreme Leader, Ayatollah Ali Khamenei. I appeal to all communities to remain calm, uphold peace, and avoid any actions that could lead to tension or unrest.
— Omar Abdullah (@OmarAbdullah) March 1, 2026
We must also ensure that…
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने लोगों से शांति बनाए रखने और ऐसी किसी भी हरकत से बचने की अपील की है जिससे अशांति फैल सकती हो. ईरान के हालातों और खामेनेई की मौत पर गहरी चिंता जताते हुए उमर ने 'X' (ट्विटर) पर लिखा-
"मैं सभी समुदायों से शांत रहने, शांति बनाए रखने और तनाव पैदा करने वाले कामों से बचने की अपील करता हूं. हमें यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि जम्मू-कश्मीर में जो लोग शोक मना रहे हैं, उन्हें शांतिपूर्वक शोक व्यक्त करने दिया जाए. पुलिस और प्रशासन को अत्यधिक संयम बरतने और बल प्रयोग या पाबंदियों से बचने की आवश्यकता है."
ईरान में फंसे कश्मीरी छात्रों और अन्य लोगों के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के साथ लगातार संपर्क में है, ताकि ईरान में मौजूद छात्रों सहित जम्मू-कश्मीर के सभी निवासियों की सुरक्षा और कुशलता सुनिश्चित की जा सके.

कश्मीर के वरिष्ठ धार्मिक नेता मीरवाइज़ उमर फारूक ने भी ईरान के सर्वोच्च नेता की हत्या पर दुख व्यक्त किया और सोमवार को शांतिपूर्ण बंद का आह्वान किया. मीरवाइज़ ने 'X' पर पोस्ट किया-
"अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई की गयी हत्या से गहरा दुख और आक्रोश है, जिसने पूरी मुस्लिम दुनिया को झकझोर कर रख दिया है. जम्मू-कश्मीर के लोग सामूहिक रूप से इस क्रूरता, ईरान के खिलाफ जारी आक्रामकता और मीनाब में निर्दोष छात्राओं के कत्लेआम की निंदा करते हैं."
Deeply saddened and outraged at the brutal killing of Iran’s Supreme Leader, Ayatollah Syed Ali Khamenei by the US and Israel that has shaken the Muslim world. The people of JK collectively condemn this brutality and the ongoing aggression against Iran, as well as the massacre of… pic.twitter.com/ZsstuE4yUo
— Mirwaiz Umar Farooq (@MirwaizKashmir) March 1, 2026
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने भी खामेनेई की हत्या पर मीरवाइज उमर फारूक द्वारा दिए गए बंद के आह्वान को अपना समर्थन और एकजुटता दी. उन्होंने कहा, "यह शोक का दिन दुनिया को यह याद दिलाने के लिए है कि कहीं भी होने वाला अन्याय पूरी मुस्लिम उम्मा और सच्चाई के साथ खड़े होने वाले सभी लोगों को जख्मी करता है. दुख और प्रतिरोध में एकजुट होकर, हम ईरान के लोगों के साथ मजबूती से खड़े हैं."
Extending our full support and solidarity with the shutdown call of Mirwaiz Umar Farooq on the martyrdom of Iran’s Supreme Leader.
— Mehbooba Mufti (@MehboobaMufti) March 1, 2026
This is a day of mourning to remind the world that injustice anywhere wounds the entire Muslim Ummah and all who stand for truth.
United in grief and…
जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खामेनेई के सम्मान में आज (1 मार्च) के अपने सभी राजनीतिक कार्यक्रमों को स्थगित कर दिया है. पार्टी ने एक बयान में ईरानी नेता पर हुए हवाई हमलों की कड़ी निंदा की और इन्हें अमेरिका और इजरायल की ओर से किया गया एक अमानवीय, बर्बर और कायराना कृत्य बताया. बयान में कहा गया कि जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा के नेतृत्व में पूरी पार्टी ने इस भारी नुकसान पर गहरा दुख जताया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 86 वर्षीय नेता के मारे जाने की घोषणा के कुछ घंटों बाद, रविवार सुबह ईरान के सरकारी टीवी ने भी खामेनेई के निधन की पुष्टि कर दी. ईरानी सरकारी टेलीविजन और सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने खामेनेई की मौत की सूचना तो दी, लेकिन उनके आवास पर हुए बड़े अमेरिकी और इजरायली हमले का कोई जिक्र नहीं किया.

ईरानी सरकारी टेलीविजन पर एक एंकर ने सुबह 5:00 बजे (भारतीय समयानुसार सुबह 7:00 बजे) खामेनेई के निधन की घोषणा की. इस दौरान चैनल पर शोक के प्रतीक के रूप में काली पट्टी के साथ पुरानी यादों के वीडियो दिखाए गए. अधिकारियों ने बताया कि विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को हाई अलर्ट पर रखा गया है. खामेनेई 1989 से ईरान के सर्वोच्च नेता थे.
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