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नक्सल विरोधी रणनीति से मिल रहे हैं नतीजे, 31 मार्च तक खत्म हो जाएगा नक्सलवाद- अमित शाह

अमित शाह ने रायपुर में वामपंथी उग्रवाद पर एक उच्च-स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक के बाद बड़ा बयान दिया है.

Meeting on anti-Naxal operations in Raipur
रायपुर में एंटी नक्सल ऑपरेशन पर मीटिंग (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : February 8, 2026 at 6:49 PM IST

4 Min Read
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रायपुर: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तीन दिनों के छत्तीसगढ़ दौरे पर हैं. दौरे के दूसरे दिन उन्होंने रायपुर में वामपंथी उग्रवाद (LWE, Left-Wing Extremism) पर एक उच्च-स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की. इस मीटिंग के बाद उन्होंने नक्सलवाद के खात्मे को लेकर बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि सुरक्षा-केंद्रित रणनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और माओवादियों के फाइनेंशियल नेटवर्क को तोड़ने से वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ लड़ाई में नतीजे मिले हैं, 31 मार्च से पहले इस खतरे को पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा.

31 मार्च 2026 तक खत्म हो जाएगा नक्सलवाद- शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मीटिंग पूरी होने की जानकारी सोशल मीडिया साइट एक्स पर दी. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि आज रायपुर में, मैंने छत्तीसगढ़ सरकार और अधिकारियों के साथ नक्सल विरोधी अभियानों पर एक समीक्षा बैठक की. सुरक्षा-केंद्रित रणनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, नक्सली फाइनेंशियल नेटवर्क को निशाना बनाने और सरेंडर नीति के सकारात्मक नतीजे मिले हैं, और 31 मार्च से पहले नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा.

आज रायपुर में छत्तीसगढ़ सरकार व अधिकारियों के साथ नक्सलविरोधी अभियानों पर समीक्षा बैठक की.सिक्योरिटी सेंट्रिक स्ट्रेटजी, इंफ्रास्ट्रक्चर, नक्सल फाइनेंशियल नेटवर्क पर प्रहार और आत्मसमर्पण नीति के सकारात्मक परिणाम आए हैं. इस 31 मार्च से पहले नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त हो रहा है- अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री

नक्सलवाद के खिलाफ जंग में प्रगति का संकेत- सीएम साय

छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया पोस्ट में इस मीटिंग की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि माननीय केंद्रीय गृह मंत्री जी, आपकी अध्यक्षता में आज नवा रायपुर में आयोजित LWE सुरक्षा समीक्षा बैठक नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक प्रगति का मजबूत संकेत है.डबल इंजन सरकार की सटीक सुरक्षा-केंद्रित रणनीति, मजबूत आधारभूत संरचना और नक्सल फाइनेंशियल नेटवर्क पर कड़े प्रहार से हमें सफलता मिली है. इसके अलावा प्रभावी आत्मसमर्पण नीति के सकारात्मक परिणाम आज छत्तीसगढ़ सहित नक्सल पीड़ित सभी प्रदेशों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं.

माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व और आपके सशक्त मार्गदर्शन में हम 31 मार्च तक छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. इस संकल्प को सिद्ध करने की दिशा में पूरी प्रतिबद्धता के साथ हम तेज गति से आगे बढ़ रहे हैं- विष्णुदेव साय, सीएम, छत्तीसगढ़

कई राज्यों और पुलिस फोर्स के अधिकारी रहे मौजूद

छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय, डिप्टी सीएम विजय शर्मा के साथ इस मीटिंग में कई राज्यों और पुलिस फोर्स के अधिकारी मौजूद रहे.जिसमें केंद्रीय गृह सचिव, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के निदेशक और गृह मंत्रालय में विशेष सचिव शामिल रहे. इस मीटिंग में सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF), बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF), इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस (ITBP) और नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) के महानिदेशक शामिल हुए. इसके अलावा छत्तीसगढ़, ओडिशा, महाराष्ट्र, झारखंड और तेलंगाना के कई वरिष्ठ अधिकारी भी इस बैठक में मौजूद रहे.

छत्तीसगढ़ में नक्सल मोर्चे पर मिल रही सफलता

छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा बस्तर संभाग नक्सल प्रभावित है. इसमें सात जिले शामिल हैं. ये जिले महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और ओडिशा के साथ सीमा साझा करते हैं, और लंबे समय से इसे माओवादियों का सबसे मजबूत गढ़ माने जाते रहे हैं. पिछले कुछ सालों में इस क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान तेज हुए हैं, जिससे नक्सलवाद पर तगड़ा प्रहार हुआ है.

छत्तीसगढ़ में जनवरी 2024 से नक्सल अभियानों को तेज गति मिली है. यहां साल 2024 से अब तक CPI (माओवादी) के महासचिव नंबाला केशवा राव उर्फ ​​बसवराजू जैसे टॉप नक्सल लीडर सहित 500 से अधिक नक्सलियों को फोर्स ने एनकाउंटर में मार गिराया है. इसी अवधि के दौरान राज्य में लगभग 1,900 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया और 2,500 से अधिक ने सरेंडर किया है.

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