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Explainer: दिल्ली में इस साल आग ने ली 65 जिंदगियां, मई में फायर सर्विस को मिलीं रिकॉर्ड 3,410 कॉल्स

जैसे-जैसे गर्मी बढ़ी, आग की घटनाओं में भी भारी उछाल आया है. देखिए संवाददाता धनंजय वर्मा की ये स्पेशल रिपोर्ट

देश की राजधानी में आग की घटनाएं
देश की राजधानी में आग की घटनाएं (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Delhi Team

Published : June 4, 2026 at 11:15 AM IST

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नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में गर्मी का पारा चढ़ने के साथ ही आग की घटनाओं में भी बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है. बुधवार को मालवीय नगर के एक होटल में आग लगने से 21 लोगों की मौत हो गई, जिनमें कई विदेशी नागरिक भी हैं. यह इस साल की सबसे बड़ी और दर्दनाक घटना है.

दिल्ली फायर सर्विस (DFS) से प्राप्त आंकड़ो पर गौर करें तो वर्ष 2026 के शुरुआती 5 महीनों (1 जनवरी से 31 मई तक) के बीच 44 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो चुकी है. यदि मालवीय नगर के होटल में आग की घटना को जोड़ लें तो आग में जलकर मृतकों की संख्या 65 हो जाती है. आग में जलकर लोगों की मौत के ये आंकड़े बेहद डरावनी तस्वीर पेश कर रहे हैं.

मालवीय नगर अग्निकांड (ETV Bharat)

दिल्ली फायर सर्विस से प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण करें तो साफ पता चलता है कि तापमान बढ़ने से साथ मई के महीने में दिल्ली में आग ने प्रचंड रूप अख्तियार कर लिया, जहां रोजाना औसतन 110 से अधिक आग की घटनाएं दर्ज की गईं. इस वर्ष 31 मई तक दिल्ली फायर सर्विस को कुल 16,702 कॉल्स मिली हैं, जिनमें से 10,103 कॉल्स सीधे तौर पर भीषण या सामान्य आग लगने की थीं. इस भयावह स्थिति में 31 मई तक 44 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो चुकी थी.

पिछले दो सालों से अबतक दिल्ली में आग की घटनाओं में मौत और घायलों का आंकड़ा
पिछले दो सालों से अबतक दिल्ली में आग की घटनाओं में मौत और घायलों का आंकड़ा (ETV Bharat)

मई में 'बारूद' बनी दिल्ली: सबसे ज्यादा 3,410 अग्निकांड

दिल्ली फायर सर्विस के आंकड़ों के मुताबिक, जैसे-जैसे गर्मी बढ़ी, आग की घटनाओं में भी भारी उछाल आया है. जनवरी 2026 में जहां आग की 1,396 घटनाएं हुईं, वहीं फरवरी में यह थोड़ी घटकर 1,096 रह गईं. मार्च में पारा चढ़ने के साथ यह आंकड़ा 1,538 पर पहुंचा और अप्रैल में लगभग दोगुना होकर 2,663 हो गया. लेकिन मई 2026 ने पिछले सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए. मई के महीने में अकेले दिल्ली में 3,410 जगहों पर आग लगी. इसका सीधा मतलब ये है कि मई में हर दिन औसतन 110 से अधिक बार दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में दमकल गाड़ियों को सायरन बजाते हुए दौड़ना पड़ा.

दिल्ली में 2026 में आग की घटनाएं में मौत और घायलों का आंकड़ा
दिल्ली में 2026 में आग की घटनाएं में मौत और घायलों का आंकड़ा (ETV Bharat)

इस साल की सबसे बड़ी व दर्दनाक घटना, 21 की मौत

मालवीय नगर स्थित हौज रानी इलाके में 03 जून की सुबह फ्लोरिश स्टे होटल में लगी भीषण आग राजधानी दिल्ली के बीते कई वर्षों के सबसे बड़े अग्निकांडों में शामिल हो गई. इस आग की इस घटना में 49 लोगों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया. इनमें 21 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि मृतकों में 9 भारतीय व 12 विदेशी नागरिक शामिल हैं. यह घटना इस साल 2026 की अब तक कि सबसे बड़ी आग की घटना है. इससे पहले द्वारका और विवेक विहार में मकानों में आग लगने से दोनों जगहों पर 9-9 लोगों की मौत हुई थी. फ्लोरिश स्टे होटल में आग की घटना के बाद पुलिस नेगैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर होटल मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार कर लिया है.

