जबलपुर के एड्रेस पर फर्जी पासपोर्ट और कोलकाता में रिहाइश, ATS के चंगुल में पांच अफगानी
मध्य प्रदेश एंटी टेरेरिस्ट स्क्वाड ने फर्जी पासपोर्ट पर कोलकाता में रह रहे अफगानियों को गिरफ्तार कर जबलपुर की विशेष अदालत में किया पेश.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : February 23, 2026 at 4:10 PM IST
जबलपुर : एंटी टेरेरिस्ट स्क्वाड ने कोलकाता में रह रहे पांच अफगानी नागरिकों को हिरासत में लिया है. इन्हें जबलपुर की विशेष अदालत में पेश किया गया है. इन सभी अफगानियों ने फर्जी कागजातों के आधार पर जबलपुर में अपने पासपोर्ट बनवाए थे. इन सभी के बारे में एटीएस को जानकारी अगस्त 2025 में मिली थी, जब टीम ने जबलपुर के ओमती इलाके से शोहबत खान नाम के अफगानी को पकड़ा था.
एटीएस को इस तरह पता चली फर्जी पासपोर्ट की कहानी
अगस्त 2025 को सोशल मीडिया पर एक पोस्टर सामने आया था, जिसमें अफगानी नागरिक शोहबत खान AK-47 के साथ नजर आया था. इस फोटो के सामने आने के बाद जबलपुर में एंटी टेरेरिस्ट स्क्वाड ने उसे पकड़ने के लिए कई इलाकों में छापेमारी की थी. शोहबत खान जबलपुर के ओमती इलाके के पास रहता था. जब एटीएस ने उसे गिरफ्तार किया तो उसने बताया कि उसने जबलपुर में ही अपना पासपोर्ट बनवाया था. यहीं से बाकी अफगानियों की जानकारी एंटी टेरेरिस्ट स्क्वॉड को मिली.

फिर हुआ फर्जी पासपोर्ट पर रह रहे अफगानियों का खुलासा
इस मामले में एटीएस ने शोहबत के अलावा दिनेश गर्ग, चंदन सिंह और महेंद्र नाम के तीन अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया था. यह सभी लोग मिलकर फर्जी कागजातों के आधार पर पासपोर्ट बनवाने का काम करते थे. इन्होंने सैकड़ों पासपोर्ट बनवाए थे और इन सभी के पासपोर्ट में जबलपुर के मोती नाला, तालाब सदर और उपरैनगंज के एड्रेस दर्ज थे. इन आरोपियों से पूछताछ और उनके कागजात की जानकारी के आधार पर एंटी टेरेरिस्ट स्क्वॉड को पांच और अफगानी नागरिकों के बारे में जानकारी मिली थी, जिन्हें एटीएस ने कोलकाता से हिरासत में लिया.

कोलकाता से पकड़े गए ये आरोपी
मध्य प्रदेश एंटी टेरेरिस्ट स्क्वॉ ने कोलकाता से जिया उल रहमान, जफर खान, सुल्तान मोहम्मद, रजा खान और सैयद मोहम्मद को हिरासत में लिया है. इन सभी को जबलपुर में रविवार को विशेष अदालत में पेश किया गया था. सभी को रिमांड पर लेकर इनसे पूछताछ की जा रही है. इस आरोपियों में से एक सुल्तान मोहम्मद 2018 में मेडिकल वीजा पर भारत आया था, जिसके बाद वह वापस नहीं गया. वहीं बाकी चार लोग अवैध तरीके से भारत आए थे, इन सभी ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अपने पासपोर्ट बनवाए.
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रविवार को आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया है. वहीं, जब जबलपुर एसपी संपत उपाध्याय से इस मामले में चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि ये एटीएस से जुड़ा मामला है और उनके द्वारा ही आधिकारिक जानकारी दी जाएगी. वहीं, एटीएस सूत्रों के मुताबिक अभी एंटी टेरेरिस्ट स्क्वॉड को कई और लोगों की तलाश है, जिन्होंने शोहबत के जरिए पासपोर्ट बनवाए थे और वे लोग भारत के अलग-अलग हिस्सों में रह रहे हैं. एटीएस जल्द ही इस मामले में एक और बड़ी कार्रवाई कर सकती है.

