3 दिन के अंदर बिहार में होने वाला है कुछ बहुत बड़ा.. अमित शाह ने अररिया की धरती से किया ऐलान
अररिया में अमित शाह ने बड़ा ऐलान किया है और कहा कि तीन दिन के अंदर घुसपैठियों के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन पूरे सीमांचल में चलेगा.

Published : February 26, 2026 at 1:03 PM IST
अररिया: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले अमित शाह का बिहार दौरा काफी अहम माना जा रहा है. अररिया में गृहमंत्री अमित शाह ने बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने बिहार और पूरे भारत से घुसपैठियों को निकालने के लिए बड़ा ऑपरेशन चलाने की घोषणा की है. अमित शाह ने कहा कि मैं आज बिहार के सीमांचल के क्षेत्र में आया हूं. बिहार की जनता को अपना पुराना वादा याद दिलाने आया हूं, जिसे अब पूरा करने का समय आ गया है.
घुसपैठियों के खिलाफ चलाया जाएगा बड़ा अभियान: अमित शाह ने कहा कि बिहार की जनता को कहना चाहता हूं कि हमने चुनाव में बिहार की जनता को वादा किया था कि हम बिहार को घुसपैठियों से मुक्त करेंगे. इसका मतलब सिर्फ मतदाता सूची से नाम हटाना नहीं है, बल्कि हम कृत संकल्पित हैं कि एक-एक घुसपैठियों को चुन-चुनकर भारत से बाहर भेजने का काम करेंगे.
"भारतीय जनता पार्टी और हमारी सरकार स्पष्ट करना चाहती है कि ये वादा चुनावी नहीं है. नरेंद्र मोदी सरकार का ये ढृढ़ संकल्प है. पूरे सीमांचल में कुछ ही समय में इसकी शुरुआत होनी जा रही है. मैं खुद सीमांचल में चार दिन चुनाव के समय रुका था और जनता से वादा किया था कि पूरे सीमांचल को घुसपैठियों से मुक्त करेंगे."- अमित शाह, केंद्रीय गृहमंत्री
बिहार के अररिया में बॉर्डर आउट पोस्ट्स 'लेटी' व 'इंदरवा' के उद्घाटन और सशस्त्र सीमा बल (SSB) के विभिन्न कार्यों के ई-लोकार्पण, ई-शिलान्यास से लाइव… https://t.co/zNxwxpS1S8
— Amit Shah (@AmitShah) February 26, 2026
अपना वादा याद कराने आया हूं: अमित शाह ने मुस्कुराते हुए कहा कि आमतौर पर जनता नेता को उनका वादा याद कराती है लेकिन आज मैं जनता को अपना वादा याद कराने आया हूं. क्योंकि मुझे सीमांचल की जनता का सहयोग चाहिए. घुसपैठिये गरीबों का राशन ले जाते हैं, रोजगार में भी संभावनाओं को क्षीण करते हैं. देश की सुरक्षा के लिए ये बहुत बड़ा चैलेंज है.
3 दिन में बड़ी मीटिंग कर बनेगी रणनीति: गृहमंत्री ने कहा कि अब समय आ गया है कि समूचे देश में हर स्तर पर काम कर देश को घुसपैठियों से मुक्त कराने का अभियान चलाया जाए. तीन दिन में भारत सरकार के सारे मंत्रालय, बिहार सरकार के गृह मंत्रालय, डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट,डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट ऑफिसर, एसपी और कई सारे संगठनों की डिटेल मीटिंग करके हम एक कार्य योजना बनाने जा रहे हैं.
भारत से बाहर जाएंगे घुसपैठिये: सीमा से 10 किलोमीटर के अंदर जितने भी अभेद्ध अतिक्रमण है, उन सारे अतिक्रमण को इस अभियान के तहत दूर किया जाएगा. घुसपैठियों को चिन्हित कर भारत से बाहर भेजने का काम करेंगे.

अमित शाह ने SSB के कार्यक्रम को किया संबोधित: अररिया में बॉर्डर आउट पोस्ट्स 'लेटी' व 'इंदरवा' के उद्घाटन और सशस्त्र सीमा बल के विभिन्न कार्यों के ई-लोकार्पण, ई-शिलान्यास के दौरान SSB के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि सीमा की सुरक्षा एसएसबी की अहम जिम्मेदारी हैं. 2001 में 1751 किमी लंबी भारत-नेपाल की बाढ़ बघेर सीमा की सुरक्षा एसएसबी के जिम्मे आई.
"2004 में 699 किमी भूटान की लंबी सीमाओं को आपको (SSB) सौंपा गया. कठिन से कठिन परिस्थिति में आपने (SSB) सीमाओं की रखवाली और गांव के जो भारत के रहने वाले नागरिक हैं, उनकी कुशलता की हमेशा चिंता की है. जब आप बॉर्डर बघेर की सीमा की सुरक्षा जिम्मेदारी उठा रहे हो, तब एक बात पर मैं ध्यान दिलाना चाहता हूं हमें मैत्रीपूर्ण रिश्तों की सुरक्षा करनी है."- अमित शाह, केंद्रीय गृहमंत्री

संवाद, संपर्क और अच्छे संबंध.. : अमित शाह ने कहा कि ये जरूरी नहीं कि हमारे देश को नुकसान पहुंचाने की मंशा रखने वाले तत्व देश के रास्ते का उपयोग कर भारत में प्रवेश करें. इसलिए सीमा सुरक्षा बल को अपनी नजर पैनी रखनी पड़ेगी और इंफोर्मेशन के स्त्रोतों को भी मजबूत रखने की जरूरत है. इसलिए सीमाओं के गांवों के अंदर सीमा सुरक्षा अधिकारी और जवान दोनों के संवाद, संपर्क और अच्छे संबंध हो. तभी गांव से हमें इंफोर्मेशन मिल सकती है.
SOP बनाने की अमित शाह का निर्देश: गृह मंत्री ने कहा कि सीमा के उसपार जो सशस्त्र बल हैं, उनका भी हमें उपयोग करना चाहिए और सहयोग करना चाहिए. सीमा की सुरक्षा के साथ-साथ अवैध स्मगलिंग, नार्कोटिक्स और कई प्रकार की गतिविधियां हैं, जिसपर हमें पैनी नजर रखनी है. मैं चाहूंगा कि एसएसबी के सभी अधिकारी मिलकर एक ऐसी SOP बनाएं. जिसे जवानों को ट्रेनिंग के समय से ही सीखाया जाए.
खतरों से निपटने का अमित शाह ने दिया मंत्र: उन्होंने कहा कि जहां बाढ़ फेंसिंग लगी है, उस सीमा की सुरक्षा करना सरल है. उस ओर मैत्रीपूर्ण व्यवहार न रखने वाला देश होने के बावजूद सरल है. क्योंकि बीच में बाढ़ है.जब खुली सीमा की सुरक्षा करनी होती है तो अनेक प्रकार के सीमा सुरक्षा के नए आयामों को हमें पहचानना पड़ता है और उसका समाधान भी ढूंढना पड़ता है. सीमा सुरक्षा के डीजी और अधिकारी एक ऐसी SOP बनाएं जो सभी खतरों को भांप लेने में सक्षम हों. बता दें कि अररिया स्थित इंडो-नेपाल सीमा पर तैनात SSB की 52वीं बटालियन के कैंप में अधिकारियों के साथ शाह ने बैठक की और संबोधन के दौरान ये बातें कहीं.
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