दिल्ली में इस साल आग की प्रमुख घटनाएं
दिल्ली में इस साल आग की प्रमुख घटनाएं (ETV Bharat)

शवों के ढेर व चीखती जिंदगी के आंकड़े

राजधानी दिल्ली में आग की इन दर्दनाक घटनाओं ने कई हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ दिया है. आंकड़ों के अनुसार इस साल 01 जनवरी से 03 जून तक सीधे तौर पर आग की लपटों में घिरने के कारण 65 लोगों की मौत हो चुकी है. महीने वार आग में मृतकों के संख्या की बात करें तो जनवरी में 6, फरवरी में 6, मार्च में 15, अप्रैल में 5 और मई में 12 लोगों ने दम तोड़ दिया. वहीं, 3 जून को 21 लोगों की जलकर मौत हो गई.

कूड़े के ढेरों में सुलगती आग बनी बड़ी चुनौती

राजधानी में आग फैलने का एक बड़ा कारण कचरा और कबाड़ में लगने वाली आग रही. इस साल 31 मई तक कुल 10,103 फायर कॉल्स में से 2,864 कॉल्स सिर्फ कूड़े व कचरे के ढेरों में आग लगने की थीं. मई के महीने में सबसे ज्यादा 828 कॉल्स कूड़े में आग की थीं, जबकि अप्रैल में 725, मार्च में 539, जनवरी में 441 और फरवरी में 331 ऐसी घटनाएं हुईं.

ये आंकड़े बताते हैं कि नगर निगमों और प्रशासनिक लापरवाही के कारण खुले में फेंका जाने वाला कूड़ा व लैंडफिल साइट्स भीषण गर्मी में किसी टाइम बम से कम साबित नहीं हो रहे हैं.

एके मलिक , चीफ फायर ऑफिसर, दिल्ली (ETV Bharat)

दमकलकर्मियों की मुस्तैदी से बचीं सैकड़ों जिंदगियां

जहां एक तरफ जहां आग ने तांडव मचाया, वहीं दिल्ली फायर सर्विस के जांबाज दमकलकर्मियों ने अपनी जान पर खेलकर हजारों लोगों को मौत के मुंह से बाहर निकाला. आंकड़ों के मुताबिक 1 जनवरी से 3 जून के बीच आग की घटनाओं में कुल 418 लोग झुलसे या घायल हुए, जिन्हें वक्त रहते सुरक्षित निकालकर अस्पतालों में पहुंचाया गया. इसमें जनवरी में 89, फरवरी में 124, मार्च में 130, अप्रैल में 119 और मई में 116 लोग घायल हुए. 3 जून की घटना की बात करें तो 28 लोगों को आग में जलने से बचाया गया, जिनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है.

यह साफ है कि राजधानी में बढ़ती आग की घटनाएं न सिर्फ मौसम के मिजाज बल्कि मानवीय लापरवाही का भी नतीजा हैं. शॉर्ट सर्किट, ओवरलोडेड ट्रांसफार्मर, फैक्ट्रियों में अवैध रूप से रखे गए केमिकल व रिहायशी इलाकों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी दिल्ली को 'अग्निकुंड' में तब्दील कर रही है. यदि समय रहते इमारतों की फायर ऑडिट व जन-जागरूकता पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में यह आंकड़े और अधिक भयावह हो सकते हैं.

दिल्ली में अबतक हुई आग की बड़ी घटनाएं
दिल्ली में अबतक हुई आग की बड़ी घटनाएं (ETV Bharat)

दिल्ली में मालवीय नगर जैसे या उससे अधिक मौतों वाले बड़े अग्निकांड कब-कब हुए:

1. उपहार सिनेमा अग्निकांड (जून 1997)

ग्रीन पार्क स्थित उपहार सिनेमा में आग लगने से 59 लोगों की मौत हो गई थी और 100 से अधिक लोग घायल हुए थे. ये दिल्ली का सबसे चर्चित अग्निकांड रहा है.

