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E20 पेट्रोल को लेकर केजरीवाल ने 29 ऑटोमोबाइल कंपनियों को भेजी चिट्ठी, पुराने वाहनों की सुरक्षा पर मांगा जवाब

उन्होंने E20 पेट्रोल पर कंपनियों से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है. साथ ही इस मुद्दे पर मैकेनिकों से मिलने की भी बात कही.

अरविंद केजरीवाल ने ऑटोमोबाइल कंपनियों पर खड़े किए सवाल
अरविंद केजरीवाल ने ऑटोमोबाइल कंपनियों पर खड़े किए सवाल (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Delhi Team

Published : July 8, 2026 at 1:15 PM IST

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नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी मुख्यालय में बुधवार को पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने E20 पेट्रोल को लेकर केंद्र सरकार और ऑटोमोबाइल कंपनियों पर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि देशभर में E20 पेट्रोल को लेकर भ्रम की स्थिति है और लोगों के मन में पुराने वाहनों की सुरक्षा, माइलेज और इंजन पर पड़ने वाले असर को लेकर कई सवाल हैं. इसी को देखते हुए उन्होंने देश की 29 ऑटोमोबाइल कंपनियों को पत्र भेजकर एक सप्ताह के अंदर जवाब मांगा है.

उन्होंने बताया कि 29 ऑटोमोबाइल कंपनियों में से 26 को सामान्य पत्र भेजा गया है, जबकि तीन कंपनियों मारुति सुजुकी, टोयोटा किर्लोस्कर मोटर और हीरो मोटोकॉर्प को अलग से विस्तृत पत्र लिखा गया है. इन तीनों कंपनियों के प्रतिनिधियों ने 4 जुलाई को सरकार की प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि 2023 से पहले की गाड़ियों में भी E20 पेट्रोल का इस्तेमाल सुरक्षित है और इससे केवल 3 से 5 प्रतिशत तक माइलेज कम होती है. लेकिन इन कंपनियों के ओनर्स मैनुअल में स्पष्ट लिखा है कि पुराने वाहनों में 10 प्रतिशत से अधिक इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए. यह दोनों बातें एक-दूसरे के विपरीत हैं और कंपनियों को स्पष्ट करना चाहिए कि उनका आधिकारिक रुख क्या है.

माइलेज और इंजन खराब होने पर मुआवजे की मांग: अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कंपनियों से यह भी पूछा गया है कि अगर E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से किसी वाहन की माइलेज 5 या 10 प्रतिशत से अधिक कम होती है तो क्या वह उपभोक्ता को उसकी भरपाई करेंगी. साथ ही अगर किसी वाहन के इंजन या अन्य पार्ट्स को नुकसान होता है तो क्या कंपनी उसका पूरा मुआवजा देने के लिए तैयार होगी. यह केवल तकनीकी नहीं बल्कि करोड़ों वाहन मालिकों से जुड़ा उपभोक्ता अधिकार का मुद्दा है.

अन्य कंपनियों से भी मांगी स्पष्ट स्थिति: उन्होंने बताया कि बाकी 26 कंपनियों से भी पूछा गया है कि क्या उनके 2023 से पहले के मॉडल E20 पेट्रोल के लिए पूरी तरह सुरक्षित हैं. अगर सुरक्षित हैं तो माइलेज पर कितना असर पड़ेगा और क्या किसी प्रकार के तकनीकी नुकसान की संभावना है. उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी कंपनियां एक सप्ताह के अंदर सार्वजनिक रूप से अपना जवाब देंगी.

पेट्रोल पंप, सर्विस सेंटर और मिस्त्रियों से करेंगे बातचीत: उन्होंने आगे कहा कि गुरुवार को वह विभिन्न पेट्रोल पंप, सर्विस सेंटर और स्थानीय मैकेनिकों से मिलकर वास्तविक स्थिति जानेंगे. सरकार लगातार दावा कर रही है कि E20 पूरी तरह सुरक्षित है, लेकिन जनता का अनुभव क्या है, यह जानना भी जरूरी है. अगर आम लोगों की चिंताओं को उठाया जाता है तो उन्हें 'एंटी नेशनल' या किसी लॉबी का हिस्सा बताना गलत है. जब सभी दलों के लोग और आम वाहन मालिक इस मुद्दे पर सवाल उठा रहे हैं तो सरकार की जिम्मेदारी है कि वह उनकी बात सुने.

केंद्र सरकार पर लगाए आरोप: अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर भी आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि सरकार अलग-अलग मंचों पर अलग-अलग बातें कर रही है. एक ओर कोर्ट में कहा जाता है कि परीक्षण जारी है, जबकि दूसरी ओर सार्वजनिक मंचों पर अलग दावा किया जाता है. इस तरह के विरोधाभासी बयानों से सरकार की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं.

राम मंदिर ट्रस्ट विवाद पर भी साधा निशाना: उन्होंने कहा कि पूरे मामले में केवल कुछ लोगों के नाम सामने लाकर असली जिम्मेदार लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है. गठित विशेष जांच दल (SIT) केवल दिखावे के लिए बनाई गई है और पूरे मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है.

अमित शाह के यमुना संबंधी बयान पर सौरभ भारद्वाज का पलटवार: वहीं पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के यमुना को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि अमित शाह ने दावा किया कि दिल्ली में एक वर्ष के अंदर 129 नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) बनाए गए हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि भाजपा सरकार बनने के समय जितने STP थे, आज भी उतने ही हैं. एक भी नया STP नहीं जोड़ा गया है.

एसटीपी को लेकर भी लगाए आरोप: प्रेस कॉन्फ्रेंस में आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के यमुना को लेकर दिए गए बयान पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि अमित शाह ने दावा किया कि दिल्ली में एक वर्ष के अंदर 129 नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) बनाए गए हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि भाजपा सरकार बनने के समय जितने STP थे, आज भी उतने ही हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि एक भी नया STP नहीं जोड़ा गया है. साथ ही गोबर गैस प्लांट और गोबर के निस्तारण को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह कार्य नगर निगम का है, जहां लंबे समय तक भाजपा का शासन रहा है. केंद्रीय नेतृत्व को दिल्ली सरकार की वास्तविक स्थिति की सही जानकारी नहीं दी जा रही है.

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