ETV Bharat / bharat

IPS एम. सुनील नायक को नहीं ले जा सकती है आंध्र पुलिस, पटना सिविल कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड अर्जी खारिज

पटना सिविल कोर्ट से आईजी एम. सुनील नायक को बड़ी राहत दी है. आंध्र पुलिस की ट्रांजिट रिमांड की अर्जी खारिज हो गई है.

PATNA CIVIL COURT
पटना सिविल कोर्ट (ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Bihar Team

Published : February 23, 2026 at 2:56 PM IST

3 Min Read
Choose ETV Bharat

पटना : पटना के शास्त्री नगर थाना क्षेत्र स्थित आवास से बिहार होमगार्ड एवं अग्निशमन सेवा के आईजी एम. सुनील नायक को लेने पहुंची आंध्र प्रदेश पुलिस को उस समय झटका लगा, जब पटना सिविल कोर्ट ने ट्रांजिट रिमांड देने से इनकार कर दिया. एसीजेएम-12 की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने आंध्र प्रदेश पुलिस की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए रिमांड अर्जी को सीधे खारिज कर दिया.

सुबह-सुबह अचानक बढ़ गई हलचल : सोमवार की सुबह आंध्र प्रदेश पुलिस की एक टीम शास्त्री नगर स्थित आईजी एम. सुनील नायक के सरकारी आवास पर पहुंची. टीम ने स्थानीय शास्त्री नगर थाना पुलिस की मौजूदगी में आवास के भीतर जांच-पड़ताल की. आवास के बाहर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई थी. गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में होमगार्ड के जवान भी मौके पर पहुंच गए. जवानों का कहना था कि नियमों की अनदेखी करते हुए कार्रवाई की जा रही है.

IPS M Sunil Nayak
कोर्ट के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम (ETV Bharat)

गिरफ्तारी वारंट नहीं था : इसके बाद आंध्र प्रदेश पुलिस और पटना पुलिस की टीम आईजी को लेकर पटना सिविल कोर्ट पहुंची, जहां ट्रांजिट रिमांड के लिए आवेदन दिया गया. एसीजेएम-12 की अदालत में सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि आंध्र प्रदेश पुलिस के पास न तो विधिवत गिरफ्तारी वारंट था और न ही अद्यतन केस डायरी प्रस्तुत की गई थी. इस पर कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जाहिर की और ट्रांजिट रिमांड की मांग को खारिज कर दिया.

ट्रांजिट रिमांड नहीं दिया गया : सिविल कोर्ट के अधिवक्ता ऋषिकेश नारायण ने बताया कि किसी भी गिरफ्तारी की एक निर्धारित कानूनी प्रक्रिया होती है और उसे उसी प्रक्रिया के तहत पूरा किया जाना चाहिए. अदालत ने स्पष्ट किया कि विधि सम्मत दस्तावेजों के अभाव में ट्रांजिट रिमांड नहीं दिया जा सकता.

IPS M Sunil Nayak
सिविल कोर्ट में पुलिस की तैनाती (ETV Bharat)

''जब किसी आईएएस-आईपीएस को गिरफ्तार करने की बात आती है तो उससे पहले केन्द्र सरकार से अनुमति मांगी जाती है, वह अनुमति भी नहीं मांगी गई थी. एम. सुनील नायक अब पटना हाईकोर्ट से बेल ले सकते हैं. फिलहाल उनको बड़ी राहत मिली है.''- ऋषिकेश नारायण, अधिवक्ता, पटना सिविल कोर्ट

प्रक्रिया को लेकर सख्त टिप्पणी : सूत्रों के अनुसार, सुनवाई के दौरान कुछ पुलिस अधिकारी बिना वर्दी के कोर्ट में उपस्थित हुए थे, जिस पर भी अदालत ने आपत्ति जताई. बताया जा रहा है कि आंध्र प्रदेश पुलिस के तीन कर्मियों समेत संबंधित अधिकारियों को कोर्ट कक्ष में बैठाए रखा गया और प्रक्रिया को लेकर सख्त टिप्पणी की गई.

क्या है आरोप? : आईजी एम. सुनील नायक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्या के प्रयास) के तहत मामला दर्ज है. यह मामला आंध्र प्रदेश के नरसापुरम से पूर्व सांसद के. रघुराम कृष्णा राजू से जुड़ा बताया जा रहा है. आरोप है कि पूर्व में दर्ज प्रकरण में उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया था.

आंध्र प्रदेश ले जाने की कार्रवाई टली : फिलहाल पटना सिविल कोर्ट से राहत मिलने के बाद आईजी को तत्काल आंध्र प्रदेश ले जाने की कार्रवाई टल गई है. हालांकि, कानूनी प्रक्रिया आगे किस दिशा में बढ़ेगी, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं. पूरे घटनाक्रम को लेकर प्रशासनिक और पुलिस महकमे में भी हलचल बनी हुई है.

ये भी पढ़ें :-

कौन हैं IPS सुनील नायक? जिन्हें आंध्र पुलिस ने किया गिरफ्तार