गणतंत्र दिवस से पहले बड़ी आतंकी साजिश नाकाम, पाकिस्तानी ड्रोन से गिराए गए हथियार बरामद
दावा है कि, पाकिस्तानी सेना ने आतंकवादियों और ओवर ग्राउंड वर्कर्स के लिए भारतीय सीमा में हथियार और गोला-बारूद भेजे थे.

Published : January 10, 2026 at 2:28 PM IST
जम्मू: गणतंत्र दिवस से पहले जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में पाकिस्तान की एक बड़ी साजिश को पुलिस और बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) की जॉइंट टीम ने नाकाम कर दिया है. खबर के मुताबिक, जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास हथियार और गोला-बारूद का जखीरा बरामद किया है.
अधिकारियों ने बताया कि, हथियारों का जखीरा घगवाल पुलिस थाने के अधिकार क्षेत्र में आने वाले पलूरा गांव में एक पैकेट में लिपटा हुआ था. अधिकारियों ने ईटीवी भारत को बताया कि बीएसएफ और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर संदिग्ध हरकतों के बारे में मिली एक गुप्त सूचना के आधार कार्रवाई की. अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अलर्ट देश के जवानों ने रीगल बॉर्डर आउट पोस्ट और उसके आसपास घात लगाकर हमला किया. इस दौरान सीमा पार से ड्रोन की मूवमेंट भी देखी गई.
#WATCH | J&K | BSF and J&K Police personnel conduct search operation in Samba area
— ANI (@ANI) January 10, 2026
(Visuals deferred by unspecified time; no live operational details disclosed) pic.twitter.com/tBhjCpPa1P
इस दौरान ड्रोन से एक पैकेट गिराया गया. उसके बाद बीएसएफ के जवानों ने पूरे इलाके को सील कर हथियार और गोला-बारूद की खेप को अपने कब्जे में ले लिया. अधिकारियों ने बताया कि दो पिस्तौल, तीन मैगजीन, 16 कारतूस और एक ग्रेनेड सहित अन्य सामान बरामद किया गया है. सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान के चक भूरा गांव से ड्रोन गतिविधि देखी गई थी.
अधिकारियों का दावा है कि पाकिस्तानी सेना ने आतंकवादियों और ओवर ग्राउंड वर्कर्स के लिए भारतीय सीमा में हथियार और गोला-बारूद भेजे थे, लेकिन इससे पहले ही सुरक्षा बलों ने योजना को विफल कर दिया और हथियारों का जखीरा बरामद कर लिया. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
यह घटना केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सुरक्षा बलों के साथ बैठक में जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा की समीक्षा करने और उन्हें आतंकवादी ढांचे और आतंकवाद वित्तपोषण को खत्म करने के लिए आतंकवाद विरोधी अभियान को पूरी ताकत से जारी रखने का निर्देश देने के दो दिन बाद घटी है.
शाह ने इस प्रयास में सुरक्षा बलों को हर संभव सहयोग का आश्वासन भी दिया. गृह मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, शाह ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर में स्थायी शांति स्थापित करने और आतंकवाद को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है.
बैठक में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, केंद्रीय गृह सचिव, सूचना सूचना निदेशक, जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव, जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के प्रमुख और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे.
ये भी पढ़ें: जम्मू-कश्मीर: नवंबर में आतंकवाद से जुड़ी सिर्फ दो हत्याएं हुईं, 5 साल में सबसे कम

