दिल्ली शराब घोटाला मामला: बरी होने के बाद केजरीवाल बोले - मैं करप्ट नहीं, पूरा केस फर्जी था
कोर्ट ने आबकारी नीति से जुड़े सीबीआई मामले में केजरीवाल, सिसोदिया समेत सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया है.

Published : February 27, 2026 at 12:06 PM IST
|Updated : February 27, 2026 at 1:30 PM IST
नई दिल्ली: राजधानी के बहुचर्चित कथित आबकारी नीति घोटाले में शनिवार को नया मोड़ आ गया. राउज एवेन्यू कोर्ट ने सीबीआई द्वारा दर्ज मामले में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को बड़ी राहत देते हुए बरी कर दिया है. विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया कि सीबीआई आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य पेश करने में विफल रही है.
वहीं, शराब नीति मामले में बरी होने के बाद अरविंद केजरीवाल भावुक हो गए. उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ पूरा मामला फर्जी था. अदालत से राहत मिलने के बाद उन्होंने इसे सच की जीत बताया और कहा कि उन्हें झूठे केस में फंसाया गया था.
सोचिए दोनों बच्चे IIT से पढ़े और उनके IITian IRS रहे , CM पिता@ArvindKejriwal को जेल में सड़ाया गया
— Saurabh Bharadwaj (@Saurabh_MLAgk) February 27, 2026
लानत है भाजपा की गंदी सोच पर pic.twitter.com/3TibgGhVTR
सुनिता केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा कि इस संसार में कोई कितना भी शक्तिशाली हो जाये,शिव शक्ति से ऊपर नहीं हो सकता । सच की हमेशा जीत होती है.
इस संसार में कोई कितना भी शक्तिशाली हो जाये,शिव शक्ति से ऊपर नहीं हो सकता । सच की हमेशा जीत होती है ।
— Sunita Kejriwal (@KejriwalSunita) February 27, 2026
कोर्ट ने हमारे नेताओं को बरी कर दिया।
— Sanjay Singh AAP (@SanjayAzadSln) February 27, 2026
ये साबित हो गया की देश की सत्ता पर एक खतरनाक षड्यंत्रकारी राज कर रहा है।
जिसने साजिश रच कर देश के सबसे लोकप्रिय ईमानदार मुख्यमंत्री @ArvindKejriwal सबसे योग्य ईमानदार शिक्षा मंत्री @msisodia सबसे बेहतरीन ईमानदार पार्टी @AamAadmiParty को बदनाम…
संजय सिंह ने कहा कि कोर्ट ने हमारे नेताओं को बरी कर दिया. ये साबित हो गया की देश की सत्ता पर एक खतरनाक षड्यंत्रकारी राज कर रहा है. जिसने साजिश रच कर देश के सबसे लोकप्रिय ईमानदार मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और सबसे योग्य ईमानदार शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी को बदनाम किया.
सत्यमेव जयते।
— Manish Sisodia (@msisodia) February 27, 2026
आज एक बार फिर बाबा साहेब अम्बेडकर जी की दूरदर्शी सोच और उनके बनाए संविधान पर फ़ख़्र महसूस हो रहा है।
मोदी जी की पूरी पार्टी और सारी एजेंसियों की हमें बेईमान साबित करने की तमाम कोशिशों के बावजूद आज साबित हो गया कि अरविंद केजरीवाल - मनीष सिसोदिया कट्टर ईमानदार…
मनीष सिसोदिया के खिलाफ नहीं मिले सबूत
मनीष सिसोदिया, जो इस मामले में लंबे समय तक न्यायिक हिरासत में रहे, उन्हें राहत देते हुए कोर्ट ने कहा कि सीबीआई उनके खिलाफ भ्रष्टाचार या साजिश का कोई भी आरोप सिद्ध करने में पूरी तरह विफल रही है. अदालत ने माना कि नीतिगत फैसलों को बिना ठोस सबूत के आपराधिक साजिश नहीं माना जा सकता.
सत्यमेव जयते ✊
— Durgesh Pathak (@ipathak25) February 27, 2026
आज सत्य ने फिर अपनी ताकत साबित कर दी। दिल्ली के कथित शराब घोटाले में माननीय न्यायालय द्वारा सभी आरोपियों को बाइज़्ज़त बरी किया जाना केवल एक कानूनी निर्णय नहीं, बल्कि सच्चाई की जीत है।
यह फैसला स्पष्ट करता है कि Arvind Kejriwal जी पर लगाए गए आरोप निराधार थे।… pic.twitter.com/8qGoRKt6xU
रामनिवास गोयल ने दी बधाई
विधानसभा स्पीकर रामनिवास गोयल ने कहा कि मैं मनीष सिसोदिया अरविंद केजरीवाल और उन सभी साथियों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं जिन्हें आज कोर्ट ने बरी किया और साथ ही सरकारों को यह सबक है कि ऐसे सरकारी नहीं चलती है. आज सच्चाई की जीत हुई है. उन्होंने कहा अमित शाह का यह षड्यंत्र था एक झूठा मुकदमा तैयार किया उस षड्यंत्र का आज पर्दाफाश हुआ.
सत्यमेव जयते!
— Atishi (@AtishiAAP) February 27, 2026
चाहे कितने भी झूठे आरोप लगाये, चाहे कितना अत्याचार किया, लेकिन आख़िरकर सच की जीत हुई।
आज पूरे देश के सामने है - भाजपा का षड्यंत्र और अरविंद केजरीवाल की कट्टर ईमानदारी
आम आदमी पार्टी के नेताओं में खुशी
अपने दोनों वरिष्ठ नेताओं के बरी होने की खुशी में आम आदमी पार्टी के लक्ष्मी नगर विधानसभा के कार्यकर्ताओं ने मिठाई बांटकर और ढोल बजाकर खुशी का इजहार किया.
आज माननीय न्यायालय ने केजरीवाल जी और मनीष जी समेत तमाम AAP नेताओं को फर्जी शराब घोटाले में निर्दोष करार दे दिया है। इस फैसले ने मुहर लगा दी है कि हमारे नेताओं को फंसाने की कोशिशें BJP की सिर्फ एक गंदी राजनीति थीं। कट्टर ईमानदारी का यह कारवां अब और भी मजबूती से आगे बढ़ेगा।
— Gopal Rai (@AapKaGopalRai) February 27, 2026
राजनीतिक गलियारों में हलचल
इस फैसले के बाद दिल्ली की राजनीति में उबाल आना तय है. आम आदमी पार्टी (आप) ने इसे 'सत्य की जीत' बताया है. पार्टी का कहना है कि यह पूरा मामला राजनीति से प्रेरित था और आज अदालत के फैसले ने इसे साबित कर दिया है. वहीं, कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला सीबीआई के लिए एक बड़ा झटका है, विशेषकर उन टिप्पणियों के बाद जो जांच की गुणवत्ता और शब्दावली के चयन पर की गई हैं.
मुख्य बिंदु जो फैसले में छाए रहे:
- सबूतों का अभाव: केजरीवाल और सिसोदिया के खिलाफ कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं मिला.
- अनुचित शब्दावली: 'साउथ ग्रुप' जैसे शब्दों के इस्तेमाल को अदालत ने पूर्वाग्रह माना.
- जांच में पारदर्शिता: सील कवर रिपोर्ट और बयानों को साझा न करने पर नाराजगी.
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