2. शाहदरा, एमएस पार्क (23 अप्रैल, 2018)

3. अनाज मंडी अग्निकांड (दिसंबर 2019)

पुरानी दिल्ली के रानी झांसी रोड स्थित एक फैक्ट्री में आग लगने से 43 लोगों की मौत हो गई थी. यह दिल्ली के इतिहास की सबसे भयावह आग की घटनाओं में गिनी जाती है.

4. मुंडका फैक्ट्री अग्निकांड (मई 2022):

पश्चिमी दिल्ली के मुंडका में एक चार मंजिला व्यावसायिक इमारत में आग लगने से 27 लोगों की मौत हुई थी. ये हाल के वर्षों की सबसे बड़ी आग की घटनाओं में से एक थी.

5. विवेक विहार (मई 2024)

विवेक विहार के चाइल्ड केयर सेंटर में शनिवार रात लगी आग में जलकर सात बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई. लेकिन अगर चाइल्ड केयर सेंटर कर्मी वहां से गुजर रहे राहगीर आबिद की बात मान लेता तो शायद उन सात बच्चों की जान बच सकती थी.

6. द्वारका के आवासीय भवन में आग (जून 2025)

दिल्ली के द्वारका इलाके में सातवीं मंजिल पर स्थित एक अपार्टमेंट में आग लगने से एक पिता और उसके दो बच्चों की मौत हो गई.

7. मंगोलपुरी में रबड़ फैक्ट्री में आग (10 जून 2025)

8. दिल्ली हाट में आग (30 अप्रैल, 2025)

9. रोहिणी इमारत में आग (25 जून, 2025)

10. मालवीय नगर रेस्टोरेंट आग (3 जून 2026)

दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल में लगी भीषण आग ने कई परिवारों की जिंदगी हमेशा के लिए छीन ली. इस हादसे में 21 लोगों की मौत हो गई.

इन वजहों से होते हैं आग हादसे
इन वजहों से होते हैं आग हादसे (ETV Bharat)

गर्मी में आग लगने की घटनाएं क्यों बढ़ती है?
गर्मी के महीने में ज्यादातर घरों में बड़ी संख्या में एसी, पंखे, कूलर समेत अलग-अलग तरह के बिजली के उपकरण इस्तेमाल किए जाते हैं. गर्मियों में आग लगने की घटना में बड़ा हाथ शॉर्ट सर्किट का होता है. गर्मी में तापमान काफी ज्यादा होता है. इस वजह से इलेक्ट्रिक उपकरण भी काफी गर्म हो जाते हैं. यही कारण है कि इन उपकरणों में शॉर्ट सर्किट की आशंका भी काफी बढ़ जाती है.

ओवरलोडिंग भी बन सकता है कारण
गर्मी के महीने में भारी संख्या में इलेक्ट्रिक उपकरणों के इस्तेमाल के कारण ओवरलोडिंग हो जाती है जो कि बड़ी आग का कारण बनती है. ओवरलोडिंग के कारण बिजली की वायरिंग भी जल जाती है. इसके अलावा ट्रांसफार्मर जल जाते हैं और गर्मी के कारण तार भी टूटने का खतरा रहता है. ऐसे में एक चिंगारी भी बड़ी आग का कारण बनती है.

आग हदासों से बचने के उपाय
आग हदासों से बचने के उपाय (ETV Bharat)

दिल्ली के फायर विभाग के बारे में जानिए

दिल्ली अग्निशमन सेवा दिल्ली सरकार का एक महत्वपूर्ण विभाग है. दिल्ली अग्निशमन सेवा में 71 फायर स्टेशन हैं, जबकि मास्टर प्लान 2021 के मुताबिक 120 फायर स्टेशन होने चाहिए. 12000 से अधिक अग्निशमन कर्मचारियों की आवश्यकता है लेकिन अभी 2500 से भी काम अग्निशमन कर्मचारी हैं.

दिल्ली को 5 फायर जोन में बंटा गया है, जिसमें सेंट्रल, नॉर्थ, ईस्ट, वेस्ट और साउथ जोन हैं. सभी ज़ोन में एक - एक चीफ फायर ऑफिसर नियुक्त करने की तैयारी है. . दिल्ली अग्निशमन सेवा के पास करीब 245 अग्निशमन वाहन और अन्य सहायक इकाइयां हैं.

आग लगने पर इन नंबरों पर करें कॉल

  • पुलिस:100, 112
  • फायर: 101 या 01123414280
  • एम्बुलेंस: 108 और 102

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