असम विधानसभा चुनाव : सत्तारूढ़ एनडीए लगातार तीसरी बार सरकार बनाने की तरफ अग्रसर
असम में हिमंत बिस्वा सरमा की सरकार बहुमत की ओर. कांग्रेस को लगा बड़ा झटका.

Published : May 3, 2026 at 2:10 PM IST
|Updated : May 4, 2026 at 2:46 PM IST
गुवाहाटी : असम में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) लगातार तीसरी बार सरकार बनाने की ओर बढ़ता दिख रहा है, जहां वह 126 में से 99 विधानसभा सीट पर बढ़त बनाए हुए है. राज्य में सरकार बनाने के लिए आवश्यक बहुमत का आंकड़ा 64 है.
निर्वाचन आयोग ने राज्य की 126 सीट के रुझान जारी किए हैं, जिनमें भाजपा 79 सीट पर आगे है, जबकि उसके गठबंधन सहयोगी असम गण परिषद (अगप) आठ पर और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) ने एक सीट पर जीत हासिल कर ली है व आठ पर आगे है.
इसके अनुसार कांग्रेस 25 सीट पर आगे है, जबकि उसकी सहयोगी रायजोर दल दो सीट पर आगे है.
एआईयूडीएफ दो सीट पर और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) एक निर्वाचन क्षेत्र में आगे है.
खोवांग निर्वाचन क्षेत्र में पहले आगे रहे असम जातीय परिषद के लुरिंज्योति गोगोई अब भाजपा के चक्रधर गोगोई से पीछे हो गए हैं.
जालुकबारी निर्वाचन क्षेत्र में मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा आगे हैं, जबकि जोरहाट में कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष गौरव गोगोई अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के हितेंद्रनाथ गोस्वामी से पीछे हो गए हैं.
विधानसभा अध्यक्ष एवं तामुलपुर से भाजपा के उम्मीदवार विश्वजीत दैमारी युनाईटेड पीपुल्स पार्टी-लिबरल के प्रमोद बोरो से आगे हैं.
दूसरे चरण की मतगणना के बाद पिछड़े रायजोर दल के अध्यक्ष अखिल गोगोई अब एक बार फिर अपने प्रतिद्वंद्वी भाजपा के कुशल दुवारी से आगे हैं.
राजग के सहयोगी अगप के अध्यक्ष अतुल बोरा एवं कार्यकारी अध्यक्ष केशव महंत क्रमशः बोकाखाट और कलियाबोर में आगे हैं.
चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हुए कांग्रेस के पूर्व वरिष्ठ नेता प्रद्युत बोरदोलोई और भूपेन बोरा क्रमशः दिसपुर और बिहपुरिया निर्वाचन क्षेत्रों में आगे हैं.
मंत्री रानोज पेगू, पीयूष हजारिका, अशोक सिंघल, प्रशांत फूकन, विमल बोरा और चंद्रमोहन पटवारी भी अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में बढ़त बनाए हुए हैं.
निवर्तमान विधानसभा में सत्तारूढ़ भाजपा के 64 विधायक हैं, जबकि उसके सहयोगी दलों में असम गण परिषद (एजीपी) के नौ, यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) के सात और बोडो पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) के तीन विधायक हैं। बीपीएफ हाल में गठबंधन में फिर से शामिल हुई है.
असम चुनाव के प्रमुख चेहरे
--- प्रमुख उम्मीदवारों में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा समेत कई चेहरे हैं.
--- एनडीए के लिए एजीपी प्रमुख अतुल बोरा एक महत्वपूर्ण सहयोगी हैं. एजीपी का प्रदर्शन यह संकेत देगा कि क्या क्षेत्रीय असमिया राष्ट्रवाद का एनडीए के व्यापक ढांचे के भीतर अभी भी मजबूत प्रभाव है. भाजपा-एजीपी गठबंधन ने विकास की राजनीति और क्षेत्रीय पहचान संबंधी चिंताओं के बीच संतुलन बनाए रखने पर बहुत जोर दिया है.
--- कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई असम में प्रमुख विपक्षी चेहरों में से एक बनकर उभरे हैं. वह पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के पुत्र हैं. उन्होंने चुनाव से पहले विपक्षी गठबंधनों को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.गोगोई ने बेरोजगारी, महंगाई और भाजपा सरकार के तहत बढ़ते राजनीतिक केंद्रीकरण जैसे मुद्दों पर आक्रामक रूप से प्रचार किया.
--- असम में विपक्ष के नेता देबब्रता सैकिया हैं. असम की कांग्रेस राजनीति में वह काफी अहम माने जाते हैं. नाजिरा से चुनाव लड़ रहे सैकिया ने अपने अभियान में आर्थिक संकट, बाढ़ प्रबंधन और असमिया पहचान की रक्षा जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया है.
--- एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल एक बार फिर चर्चा में हैं. उनका असर लोअर असम में सबसे अधिक है.
--- रायजोर दल के नेता अखिल गोगोई असम में सत्ता-विरोधीआवाजों में से एक हैं. नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व करने के लिए जाने जाने वाले गोगोई ने खुद को जमीनी स्तर के प्रतिरोध की राजनीति के चेहरे के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया है.
असम में इस बार उम्मीदवारों में 59 महिलाएं हैं. नगांव जिले में मतगणना तीन अलग-अलग केंद्रों पर होगी, जबकि कोकराझार, तिनसुकिया और जोरहाट में दो-दो केंद्रों पर मतगणना होगी. मतगणना केंद्रों और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) वाले ‘स्ट्रॉन्ग रूम’ की सुरक्षा के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की 25 कंपनियां तैनात की गई हैं.
चुनाव में 722 उम्मीदवारों में से कांग्रेस के सबसे अधिक 99 उम्मीदवार हैं. इसके बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 90, ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के 30, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सहयोगी असम गण परिषद (अगप) के 26 और बोडो पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) के 11 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं.
विपक्षी गठबंधन में रायजोर दल ने 13 सीट पर, असम जातीय परिषद ने 10 सीट पर, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने तीन सीट पर और ऑल पार्टी हिल लीडर्स कॉन्फ्रेंस ने दो सीट पर चुनाव लड़ा है.
आम आदमी पार्टी (आप) और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) ने 18-18 सीट पर, तृणमूल कांग्रेस ने 22 सीट पर और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने 16 सीट पर चुनाव लड़ा। इसके अलावा, 258 निर्दलीय उम्मीदवार भी हैं.
2021 में एनडीए को 76, यूपीए को 49 और अन्य को एक सीटें मिली थीं.
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